पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड June 22, 2026, 15:33 IST
सारांश
हर महीने 5000 रुपये की बचत करने वाले लोगों के लिए म्यूचुअल फंड एसआईपी और बैंक आरडी दो बेहतरीन विकल्प हैं। लेकिन 10 साल की लंबी अवधि में इन दोनों के रिटर्न में बहुत बड़ा अंतर आ जाता है। एसआईपी में 12 पर्सेंट के सालाना रिटर्न से बड़ा फंड तैयार होता है।

अलग-अलग बैंकों के ब्याज दर और एसआईपी के रिटर्न के अंतर को समझकर सही प्लानिंग करें।
अपनी गाढ़ी कमाई में से हर महीने कुछ पैसे बचाकर निवेश करना एक बहुत ही समझदारी भरा फैसला होता है। भारत में मध्यम वर्ग के लोगों के बीच हर महीने एक निश्चित रकम बचाने के लिए बैंक की रिकरिंग डिपॉजिट यानी आरडी (RD) और म्यूचुअल फंड की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP दो सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय माध्यम हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि अगर आप हर महीने 5000 रुपये की बचत शुरू करते हैं, तो आज से 10 साल बाद इन दोनों विकल्पों में मिलने वाले कुल फंड में कितना बड़ा अंतर आ सकता है? निवेश करने से पहले इस कैलकुलेशन को समझना आपके फाइनेंशियल गोल्स और फ्यूचर के लिए बेहद जरूरी है।
अगर आप म्यूचुअल फंड में हर महीने 5000 रुपये की SIP शुरू करते हैं और लगातार 10 सालों तक अपना निवेश जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश 6,00,000 रुपये हो जाएगा। अगर इस एसआईपी पर आपको सालाना औसतन 12 पर्सेंट का रिटर्न मिलता है, तो 10 साल बाद आपको मिलने वाला अनुमानित रिटर्न यानी एस्टिमेटेड रिटर्न्स 5,20,179 रुपये होगा। इसका मतलब यह है कि 10 साल की अवधि पूरी होने पर आपकी इस एसआईपी की कुल मैच्योरिटी वैल्यू यानी टोटल वैल्यू बढ़कर 11,20,179 रुपये हो जाएगी। लॉन्ग टर्म में कंपाउंडिंग का जादू कैसे काम करता है, यह इस कैलकुलेशन से आसानी से समझा जा सकता है।
दूसरी तरफ, अगर आप पूरी तरह सुरक्षित निवेश चाहते हैं और किसी बैंक में हर महीने 5000 रुपये की आरडी शुरू करते हैं, तो वहां मिलने वाला रिटर्न बैंकों की ब्याज दरों पर निर्भर करता है। वर्तमान समय में अलग-अलग बैंकों में आरडी की ब्याज दरें अलग-अलग हैं। देश के बड़े सरकारी बैंकों जैसे एसबीआई (SBI) की बात करें, तो यहां आरडी पर लगभग 6.50 पर्सेंट से 7.00 पर्सेंट तक का सालाना ब्याज मिलता है। वहीं, बड़े प्राइवेट बैंकों जैसे HDFC, ICICI और एक्सिस बैंक में यह दरें 4.50 पर्सेंट से लेकर 7.50 पर्सेंट के बीच बनी हुई हैं। इसके अलावा कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक और अन्य बैंक जैसे इंडसइंड या सूर्योदय बैंक अपने ग्राहकों को थोड़ा ज्यादा फायदा देते हैं और वहां आरडी पर अधिकतम 8.25 पर्सेंट तक का ब्याज मिल रहा है। आरडी में आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और इस पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।
अब बात करते हैं उस बड़े अंतर की जो 10 साल बाद आपके सामने आएगा। आरडी में भी 10 साल में आपका कुल निवेश 6,00,000 रुपये ही होगा। अगर आप किसी बड़े सरकारी या प्राइवेट बैंक में 7 पर्सेंट की औसत ब्याज दर पर RD करते हैं, तो 10 साल बाद आपकी कुल मैच्योरिटी राशि लगभग 8.73 लाख रुपये होगी, जिसमें ब्याज का हिस्सा करीब 2.73 लाख रुपये होगा। यानी 12 पर्सेंट रिटर्न वाली एसआईपी (11,20,179 रुपये) और 7 पर्सेंट वाली RD (8,73,536 रुपये) के बीच कुल फंड में करीब 2.46 लाख रुपये का एक बहुत बड़ा अंतर आ जाएगा। अगर आप सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8.25 पर्सेंट की दर पर भी आरडी खुलवाते हैं, तो 10 साल बाद आपका टोटल फंड लगभग 9.37 लाख रुपये बनेगा। इस स्थिति में भी एसआईपी के मुकाबले आपका फंड करीब 1.82 लाख रुपये कम रहेगा।
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