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  1. सैलरी का कितना हिस्सा EMI में जाना चाहिए, बैंक का नियम क्या है? होम लोन लेने से पहले जान लें ये डीटेल

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सैलरी का कितना हिस्सा EMI में जाना चाहिए, बैंक का नियम क्या है? होम लोन लेने से पहले जान लें ये डीटेल

Upstox

4 min read | अपडेटेड June 22, 2026, 14:22 IST

सारांश

अपना घर खरीदने के लिए होम लोन लेना एक बड़ा वित्तीय फैसला होता है। वित्तीय जानकारों के मुताबिक, आपकी मासिक सैलरी का अधिकतम 35 से 40 पर्सेंट हिस्सा ही होम लोन की ईएमआई में जाना चाहिए।

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होम लोन लेने से पहले अपनी सैलरी के हिसाब से ईएमआई का सही बजट बनाना जरूरी है।

अपना खुद का घर होना हर किसी का एक बहुत बड़ा सपना होता है। इस सपने को पूरा करने के लिए ज्यादातर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं। होम लोन एक लंबी अवधि का वित्तीय कमिटमेंट होता है, जो आमतौर पर 15 से 30 साल तक चलता है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी जेब और मासिक बजट का सही आकलन करना बेहद जरूरी होता है। अक्सर लोगों के मन में यह बड़ा सवाल उठता है कि उनकी हर महीने आने वाली सैलरी का कितना हिस्सा होम लोन की EMI में जाना चाहिए ताकि फ्यूचर में उनके ऊपर कोई मानसिक या आर्थिक दबाव न बने। अगर आप भी नया घर खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लेने की सोच रहे हैं, तो इसके जरूरी नियमों और गणित को पहले ही समझ लेना आपके लिए समझदारी का फैसला होगा।

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क्या है 35 से 40 पर्सेंट का थंब रूल?

फाइनेंस जगत के जानकारों और वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति की होम लोन EMI उसकी नेट मंथली सैलरी यानी हाथ में आने वाले वेतन के 35 से 40 पर्सेंट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसे पर्सनल फाइनेंस का एक बेहद भरोसेमंद थंब रूल मनाया जाता है। इस नियम का पालन करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि EMI चुकाने के बाद भी आपके पास घर के बाकी जरूरी खर्चों, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल जरूरतों और लाइफस्टाइल को मेंटेन करने के लिए पर्याप्त पैसा बचा रहता है। अगर आप अपनी सैलरी का एक बहुत बड़ा हिस्सा, जैसे 50 या 60 पर्सेंट केवल EMI में ही दे देंगे, तो आपके पास रोजमर्रा के खर्चों के लिए बहुत कम पैसे बचेंगे। ऐसी स्थिति में किसी भी इमरजेंसी के समय आपको दूसरे अनसिक्योर्ड लोन या क्रेडिट कार्ड पर निर्भर होना पड़ सकता है, जो आपकी वित्तीय स्थिति को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।

बैंक कैसे तय करते हैं आपकी लोन लिमिट?

जब आप किसी बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो वे आपकी रीपेमेंट क्षमता की जांच करने के लिए FOIR यानी फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो का इस्तेमाल करते हैं। इस बैंकिंग नियम के तहत, बैंक यह देखते हैं कि आपकी कुल कमाई का कितना हिस्सा पहले से ही किसी लोन की EMI में जा रहा है। आमतौर पर सभी बैंकों में इस लिमिट को 50 से 55 पर्सेंट पर फिक्स किया जाता है। इसका मतलब यह है कि आपके पुराने सभी लोन (जैसे कार लोन या पर्सनल लोन) और नया होम लोन मिलाकर आपकी कुल EMI सैलरी के 55 पर्सेंट से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर आपके ऊपर पहले से ही कोई कर्ज चल रहा है, तो बैंक आपके नए होम लोन की राशि को घटा देते हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि नया होम लोन अप्लाई करने से पहले अपने पुराने छोटे कर्जों को पूरी तरह चुका दें ताकि आपको ज्यादा लोन मिल सके।

होम लोन की EMI के बोझ को कम करने का एक बेहतरीन तरीका यह है कि आप घर खरीदते समय अपनी तरफ से ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करने की कोशिश करें। रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंक प्रॉपर्टी की वैल्यू का 75 से 90 पर्सेंट तक ही लोन दे सकते हैं, बाकी का हिस्सा आपको खुद देना होता है। अगर आप शुरुआत में ही एक बड़ी राशि डाउन पेमेंट के रूप में दे देते हैं, तो आपको बैंक से कम लोन लेना पड़ेगा और इससे आपकी मासिक EMI का बोझ भी अपने आप काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा, अपनी लोन पात्रता को बढ़ाने और EMI के बोझ को बांटने के लिए आप अपने कामकाजी जीवनसाथी यानी पति या पत्नी को को-एप्लिकेंट के रूप में शामिल कर सकते हैं। दोनों की इनकम मिलने से बैंक आसानी से बड़ा लोन मंजूर कर देते हैं और आप मिलकर EMI चुका सकते हैं।

इन बातों का रखें खास ध्यान

होम लोन लेते समय लोन की अवधि यानी टेन्योर का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। लंबी अवधि, जैसे 25 या 30 साल के लिए लोन लेने पर आपकी हर महीने की EMI तो कम हो जाती है, लेकिन इसमें आपको पूरे लोन काल के दौरान ब्याज के रूप में बैंक को एक बहुत बड़ी रकम चुकानी पड़ती है। इसके विपरीत, कम अवधि का लोन लेने पर EMI थोड़ी बड़ी होती है, लेकिन आप बहुत जल्द कर्ज मुक्त हो जाते हैं और ब्याज का पैसा भी बचता है। चूंकि होम लोन फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर होते हैं, इसलिए फ्यूचर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अपने बजट में थोड़ा सा मार्जिन या स्पेस हमेशा छोड़कर चलना चाहिए ताकि अगर कभी EMI बढ़े, तो आपकी वित्तीय योजना प्रभावित न हो। लोन के लिए आगे बढ़ने से पहले ऑनलाइन उपलब्ध होम लोन EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके अलग-अलग अवधियों के हिसाब से अपना पूरा प्लान जरूर चेक कर लें।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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