पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड June 22, 2026, 13:08 IST
सारांश
ईपीएफओ 3.0 के तहत भविष्य निधि संगठन पीएफ सेवाओं को तेज और आसान बनाने के लिए बड़े सुधार करने जा रहा है। अब ईपीएफ मेंबर्स अपने पीएफ का पैसा सीधे यूपीआई के जरिए अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई और लंबा इंतजार पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

ईपीएफओ 3.0 के तहत अब यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा निकालना बेहद आसान हो जाएगा। | Image: Shutterstock
देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO की तरफ से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार EPFO 3.0 के तहत मेंबर्स के लिए कई बड़े और आसान सुधार करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य PF से जुड़ी सभी सेवाओं को ज्यादा तेज, सरल और सुविधाजनक बनाना है। इस नए बदलाव के बाद EPF मेंबर्स को अपने PF का पैसा निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब वे UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के माध्यम से सीधे अपने बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इस ऐतिहासिक कदम से कागजी कार्रवाई का झंझट और लंबा इंतजार पूरी तरह से खत्म होने की उम्मीद है।
EPFO 3.0 सरकार का एक बहुत बड़ा डिजिटल अपग्रेड प्रोग्राम है। इसके जरिए PF सब्सक्राइबर्स पूरी तरह से पेपरलेस यानी बिना किसी कागजी कार्रवाई के तुरंत अपना पैसा निकाल या ट्रांसफर कर सकेंगे। नया सिस्टम प्रोसेसिंग में होने वाली सभी देरी को पूरी तरह खत्म कर देगा। मेंबर्स सीधे यूपीआई और यूपीआई इनेबल्ड एटीएम का इस्तेमाल करके अपनी बचत तक पहुंच सकेंगे और उसे तुरंत ट्रांसफर कर पाएंगे। इससे लोगों को इमरजेंसी के समय पैसों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने या लंबे प्रोसेस से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।
अगर हम अभी के यानी मौजूदा सिस्टम की बात करें, तो PF का पैसा निकालने के लिए मेंबर्स को एक लंबा और समय लेने वाला क्लेम प्रोसेस पूरा करना पड़ता है। इसके लिए सबसे पहले EPFO की वेबसाइट या ऑफिस जाकर फॉर्म-31 भरना होता है। इसके बाद KYC वेरिफिकेशन और फिर कंपनी यानी एम्प्लायर की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है। अगर दस्तावेजों में कोई भी गड़बड़ी हो, तो इंतजार और लंबा हो जाता है। कंपनी बदलने की स्थिति में तो यह समय बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इन सब प्रक्रियाओं के बाद भी पैसा खाते में आने में 7 से 10 दिनों का समय लग जाता है। इसके अलावा, अगर निकालने वाली रकम 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उसका मैनुअल वेरिफिकेशन किया जाता है, जिसमें मिसमैच होने पर पूरा प्रोसेस दोबारा शुरू करना पड़ता है।
नए EPFO 3.0 सिस्टम के आने के बाद यह पूरा प्रोसेस बेहद आसान और पारदर्शी हो जाएगा। मेंबर्स उमंग ऐप पर जाकर यह चेक कर सकेंगे कि वे कितना पैसा अपने लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके बाद वे एक सुरक्षित क्यूआर कोड जनरेट करेंगे और सीधे अपने बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर लेंगे। खाता में पैसा आने के बाद मेंबर्स उसका इस्तेमाल पेमेंट करने या एटीएम से पैसे निकालने के लिए कर सकते हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस ऑटो सेटलमेंट मोड की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें कंपनी की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं होगी और न ही कोई लंबा इंतजार करना होगा। मेंबर्स सिर्फ एक टैप से यूपीआई इनेबल्ड एटीएम या यूपीआई ट्रांसफर का लाभ उठा सकेंगे।
श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले महीने जानकारी दी थी कि सरकार ने इस नई सुविधा की टेस्टिंग का काम पूरी तरह से पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस सर्विस को बहुत जल्द देश भर में रोल आउट यानी लागू किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित तारीख का एलान नहीं किया है। श्रम मंत्री के मुताबिक, यूपीआई पेमेंट गेटवे के इस्तेमाल की टेस्टिंग सफल रही है और PF का पैसा सीधे मेंबर्स के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने साल 2024-25 के दौरान पेरोल में 1.29 करोड़ से ज्यादा नए वर्कर्स को जोड़ा है। इसी समय में बेरोजगारी दर भी साल 2017-18 के 6 पर्सेंट से घटकर साल 2023-24 में 3.2 पर्सेंट पर आ गई है। EPFO इस समय करीब 28 लाख करोड़ रुपये के फंड का मैनेजमेंट करता है और अपने मजबूत सिस्टम, सुरक्षा और टैक्स फ्री रिटर्न की वजह से करोड़ों मेंबर्स का इस पर अटूट भरोसा बना हुआ है।
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