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Ladki Bahin Yojana: 80 लाख महिलाओं को नहीं मिलीं पिछली 2 किस्तें, जानिए क्यों हटाए गए नाम?

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 01, 2026, 16:44 IST

सारांश

Ladki Bahin Yojana: करीब 50 से 55 लाख महिलाओं की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इन महिलाओं का भुगतान इसलिए रोका गया है क्योंकि उन्होंने निर्धारित समय सीमा तक e-KYC पूरा नहीं किया। e-KYC की अंतिम तारीख अप्रैल 2026 के अंत तक थी।

Ladki Bahin Yojana

Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin: सरकार का कहना है कि अपात्र लाभार्थियों को दोबारा योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना की करीब 80 लाख लाभार्थी महिलाओं को पिछले दो किस्तों का पैसा नहीं मिला है। राज्य सरकार लाभार्थियों की सूची की जांच और सत्यापन कर रही है, जिसके चलते कई महिलाओं का भुगतान रोक दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, योजना के तहत शुरुआत में करीब 2.46 करोड़ महिलाएं पंजीकृत थीं। लेकिन हाल की दो किस्तें केवल 1.66 करोड़ महिलाओं को ही जारी की गईं। यानी लगभग 80 लाख महिलाएं ऐसी रहीं जिन्हें भुगतान नहीं मिला।

हटा दिए गए 30 लाख महिलाओं के नाम

80 लाख महिलाओं में से करीब 25 से 30 लाख लाभार्थियों के नाम स्थायी रूप से सूची से हटा दिए गए हैं। जांच में पाया गया कि ये लोग योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इनमें चार पहिया वाहन के मालिक, सालाना 2.5 लाख रुपये से अधिक आय वाले लोग, अन्य सरकारी योजनाओं से पहले से 1,500 रुपये प्रति माह का लाभ लेने वाले व्यक्ति, सरकारी कर्मचारी, फर्जी तरीके से आवेदन करने वाले पुरुष और उम्र संबंधी नियमों को पूरा न करने वाले आवेदक शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि ऐसे अपात्र लाभार्थियों को दोबारा योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी जिनके नाम पात्रता की कमी के कारण हटाए गए हैं, उन्हें भविष्य में भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

55 लाख महिलाओं को क्यों नहीं मिला पैसा?

करीब 50 से 55 लाख महिलाओं की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इन महिलाओं का भुगतान इसलिए रोका गया है क्योंकि उन्होंने निर्धारित समय सीमा तक e-KYC पूरा नहीं किया। e-KYC की अंतिम तारीख अप्रैल 2026 के अंत तक थी।

अब बड़ा सवाल यह है कि अगर ये महिलाएं अब e-KYC पूरा कर देती हैं तो क्या उन्हें दोबारा योजना का लाभ मिलेगा या फिर उनके नाम भी स्थायी रूप से हटा दिए जाएंगे। इस पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इसका निर्णय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नहीं बल्कि राज्य सरकार करेगी।

अपात्र लोगों को जारी पैसे का क्या होगा?

एक और बड़ा सवाल यह है कि पिछले एक साल में जिन अपात्र लोगों को योजना का पैसा मिल चुका है, उस रकम का क्या होगा। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन लोगों से पैसा वापस लिया जाएगा या नहीं। इस मामले पर महाराष्ट्र सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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