return to news
  1. 75+ बुजुर्गों को ITR भरने की जरूरत नहीं, लेकिन हर किसी के लिए नहीं है यह सुविधा, समझिए नियम

पर्सनल फाइनेंस

75+ बुजुर्गों को ITR भरने की जरूरत नहीं, लेकिन हर किसी के लिए नहीं है यह सुविधा, समझिए नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 18, 2026, 18:50 IST

सारांश

ITR filing: सबसे बड़ा बदलाव Form 125 को लेकर है, जिसे पहले Form 12BBA कहा जाता था। इस फॉर्म के जरिए कुछ वरिष्ठ नागरिकों को ITR भरने से पूरी तरह छूट मिल सकती है। यानी अगर आप पात्र हैं, तो आपको अलग से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।

itr

इस सुविधा का मकसद बुजुर्गों के लिए हर साल ITR भरने की परेशानी को कम करना है।

ITR filing: ऐसे सीनियर सिटीजन जिनकी उम्र 75 साल या उससे ज्यादा है, उन्हें FY2026–27 में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की जरूरत नहीं है। दरअसल, सरकार ने इन्हें इनकम टैक्स नियमों में कुछ राहत दी है। इसका मकसद बुजुर्गों के लिए हर साल ITR भरने की परेशानी को कम करना है। हालांकि यह सुविधा सभी को नहीं मिलेगी, बल्कि कुछ तय शर्तों को पूरा करने वालों को ही इसका फायदा मिलेगा।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

क्या हैं फायदे

सबसे बड़ा बदलाव Form 125 को लेकर है, जिसे पहले Form 12BBA कहा जाता था। इस फॉर्म के जरिए कुछ वरिष्ठ नागरिकों को ITR भरने से पूरी तरह छूट मिल सकती है। यानी अगर आप पात्र हैं, तो आपको अलग से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।

इस व्यवस्था में संबंधित वरिष्ठ नागरिक को अपने बैंक में Form 125 जमा करना होगा। इसके बाद बैंक उनकी कुल टैक्सेबल इनकम की गणना करेगा, उपलब्ध छूट और डिडक्शन लगाएगा, जरूरी टैक्स काटेगा और सरकार के पास जमा कर देगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस व्यक्ति को ITR फाइल करने से छूट मिल जाएगी।

सिर्फ इन लोगों को मिलेगी सुविधा

यह सुविधा हर किसी के लिए नहीं है। इसके लिए व्यक्ति की उम्र 75 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए, वह भारत का निवासी होना चाहिए, और उसकी आय केवल दो स्रोतों से होनी चाहिए—पेंशन और ब्याज। सबसे जरूरी बात, पेंशन और ब्याज दोनों एक ही बैंक से आने चाहिए।

अगर किसी वरिष्ठ नागरिक की आय किराए, शेयर बाजार के मुनाफे, अलग-अलग बैंकों की FD या बिजनेस जैसी किसी अन्य जगह से भी है, तो वह इस छूट के लिए पात्र नहीं होगा। साथ ही, बैंक सरकार द्वारा घोषित स्पेसिफाइड बैंक होना चाहिए।

इसके अलावा पात्र वरिष्ठ नागरिक चाहें तो ऑनलाइन की बजाय पेपर फॉर्म में भी ITR फाइल कर सकते हैं, जिससे उन लोगों को सुविधा मिलेगी जो डिजिटल प्रक्रिया में सहज नहीं हैं। एक और राहत यह है कि जिन वरिष्ठ नागरिकों की आय बिजनेस या प्रोफेशन से नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं होगी। यानी एडवांस टैक्स नहीं देने पर लगने वाले सेक्शन 234B और 234C के ब्याज से भी राहत मिलेगी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

सुनने में यह नियम बहुत राहत देने वाला लगता है, लेकिन टैक्स एक्सर्ट्स का कहना है कि वास्तव में बहुत कम लोग इसके दायरे में आएंगे। वजह यह है कि ज्यादातर बुजुर्गों की आय कई बैंक खातों, किराए, निवेश या अन्य बचत योजनाओं से आती है। ऐसे लोगों को अब भी सामान्य तरीके से ITR भरना होगा।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख