पर्सनल फाइनेंस
.png)
3 min read | अपडेटेड May 18, 2026, 13:11 IST
सारांश
पीएफआरडीए के नए सर्कुलर के अनुसार, एनपीएस सब्सक्राइबर्स अब 85 वर्ष की आयु तक मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर रेगुलर पेआउट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आरआईएस स्टेडी स्कीम और दो ड्राडाउन विकल्प दिए गए हैं।

NPS सब्सक्राइबर्स के लिए PFRDA ने शुरू की नई रिटायरमेंट इनकम स्कीम्स। | Image: Shutterstock.
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS के सब्सक्राइबर्स के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी PFRDA ने NPS के तहत एक नई पहल करते हुए रिटायरमेंट इनकम स्कीम्स यानी आरआईएस और नए आहरण विकल्पों को पेश कर दिया है। प्राधिकरण के इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य सब्सक्राइबर्स को उनके रिटायरमेंट के बाद फंड निकासी वाले चरण में अधिक लचीलापन और बेहतर आवधिक भुगतान के विकल्प प्रदान करना है। इसके साथ ही इस स्कीम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सब्सक्राइबर्स के बचे हुए फंड यानी कॉर्पस में लगातार बढ़ोतरी होती रहे और उनका कैशफ्लो भी फ्यूचर में पूरी तरह सुरक्षित बना रहे।
PFRDA द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह नई सुविधा NPS के तहत आने वाले सरकारी और गैर-सरकारी दोनों ही क्षेत्रों के सब्सक्राइबर्स के लिए पूरी तरह उपलब्ध होगी। इसके तहत सब्सक्राइबर्स को अपने तय किए गए पेंशन कॉर्पस की चरणबद्ध तरीके से निकासी करने की पूरी छूट मिलेगी।
सबसे अच्छी बात यह है कि इस नई व्यवस्था के तहत की जाने वाली निकासियों का वार्षिकी यानी एन्युइटी की खरीद के लिए निर्धारित अनिवार्य 20 पर्सेंट या 40 पर्सेंट कॉर्पस पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि आजीवन पेंशन के लिए जो न्यूनतम वैधानिक आवश्यकता जरूरी है, वह पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और सब्सक्राइबर्स को बिना किसी रुकावट के पेंशन मिलती रहेगी।
इस नए नियम के आने के बाद अब सब्सक्राइबर्स NPS से निकास के समय अपनी पसंद के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं। वे अपनी जमा राशि से अधिकतम 85 वर्ष की आयु तक मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर आवधिक भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। PFRDA का प्राथमिक उद्देश्य इस लाइफ साइकिल फंड के माध्यम से सब्सक्राइबर्स के लिए कैशफ्लो की निश्चितता को बढ़ाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आहरण अवधि समाप्त होने से पहले सब्सक्राइबर्स का पूरा कॉर्पस अचानक जल्दी खत्म न हो जाए। इस योजना को आरआईएस स्टेडी यानी संतुलित नाम दिया गया है, जो एक खास ग्लाइड पाथ पर काम करेगी। इसमें उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी एक्सपोजर को 60 वर्ष की आयु के 35 पर्सेंट से घटाकर 75 वर्ष की आयु तक 10 पर्सेंट के स्तर पर लाया जाएगा।
जब कोई सब्सक्राइबर अपना NPS अकाउंट बंद करेगा, तो उस समय उसे आहरण विकल्प चुनने की सुविधा मिलेगी। एक बार विकल्प चुनने के बाद खाते में नया अंशदान बंद हो जाएगा। सब्सक्राइबर्स को दो विकल्प दिए गए हैं, जिसमें पहला व्यवस्थित पेआउट रेट यानी एसपीआर है, जो डिफॉल्ट विकल्प होगा। दूसरा विकल्प व्यवस्थित यूनिट रिडेम्पशन यानी एसयूआर इक्वल यूनिट्स का है। एसपीआर विकल्प चुनने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए पेआउट रेट और मिलने वाली राशि हर साल उनके जन्मदिवस पर रीसेट की जाएगी, जो बाजार मूल्य पर आधारित होगी।
सब्सक्राइबर्स के पास हर दो फाइनेंशियल ईयर में एक बार अपना पेंशन फंड बदलने का भी विकल्प मौजूद रहेगा। अगर भुगतान चरण के दौरान सब्सक्राइबर की मृत्यु हो जाती है, तो बची हुई राशि का भुगतान नियमों के अनुसार नॉमिनी को कर दिया जाएगा।
बता दें कि PFRDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत मिलने वाले आवधिक भुगतान पर किसी भी तरह की गारंटी या आश्वासन नहीं दिया जाएगा। यह पूरा भुगतान पूरी तरह से बाजार जोखिमों के अधीन होगा।
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख