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  1. ITR-1 और ITR-2 को लेकर कन्फ्यूजन? यहां समझें किस टैक्सपेयर के लिए कौन-सा फॉर्म सही

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ITR-1 और ITR-2 को लेकर कन्फ्यूजन? यहां समझें किस टैक्सपेयर के लिए कौन-सा फॉर्म सही

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 02, 2026, 17:09 IST

सारांश

Income Tax: इस साल ITR-1 के दायरे को एक और तरीके से बढ़ाया गया है। पहले केवल एक मकान रखने वाले लोग ही ITR-1 भर सकते थे, लेकिन अब दो हाउस प्रॉपर्टी वाले भी इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Income Tax Return

Income Tax Return: पहले सिर्फ शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले कई लोगों को ITR-2 भरना पड़ता था।

Income Tax: आमतौर पर नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय ITR-1 और ITR-2 को लेकर काफी कनफ्यूजन होता है। हालांकि, अगर आप हर साल सिर्फ शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने की वजह से ITR-2 भरते थे, तो इस बार आपके लिए राहत की खबर है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर विभाग ने ITR-1 (सहज) के नियमों में बदलाव किया है, जिससे कई सैलरीड टैक्सपेयर्स अब आसान फॉर्म ITR-1 का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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क्या बदला है नियम?

पहले अगर किसी टैक्सपेयर को शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर थोड़ा-सा भी कैपिटल गेन होता था, तो उसे ITR-2 भरना पड़ता था। लेकिन अब अगर कोई भारतीय निवासी है और उसे Section 112A के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) ₹1.25 लाख तक हुआ है, तो वह ITR-1 भर सकता है, बशर्ते वह बाकी सभी शर्तें भी पूरी करता हो।

क्यों है यह बदलाव अहम?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले सिर्फ शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले कई लोगों को ITR-2 भरना पड़ता था। अब अगर उनका LTCG ₹1.25 लाख तक है, तो वे सीधे ITR-1 भर सकते हैं, जो काफी आसान और कम जटिल फॉर्म है। दरअसल, लिस्टेड शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर ₹1.25 लाख तक का LTCG टैक्स-फ्री होता है। इसलिए छोटे निवेशकों के लिए यह बदलाव काफी राहत देने वाला है।

दो घर होने पर भी भर सकेंगे ITR-1

इस साल ITR-1 के दायरे को एक और तरीके से बढ़ाया गया है। पहले केवल एक मकान रखने वाले लोग ही ITR-1 भर सकते थे, लेकिन अब दो हाउस प्रॉपर्टी वाले भी इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बदलाव उन नौकरीपेशा लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिनका पैतृक घर एक शहर में है और नौकरी किसी दूसरे शहर में है।

किन लोगों को अब भी भरना होगा ITR-2?

अगर आपका LTCG ₹1.25 लाख से ज्यादा है, या आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ है, या आप कैपिटल लॉस को आगे के वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं, तो आपको अब भी ITR-2 भरना होगा। इसके अलावा, जिन लोगों की शेयर बाजार में ज्यादा खरीद-बिक्री होती है, डेरिवेटिव्स या स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग से आय होती है या उनकी आय के अन्य जटिल स्रोत हैं, वे भी ITR-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

क्या बड़ी संख्या में लोग ITR-1 पर शिफ्ट होंगे?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियमों में बदलाव जरूर स्वागत योग्य है, लेकिन अभी तक बड़ी संख्या में लोग ITR-2 से ITR-1 में शिफ्ट होते नहीं दिख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि कई टैक्सपेयर्स के पास शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन, ₹1.25 लाख से ज्यादा LTCG या अन्य जटिल आय के स्रोत हैं।

हालांकि, जिन सैलरीड कर्मचारियों की आय का ढांचा सरल है और जिन्होंने सिर्फ मामूली इक्विटी निवेश बेचे हैं, उनके लिए इस साल ITR भरना पहले की तुलना में काफी आसान हो सकता है। इसलिए अगर आप पहले सिर्फ छोटे कैपिटल गेन की वजह से ITR-2 भरते थे, तो इस बार ITR-1 के लिए अपनी पात्रता जरूर जांच लें।

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