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4 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 14:32 IST
सारांश
डाक विभाग के इस आदेश में अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इसमें मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस), ग्रुप सी कर्मचारी और नॉन-गजेटेड ग्रुप बी कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा, नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को भी एक्स-ग्रेशिया बोनस दिया जाएगा।

पात्र नियमित विभागीय कर्मचारियों को 60 दिन के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा।
डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को 60 दिन के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा। इसके अलावा, नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को एक्स-ग्रेशिया बोनस और पात्र कैजुअल कर्मचारियों को एड-हॉक बोनस भी दिया जाएगा। डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने 16 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश का नंबर PP-26/1/2020-PAP है। बोनस का भुगतान निर्धारित नियमों, पात्रता की शर्तों और कैलकुलेशन के फॉर्मूले के आधार पर किया जाएगा।
डाक विभाग के इस आदेश में अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इसमें मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस), ग्रुप सी कर्मचारी और नॉन-गजेटेड ग्रुप बी कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा, नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को भी एक्स-ग्रेशिया बोनस दिया जाएगा।
पात्र फुल-टाइम कैजुअल लेबर और टेंपरेरी स्टेटस वाले कैजुअल कर्मचारियों को एड-हॉक बोनस मिल सकता है। हालांकि, हर श्रेणी के लिए पात्रता की अलग-अलग शर्तें निर्धारित की गई हैं। इसलिए केवल डाक विभाग में काम करने से ही बोनस मिलना सुनिश्चित नहीं होता। कर्मचारियों को संबंधित नियमों के तहत पात्र होना जरूरी है।
पात्र नियमित विभागीय कर्मचारियों को 60 दिन के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा। इसकी गणना के लिए मासिक वेतन की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। यानी बोनस की कैलकुलेशन करते समय निर्धारित सीमा और अन्य लागू नियमों का ध्यान रखा जाएगा। बोनस की गणना के लिए विभाग ने एक फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत औसत मासिक वेतन को 60 से गुणा करके 30.4 से भाग दिया जाएगा।
बोनस = (औसत मासिक वेतन × 60) ÷ 30.4
यहां औसत मासिक वेतन का मतलब वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान यानी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक मिले वेतन से है। गणना में निर्धारित 7,000 रुपये की मासिक सीमा लागू होगी। वेतन में बेसिक पे, महंगाई भत्ता (डीए), एसबी अलाउंस, डेपुटेशन ड्यूटी अलाउंस और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में फैकल्टी सदस्यों को मिलने वाला ट्रेनिंग अलाउंस शामिल हो सकता है। कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक राशि उसके पात्र वेतन और सेवा संबंधी शर्तों पर निर्भर करेगी।
नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को भी इस आदेश के तहत बोनस दिया जाएगा। उनके बोनस की गणना टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (टीआरसीए) और संबंधित महंगाई भत्ते के आधार पर होगी। जिन ग्रामीण डाक सेवकों ने पूरे वित्त वर्ष में ड्यूटी की है, उनके लिए 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक मिले टीआरसीए और महंगाई भत्ते को ध्यान में रखा जाएगा। यदि दोनों को मिलाकर मासिक राशि 7,000 रुपये से ज्यादा है, तो गणना के लिए 7,000 रुपये की सीमा लागू होगी।
बोनस = (औसत मासिक टीआरसीए × 60) ÷ 30.4
अगर किसी ग्रामीण डाक सेवक की नियुक्ति वित्त वर्ष के बीच में हुई है, उसे ड्यूटी से हटाया गया है या उसने सेवा छोड़ दी है, तो नियमों के अनुसार उसे काम की अवधि के अनुपात में बोनस मिल सकता है।
पात्र फुल-टाइम कैजुअल कर्मचारियों को भी एड-हॉक बोनस दिया जा सकता है। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक लगातार तीन साल या उससे अधिक समय तक हर साल कम से कम 240 दिन, प्रतिदिन आठ घंटे काम करने की शर्त निर्धारित की गई है।
पांच दिन काम करने वाले सप्ताह वाले कार्यालयों में यह शर्त हर साल 206 दिन की है। ऐसे कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए 1,200 रुपये की काल्पनिक मासिक मजदूरी निर्धारित की गई है। यदि किसी कर्मचारी की वास्तविक मासिक मजदूरी 1,200 रुपये से कम है, तो गणना में उसकी वास्तविक मजदूरी को ध्यान में रखा जाएगा।
डाक विभाग ने नियमित कर्मचारियों, ग्रामीण डाक सेवकों और कैजुअल कर्मचारियों के लिए अलग-अलग गणना के नियम तय किए हैं। अंतिम बोनस राशि को निकटतम रुपये में राउंड ऑफ किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि बोनस पर होने वाला खर्च वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत बजट से पूरा किया जाएगा। कर्मचारियों को अपनी पात्रता, सेवा अवधि और बोनस की वास्तविक राशि की जानकारी के लिए डाक विभाग के आधिकारिक आदेश या अपने संबंधित प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
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