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  1. बेटी के लिए सुकन्या खाते में हर महीने ₹5 हजार या ₹10 हजार लगाएं तो कितने लाख मिलेंगे? देखें पूरी कैलकुलेशन

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बेटी के लिए सुकन्या खाते में हर महीने ₹5 हजार या ₹10 हजार लगाएं तो कितने लाख मिलेंगे? देखें पूरी कैलकुलेशन

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 18, 2026, 17:41 IST

सारांश

सुकन्या समृद्धि योजना बेटी के फ्यूचर के लिए एक बेहतरीन सरकारी बचत स्कीम है। इसमें अभी 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस खाते में 15 साल तक पैसे जमा करने होते हैं और 21 साल में मैच्योरिटी मिलती है।

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सुकन्या समृद्धि योजना में हर महीने 5 हजार या 10 हजार रुपये जमा करने पर मिलेगा लाखों का फंड।

माता-पिता अक्सर अपनी बेटी की पढ़ाई और उसके दूसरे फ्यूचर की जरूरतों को पूरा करने के लिए बचपन से ही बचत शुरू कर देते हैं। इसके लिए सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक बहुत लोकप्रिय विकल्प है। यह योजना खास बेटियों के लिए है, जिस पर सरकार समय-समय पर ब्याज तय करती है। मौजूदा समय में इस पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है। इसमें 15 साल तक पैसे जमा किए जाते हैं और 21 साल पूरे होने पर यह मैच्योर होता है। इसमें एक साल में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि हर महीने 5,000 या 10,000 रुपये जमा करने पर मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिलेगी।

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हर महीने 5,000 रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा?

अगर आप सुकन्या खाते में हर महीने 5,000 रुपये डालते हैं, तो आपका सालाना निवेश 60,000 रुपये होगा। 15 साल तक लगातार जमा करने पर आपका कुल निवेश 9 लाख रुपये हो जाएगा। 15 साल बाद आपको पैसे जमा नहीं करने होंगे, लेकिन 21 साल पूरे होने तक खाते की रकम पर ब्याज मिलता रहेगा। अगर 8.2% की ब्याज दर पूरी अवधि में बनी रहती है, तो मैच्योरिटी पर करीब 27.73 लाख रुपये मिल सकते हैं। यानी 9 लाख रुपये के निवेश पर पूरे समय में करीब 18.73 लाख रुपये केवल ब्याज से मिलेंगे।

हर महीने 10,000 रुपये के निवेश का क्या है गणित?

अगर कोई अभिभावक हर महीने 10,000 रुपये जमा करते हैं, तो साल भर में कुल जमा 1.20 लाख रुपये होगा। इस तरह 15 साल में कुल निवेश 18 लाख रुपये पहुंच जाएगा। 8.2% की ब्याज दर पर 21 साल बाद मैच्योरिटी के समय करीब 55.46 लाख रुपये की रकम मिलेगी। इसमें आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये होगा, जबकि करीब 37.46 लाख रुपये का बड़ा हिस्सा ब्याज के रूप में जुड़ेगा। यह दिखाता है कि निवेश बढ़ाने से मैच्योरिटी फंड में कितना बड़ा इजाफा होता है।

5,000 और 10,000 रुपये के निवेश में अंतर?

दोनों विकल्पों में महीने के निवेश का अंतर 5,000 रुपये है। 5,000 रुपये महीने पर 15 साल में 9 लाख जमा होते हैं, जबकि 10,000 रुपये पर यह रकम दोगुनी होकर 18 लाख रुपये हो जाती है। लेकिन मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम में भारी अंतर आता है। 5,000 रुपये महीने पर करीब 27.73 लाख और 10,000 रुपये महीने पर करीब 55.46 लाख रुपये मिलते हैं। यानी 9 लाख रुपये ज्यादा लगाने पर मैच्योरिटी पर करीब 27.73 लाख रुपये अधिक मिलते हैं। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग के चलते फंड तेजी से बढ़ता है।

सुकन्या योजना में केवल शुरुआती 15 साल ही पैसे जमा करने होते हैं, जबकि खाता 21 साल में मैच्योर होता है। बाकी बचे 6 साल में कोई नया पैसा न डालने पर भी खाते के पूरे बैलेंस पर ब्याज जुड़ता रहता है। तब तक खाते में बड़ी रकम जमा हो चुकी होती है, जिससे ब्याज तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा इस खाते में हर महीने पैसे डालना अनिवार्य नहीं है। आप साल में कभी भी पैसे जमा कर सकते हैं, बस सालाना न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये की सीमा का ध्यान रखना होता है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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