return to news
  1. SBI ने बढ़ाई होम लोन लेने वालों की टेंशन, ब्याज दरें हुई महंगी, यहां समझें EMI कितना होगा असर

पर्सनल फाइनेंस

SBI ने बढ़ाई होम लोन लेने वालों की टेंशन, ब्याज दरें हुई महंगी, यहां समझें EMI कितना होगा असर

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 16, 2026, 17:19 IST

सारांश

SBI Home Loan, SBI Interest Rate Hike, External Benchmark Linked Rate, EBLR, Home Loan EMI, SBI Lending Rates, BankBazaar, Loan Tenure, Home Loan Interest, Banking News, State Bank of India, Home Loan Borrowers, Repo Linked Rate, EMI Calculator, Personal Finance, Loan Against Property, Top Up Loan, Real Estate Loan, Interest Rate Revision, EMI Burden

sbi-hikes-home-loan-interest-rates

एसबीआई ने होम लोन की ब्याज दरों में की 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI ने अपने होम लोन ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने अपने बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है, जिससे होम लोन ग्राहकों की उधारी लागत बढ़ जाएगी। यह नई दरें 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस बदलाव के बाद एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट यानी EBLR 7.90% से बढ़कर 8.15% हो गया है। इसके ऊपर बैंक का क्रेडिट रिस्क प्रीमियम और बिजनेस स्ट्रैटेजी प्रीमियम अलग से जुड़ेगा।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

SBI के होम लोन प्रोडक्ट्स की नई दरें

एसबीआई के होम लोन की ब्याज दरें प्रोडक्ट और ग्राहक की पात्रता के आधार पर तय होती हैं। बैंक के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से रेगुलर होम लोन टर्म लोन की दरें 7.50 से 8.80% हो गई हैं। वहीं होम लोन मैक्सगेन की दरें 8.00 से 9.30% और टॉप अप लोन की दरें 8.00 से 10.75% रहेंगी। टॉप अप ओवरड्राफ्ट लोन की दरें 8.50 से 11.25% और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी की दरें 9.20 से 10.75% तय की गई हैं। इसके अलावा रिवर्स मॉर्गेज लोन की दर 10.55% और योनो इंस्टा होम टॉप-अप लोन की दर 8.35% रखी गई है। सभी होम लोन 8.15% के EBLR से जुड़े हैं।

EMI और ब्याज पर कितना पड़ेगा असर?

बैंकबाजार के आंकड़ों के मुताबिक, अगर किसी ग्राहक का 20 साल के लिए 8% की दर से लोन चल रहा है, तो 8.25% दर होने पर EMI बढ़ जाएगी। 50 लाख रुपये के लोन पर EMI 41,822 रुपये से बढ़कर 42,603 रुपये हो जाएगी, यानी हर महीने 781 रुपये ज्यादा लगेंगे और 20 साल में 1.87 लाख रुपये अतिरिक्त ब्याज लगेगा। वहीं 30 लाख के लोन पर EMI 469 रुपये बढ़कर 25,562 रुपये होगी और अतिरिक्त ब्याज 1.12 लाख रुपये लगेगा। 80 लाख के लोन पर 1,250 रुपये बढ़कर EMI 68,165 रुपये होगी। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये के लोन पर मासिक EMI 1,563 रुपये बढ़कर 85,207 रुपये हो जाएगी, जिससे कुल 3.75 लाख रुपये का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ेगा।

लोन की अवधि बढ़ाने पर बढ़ेगा भारी ब्याज

जो ग्राहक अपनी मंथली EMI नहीं बढ़ाना चाहते, वे EMI पुरानी रखकर लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं। हालांकि ऐसा करने से कुल ब्याज का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। आंकड़ों के अनुसार समान EMI रखने पर लोन की अवधि 12 महीने यानी एक साल बढ़कर 21 साल हो जाएगी। अगर कोई 50 लाख के लोन पर पुरानी EMI 41,822 रुपये ही रखता है, तो 21 साल में उसे करीब 4.96 लाख रुपये का अतिरिक्त ब्याज देना होगा। इसी तरह 30 लाख पर करीब 2.97 लाख, 80 लाख पर 7.93 लाख और 1 करोड़ के लोन पर करीब 9.92 लाख रुपये का भारी अतिरिक्त ब्याज लगेगा।

EMI पुरानी रखने से तुरंत के मासिक बजट पर दबाव नहीं पड़ता, लेकिन अवधि बढ़ने से कुल ब्याज में बहुत भारी इजाफा हो जाता है। लंबे समय तक लोन चलने से मूलधन पर लगातार ब्याज लगता रहता है। इसलिए ग्राहकों को अपनी वित्तीय स्थिति देखकर ही फैसला लेना चाहिए कि वे बढ़ी हुई EMI देना चाहते हैं या फिर अवधि बढ़ाना चाहते हैं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख