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HDFC Bank ने घटाई MCLR दरें, ग्राहकों को कितना फायदा? जानें नए रेट्स

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 07, 2026, 16:10 IST

सारांश

MCLR में कटौती का मतलब यह जरूरी नहीं है कि आपके होम लोन की EMI तुरंत कम हो जाएगी। इसका सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपका लोन MCLR से जुड़ा है या नहीं। इसके अलावा लोन की ब्याज दर कब रीसेट होती है, इसका भी असर पड़ेगा।

HDFC Bank

HDFC Bank ने इससे पहले 19 अगस्त 2026 को FD की ब्याज दरों में बदलाव किया था।

HDFC Bank के ग्राहकों के लिए ब्याज दरों को लेकर राहत की खबर है। बैंक ने चुनिंदा अवधि की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 10 बेसिस पॉइंट तक की कटौती की है। नई दरें 7 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं। MCLR से जुड़े लोन लेने वाले ग्राहकों को इसका फायदा मिल सकता है। बता दें कि जब भी कोई बैंक MCLR कम करता है तो उससे जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन जैसे होम लोन या कार लोन की ब्याज दरें भी घट जाती है।

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किस अवधि की MCLR कितनी हुई?

कटौती के बाद HDFC Bank की MCLR दरें अलग-अलग अवधि के हिसाब से 7.90% से 8.60% के बीच हो गई हैं। इससे पहले ये दरें 8% से 8.65% के बीच थीं। बैंक ने ओवरनाइट और 1 महीने की MCLR में 10 bps की कटौती की है। अब दोनों की दर 7.90% हो गई है, जो पहले 8% थी। इसी तरह 3 महीने की MCLR 8.15% से घटकर 8.05% हो गई है।

6 महीने की MCLR में 5 bps की कटौती की गई है और यह अब 8.25% है। 1 साल की MCLR भी 5 bps घटकर 8.35% हो गई है, जो पहले 8.40% थी। लंबी अवधि के लोन की बात करें तो 2 साल की MCLR को 10 bps घटाकर 8.45% और 3 साल की MCLR को 5 bps कम करके 8.60% कर दिया गया है।

क्या होम लोन की EMI तुरंत घटेगी?

MCLR में कटौती का मतलब यह जरूरी नहीं है कि आपके होम लोन की EMI तुरंत कम हो जाएगी। इसका सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपका लोन MCLR से जुड़ा है या नहीं। इसके अलावा लोन की ब्याज दर कब रीसेट होती है, इसका भी असर पड़ेगा।

अगर आपका होम लोन MCLR से लिंक है, तो रीसेट डेट आने पर ब्याज दर में बदलाव हो सकता है। इसके बाद आपकी EMI कम हो सकती है या लोन की अवधि घट सकती है, यह आपके बैंक के नियम और लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।

नए होम लोन ग्राहकों पर सीधा असर नहीं

नए फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन आमतौर पर किसी एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में MCLR में बदलाव का आपके होम लोन की ब्याज दर या EMI पर सीधे असर नहीं पड़ता। इसलिए EMI में बदलाव की उम्मीद करने से पहले ग्राहक को अपने लोन एग्रीमेंट में ब्याज दर का बेंचमार्क जरूर चेक करना चाहिए।

FD ग्राहकों के लिए भी बदलाव

HDFC Bank ने इससे पहले 19 अगस्त 2026 को FD की ब्याज दरों में बदलाव किया था। संशोधन के बाद वरिष्ठ नागरिकों को 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम अवधि वाली FD पर अधिकतम 7.10% सालाना ब्याज मिल रहा है। इससे पहले इस अवधि पर ब्याज दर 7% थी। कुल मिलाकर, MCLR में कटौती का फायदा मुख्य रूप से MCLR से जुड़े मौजूदा लोन ग्राहकों को मिलेगा। वहीं नए होम लोन लेने वालों को अपनी ब्याज दर पर असर जानने के लिए यह देखना होगा कि उनका लोन किस बेंचमार्क से लिंक है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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