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4 min read | अपडेटेड November 03, 2026, 10:09 IST
सारांश
SBI Research ने अपनी ताजा Ecowrap रिपोर्ट में कहा है कि LTCG टैक्स खत्म करने से सरकार के राजकोषीय घाटे को तय लक्ष्य के दायरे में रखने की योजना पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले से होने वाला नुकसान देश की जीडीपी का केवल 0.1 से 0.2 फीसदी हो सकता है।

सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 में LTCG टैक्स से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है।
शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। SBI Research की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार चाहे तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को पूरी तरह खत्म कर सकती है। ऐसा करने से सरकार की वित्तीय स्थिति पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट का अनुमान है कि इस टैक्स को खत्म करने से वित्त वर्ष 2027-28 में सरकार को करीब 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान हो सकता है। हालांकि, सरकार के पास इस नुकसान को सहने की पर्याप्त गुंजाइश है।
SBI Research ने अपनी ताजा Ecowrap रिपोर्ट में कहा है कि LTCG टैक्स खत्म करने से सरकार के राजकोषीय घाटे को तय लक्ष्य के दायरे में रखने की योजना पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले से होने वाला नुकसान देश की जीडीपी का केवल 0.1 से 0.2 फीसदी हो सकता है। ऐसे में सरकार अपनी वित्तीय योजनाओं को जारी रखते हुए इस नुकसान को संभाल सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 में LTCG टैक्स से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में यह कमाई घटकर 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये रह सकती है।
SBI Research ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार को LTCG टैक्स से करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये मिले थे। इसकी एक बड़ी वजह शेयर बाजार का शानदार प्रदर्शन था। इससे पहले वाले वित्त वर्ष में शेयर बाजार ने करीब 30 फीसदी का रिटर्न दिया था। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने भी अपने मुनाफे की वसूली की थी, जिससे सरकार को ज्यादा टैक्स मिला।
हालांकि, अभी बाजार की स्थिति अलग है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन साल में निफ्टी का औसत रिटर्न केवल 0.5 फीसदी रहा है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से कुल 4.8 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है।
SBI Research ने सिर्फ LTCG टैक्स खत्म करने की बात नहीं कही है, बल्कि मौजूदा टैक्स व्यवस्था में कुछ बदलाव करने का सुझाव भी दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल शेयर बाजार में निवेश से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर सालाना 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाना चाहिए। साथ ही, इस छूट को महंगाई के हिसाब से समय-समय पर बढ़ाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
रिपोर्ट में निवेश की अवधि के आधार पर अलग-अलग टैक्स दरें लागू करने का भी सुझाव दिया गया है। इसके तहत अगर कोई निवेशक अपना निवेश 1 से 2 साल के बीच बेचता है, तो उस पर मौजूदा 12.5 फीसदी टैक्स जारी रह सकता है। वहीं, 2 से 3 साल तक निवेश रखने पर टैक्स घटाकर 5 फीसदी किया जा सकता है। अगर निवेश की अवधि 3 साल से ज्यादा है, तो LTCG टैक्स पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
LTCG टैक्स खत्म होने से सरकार को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए SBI Research ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, STT में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है। इससे वित्त वर्ष 2027-28 में सरकार को करीब 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी राहत देने का सुझाव दिया गया है। इसके तहत अगर कोई निवेशक म्यूचुअल फंड से पैसा निकालकर 90 दिनों के भीतर दोबारा पात्र इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो उस पर लगने वाले LTCG टैक्स को फिलहाल टालने की सुविधा दी जा सकती है।
SBI Research ने पहली बार 12 अक्टूबर की अपनी इकोरैप रिपोर्ट में LTCG टैक्स खत्म करने का सुझाव दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। पिछले कुछ समय से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं।
रिपोर्ट का मानना है कि LTCG टैक्स में राहत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। खासतौर पर लंबे समय तक निवेश करने वाले घरेलू और विदेशी निवेशकों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल यह SBI Research का सुझाव है। सरकार ने LTCG टैक्स खत्म करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
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