return to news
  1. कंपनी से फॉर्म 16 मिलते ही न करें ITR फाइल करने की जल्दबाजी, इन बातों को चेक करना है बेहद जरूरी

पर्सनल फाइनेंस

कंपनी से फॉर्म 16 मिलते ही न करें ITR फाइल करने की जल्दबाजी, इन बातों को चेक करना है बेहद जरूरी

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड June 16, 2026, 17:10 IST

सारांश

इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, कंपनियों को 15 जून तक अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 जारी करना होता है। लेकिन यह फॉर्म मिलते ही तुरंत आईटीआर फाइल करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। टैक्सपेयर्स को फॉर्म 16 में दी गई सैलरी, टीडीएस और डिडक्शन जैसी जरूरी जानकारियों का मिलान अच्छे से कर लेना चाहिए।

form-16 rule

आईटीआर फाइल करने से पहले फॉर्म 16 में दी गई जानकारियों को अच्छे से जांच लें।

इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने का सीजन शुरू होते ही नौकरीपेशा लोगों को अपने फॉर्म-16 का इंतजार रहने लगता है। इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार हर साल 15 जून तक कंपनियों के लिए अपने सैलरीड कर्मचारियों को Form-16 जारी करना अनिवार्य होता है। बहुत से कर्मचारी इस फॉर्म के मिलते ही तुरंत अपना टैक्स रिटर्न फाइल करने की तैयारी में जुट जाते हैं। लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि Form-16 मिलते ही बिना सोचे समझे सीधे ITR दाखिल करने की जल्दबाजी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

Form-16 आपके टैक्स रिटर्न का सबसे मुख्य आधार होता है और इसमें दी गई जानकारियों में कोई भी गड़बड़ी होने पर आपका रिफंड अटक सकता है या फिर आपको टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस मिल सकता है। इसलिए रिटर्न भरने के काम का इंप्लिमेंटेशन करने से पहले इस फॉर्म की हर एक डिटेल को बहुत बारीकी से जांच लेना चाहिए।

जानिए क्या होता है Form-16?

Form-16 असल में एक TDS सर्टिफिकेट होता है जिसे कंपनी की तरफ से तब जारी किया जाता है जब वह कर्मचारी की सैलरी से इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 192 के तहत टैक्स काटती है। इस पूरे सर्टिफिकेट को दो मुख्य हिस्सों में बांटा जाता है जिन्हें पार्ट-A और पार्ट-B कहा जाता है। पार्ट-A के भीतर कंपनी और कर्मचारी की बुनियादी जानकारियां शामिल होती हैं, जैसे दोनों का नाम, पैन नंबर, कंपनी का नाम, टैन नंबर, फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की पूरी जानकारी होती है।

इसके साथ ही इसमें टैक्स काटने और उसे सरकार के पास जमा करने का पूरा डीटेल होता है। वहीं दूसरी तरफ पार्ट-B में आपकी सैलरी का पूरा ब्रेकअप दिया जाता है। इसमें आपको मिलने वाले अलग-अलग अलाउंस, टैक्स छूट, निवेश पर मिलने वाले डिडक्शन और टैक्स की पूरी कैलकुलेशन दिखाई जाती है। इन दोनों हिस्सों को मिलाकर ही कर्मचारी की कुल टैक्स देनदारी तय होती है।

पर्सनल डीटेल्स और सैलरी को करें चेक

Form-16 हाथ में आते ही सबसे पहले आपको अपनी पर्सनल और नौकरी से जुड़ी जानकारियों को चेक करना चाहिए। आपको देखना चाहिए कि आपका नाम, पैन नंबर, कंपनी का नाम, टैन नंबर, फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर पूरी तरह सही लिखे हैं या नहीं। पैन नंबर में हुई एक छोटी सी गलती भी आपके TDS क्रेडिट को रोक सकती है और रिटर्न भरने में दिक्कत आ सकती है। इसके बाद आपको Form-16 में दिखाई गई सैलरी के आंकड़ों का मिलान अपनी हर महीने मिलने वाली सैलरी स्लिप और सालाना सैलरी स्टेटमेंट से करना चाहिए। आपकी ग्रॉस सैलरी, अलाउंस, बोनस और बाकी सभी कंपोनेंट आपके एम्प्लॉयमेंट रिकॉर्ड से पूरी तरह मैच होने चाहिए। अगर इनमें कोई भी अंतर या गलती नजर आती है तो आपको तुरंत अपनी कंपनी से बात करके उसे साफ करना चाहिए। itrform16details टैक्सपेयर्स को Form-16 में अपने सभी टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट्स को भी दोबारा चेक करना चाहिए। आपको देखना चाहिए कि सेक्शन 80C के तहत PPF, ELSS या LIC में किया गया निवेश और सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम सही से दर्ज है या नहीं। अगर आपने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश किया है तो वह भी सेक्शन 80CCD में दिखना चाहिए।

इसके अलावा अगर आपने कंपनी को होम लोन के ब्याज या सेविंग्स बैंक अकाउंट के ब्याज जैसी अन्य सोर्सेज से होने वाली इनकम की जानकारी दी थी तो वह भी इसमें शामिल होनी चाहिए। इसके साथ ही यह भी पक्का कर लें कि Form-16 में उसी टैक्स रेजीम के हिसाब से टैक्स की गणना की गई है जिसे आपने TDS के लिए चुना था। हालांकि अगर आप चाहें तो ITR फाइल करते समय भी अपना टैक्स रिजीम बदल सकते हैं।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख