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  1. रिलायंस की AGM में मुकेश अंबानी कर सकते हैं बड़े एलान, जियो आईपीओ और रिटेल प्लान पर रहेगी नजर

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रिलायंस की AGM में मुकेश अंबानी कर सकते हैं बड़े एलान, जियो आईपीओ और रिटेल प्लान पर रहेगी नजर

Upstox

4 min read | अपडेटेड June 16, 2026, 12:03 IST

सारांश

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग यानी AGM इस हफ्ते 19 जून 2026 को होने जा रही है। इस मीटिंग में मुकेश अंबानी ग्रुप के फ्यूचर प्लान, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ, रिटेल बिजनेस के विस्तार और क्लीन एनर्जी सेक्टर से जुड़े बड़े एलान कर सकते हैं, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

reliance-industries-agm-2026-jio-ipo-mukesh | Image: Shutterstock

रिलायंस इंडस्ट्रीज की आगामी एजीएम को लेकर बाजार के निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।| Image: Shutterstock

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज की एनुअल जनरल मीटिंग यानी एजीएम की तारीख का एलान हो चुका है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस साल अपनी 49वीं एजीएम आगामी 19 जून 2026 को दोपहर 2:00 बजे आयोजित करने का फैसला किया है। पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो विजुअल माध्यमों से की जाएगी। बाजार के इनवेस्टर्स और विश्लेषक इस मीटिंग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर टिकी सबकी नजर

इस साल की एजीएम में निवेशकों के लिए सबसे बड़ा और दिलचस्प विषय जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ होने वाला है। रिलायंस अपने डिजिटल और टेलीकॉम विंग जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू यानी आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। हालिया रिपोर्टों से संकेत मिलते हैं कि कंपनी इस आईपीओ के स्ट्रक्चर का रिव्यू कर रही है और ऑफर फॉर सेल के रास्ते पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय एक बड़ा फ्रेश इश्यू लाने का विकल्प चुन सकती है। इनवेस्टर्स इस बात को जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि कंपनी ड्राफ्ट पेपर्स कब तक फाइल करेगी और इसके वैल्यूएशन को लेकर क्या उम्मीदें हैं। जियो दुनिया के सबसे बड़े टेलीकॉम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में से एक है जिसका बिजनेस मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, क्लाउड सर्विसेज, एंटरप्राइज सोल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सेक्टर तक फैला हुआ है।

रिलायंस रिटेल का विस्तार और रिन्यूएबल एनर्जी प्लान

रिलायंस रिटेल पिछले कुछ समय से ग्रुप की कमाई में सबसे बड़ा योगदान देने वाले बिजनेस के रूप में उभरा है। इस मीटिंग में रिलायंस रिटेल के स्टोर्स के विस्तार, ग्राहकों के खर्च करने के ट्रेंड, प्रॉफिट में सुधार और ओमनी चैनल स्ट्रैटेजी को लेकर बड़े अपडेट मिल सकते हैं। कंपनी ग्रोसरी, फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। इसके साथ ही मुकेश अंबानी के रिन्यूएबल एनर्जी यानी नए एनर्जी बिजनेस के प्लान पर भी सबका फोकस रहेगा। कंपनी ने क्लीन एनर्जी इकोसिस्टम बनाने के लिए अरबों डॉलर के इनवेस्टमेंट का कमिटमेंट किया है जिसमें सोलर मॉड्यूल, बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज शामिल हैं। निवेशक इस बात के अपडेट का इंतजार कर रहे हैं कि सोलर मॉड्यूल की प्रोडक्शन कैपेसिटी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज का काम कहां तक पहुंचा है और इन योजनाओं के इंप्लिमेंटेशन की टाइमलाइन क्या है ताकि कंपनी पारंपरिक ऑयल टू केमिकल्स बिजनेस से आगे बढ़ सके।

भले ही रिलायंस के कंज्यूमर बिजनेस लगातार मजबूत हो रहे हैं, लेकिन कंपनी का पारंपरिक ऑयल टू केमिकल्स और एनर्जी बिजनेस आज भी प्रॉफिट में बड़ा योगदान देता है। इस मीटिंग में रिफाइनिंग मार्जिन, पेट्रोकेमिकल डिमांड और ग्लोबल कमोडिटी ट्रेंड पर मैनेजमेंट की कमेंट्री को ध्यान से देखा जाएगा। रिलायंस ने एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के दम पर फाइनेंशियल ईयर 2026 में बेहतरीन रेवेन्यू और अर्निंग ग्रोथ दर्ज की है। मार्च तिमाही के नतीजों में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ 16,971 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 19,407 करोड़ रुपये था। हालांकि इस दौरान ऑपरेशन से रेवेन्यू 13 पर्सेंट बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

कैसी रही कंपनी की कमाई?

अगर पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की बात करें, तो रिलायंस का कुल रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 10 पर्सेंट बढ़कर 11.76 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 124 बिलियन डॉलर रहा है। कंपनी का सालाना EBITDA भी 13.4 पर्सेंट की सालाना बढ़त के साथ 2.08 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट 17.8 पर्सेंट बढ़कर 95,754 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के मुताबिक इस शानदार ग्रोथ को ऑयल टू केमिकल्स, डिजिटल सर्विसेज और रिटेल बिजनेस से मदद मिली है। रिलायंस के अर्निंग प्रोफाइल में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि अब उसके कंज्यूमर फेसिंग बिजनेस कुल कंसोलिडेटेड EBITDA का 55 पर्सेंट से अधिक हिस्सा संभाल रहे हैं, जो यह दिखाता है कि ग्रुप एक पारंपरिक एनर्जी कंपनी से बदलकर कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी कंपनी बनने के अपने फ्यूचर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।

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