return to news
  1. 5 लाख रुपये की FD: एक साथ जमा करने में फायदा है या अलग-अलग टुकड़ों में? जानिए सही तरीका

पर्सनल फाइनेंस

5 लाख रुपये की FD: एक साथ जमा करने में फायदा है या अलग-अलग टुकड़ों में? जानिए सही तरीका

Upstox

5 min read | अपडेटेड May 21, 2026, 15:02 IST

सारांश

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करना हमेशा से सुरक्षित माना जाता है। अगर आप 10 साल के लिए 5 लाख रुपये निवेश करना चाहते हैं, तो आपके पास दो विकल्प हैं। या तो पूरी रकम एक ही FD में डाल दें या 1 लाख की पांच अलग FD कराएं। दोनों में रिटर्न लगभग बराबर मिलता है, लेकिन फायदे अलग हैं।

fixed-deposit-compare

FD में पैसा लगाने से पहले समझ लें ये कैलकुलेशन | Image source: Shutterstock

अगर आप अपने पैसे को सुरक्षित रखने और उस पर गारंटीड रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह एक बहुत ही बढ़िया फैसला है। पारंपरिक तौर पर निवेश करने वाले लोगों के लिए FD हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रही है क्योंकि इसमें तय मुनाफा मिलता है। लेकिन जब एक बड़ी रकम निवेश करने की बात आती है, तो अक्सर लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि क्या पूरे पैसे को एक ही FD में जमा करना चाहिए या फिर उसे छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग FD करानी चाहिए।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

मान लीजिए कि आपके पास 5 लाख रुपये हैं और आप इसे 10 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं। ऐसे में एक बड़ी FD कराना या 1-1 लाख रुपये की पांच अलग-अलग FD कराने के फैसले से आपकी लिक्विडिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और वित्तीय सुरक्षा पर काफी असर पड़ सकता है। हालांकि दोनों तरीकों में मिलने वाला कुल रिटर्न लगभग एक जैसा ही रहेगा, लेकिन इनके फायदे काफी अलग हो सकते हैं।

एक FD में 5 लाख रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा रिटर्न

आइए सबसे पहले यह समझते हैं कि अगर आप पूरे 5 लाख रुपये एक ही FD में 10 साल के लिए जमा करते हैं तो आपको कितना फायदा होगा। इसके लिए हम मान लेते हैं कि आपको सालाना 7 पर्सेंट की दर से ब्याज मिल रहा है और ब्याज की गणना हर तिमाही यानी क्वार्टरली की जाती है। इस हिसाब से 10 साल पूरे होने पर निवेश की गई 5 लाख रुपये की रकम पर आपको लगभग 5,00,799 रुपये का रिटर्न मिलेगा। इस तरह 10 साल के बाद आपको मिलने वाली कुल मैच्योरिटी रकम लगभग 10,00,799 रुपये हो जाएगी। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि 7 पर्सेंट की सालाना ब्याज दर पर आपका पैसा 10 साल में लगभग दोगुना हो जाता है।

पांच अलग-अलग FD में पैसा बांटने का पूरा गणित

अब दूसरे विकल्प पर बात करते हैं। मान लीजिए कि आप उसी 5 लाख रुपये की रकम को 1-1 लाख रुपये के पांच अलग-अलग टुकड़ों में बांट देते हैं। ब्याज की दर और निवेश का समय बिल्कुल पहले जैसा ही यानी 7 पर्सेंट सालाना और 10 साल रहेगा। अगर हम इसमें से सिर्फ एक FD की मैच्योरिटी वैल्यू को देखें, तो 1 लाख रुपये के निवेश पर आपको लगभग 1,00,160 रुपये का रिटर्न मिलेगा और कुल मैच्योरिटी रकम लगभग 2,00,160 रुपये हो जाएगी। इस हिसाब से पांचों FD को मिलाकर कुल मैच्योरिटी रकम लगभग 10 लाख रुपये हो जाएगी। इस पूरे गणित से यह साफ हो जाता है कि आप चाहे एक बड़ी FD कराएं या फिर उसे पांच अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निवेश करें, आपको मिलने वाला कुल रिटर्न लगभग बराबर ही रहता है।

टुकड़ों में FD कराने की स्मार्ट स्ट्रैटेजी और इसके बड़े फायदे

भले ही दोनों तरीकों में मिलने वाला रिटर्न बिल्कुल एक जैसा हो, लेकिन फिर भी कई फाइनेंशियल प्लानर पैसे को अलग-अलग FD में बांटकर रखने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। इसका सबसे बड़ा फायदा इमरजेंसी में पैसों की लिक्विडिटी से जुड़ा है। मान लीजिए कि आपको अचानक 50,000 रुपये की जरूरत पड़ जाती है। अगर आपका पूरा 5 लाख रुपये सिर्फ एक ही FD में लॉक है, तो आपको अपनी जरूरत पूरी करने के लिए उस पूरी FD को समय से पहले तोड़ना पड़ेगा और प्रीमैच्योर विड्रॉल पेनल्टी देनी होगी। इसके उलट अगर आपने 1-1 लाख रुपये की पांच FD कराई हुई हैं, तो आप सिर्फ एक FD को तोड़ सकते हैं और बाकी की चार FD को बिना किसी छेड़छाड़ के चालू रख सकते हैं।

इसके अलावा कई सारी FD होने से आपको FD लैडरिंग करने में मदद मिलती है। इस स्ट्रैटेजी के तहत निवेशक अपनी FD की मैच्योरिटी तारीखों को अलग-अलग समय पर सेट करते हैं जिससे समय-समय पर रेगुलर कैश फ्लो मिलता रहता है और बदलती ब्याज दरों का फायदा भी उठाया जा सकता है। इसका एक और बड़ा फायदा सुरक्षा से जुड़ा है। डीआईसीजीसी के नियमों के अनुसार हर बैंक में प्रति जमाकर्ता केवल 5 लाख रुपये तक की रकम ही सुरक्षित होती है। ऐसे में अगर आप अपने पैसों को अलग-अलग बैंकों में बांटकर छोटी FD कराते हैं, तो इससे आपकी वित्तीय सुरक्षा बढ़ जाती है और जोखिम भी कम होता है।

किस स्थिति में एक ही बड़ी FD कराना होता है बेहतर

ऐसा नहीं है कि टुकड़ों में FD कराना ही हमेशा सही होता है, बल्कि कुछ मामलों में एक ही बड़ी FD कराना भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यह तरीका उन निवेशकों के लिए सबसे अच्छा है जो बहुत ही सिंपल मैनेजमेंट पसंद करते हैं और जिन्हें अपनी FD को बार-बार ट्रैक करने का झंझट नहीं चाहिए। एक ही FD होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको सिर्फ एक मैच्योरिटी तारीख याद रखनी होती है। इसके अलावा जब FD पूरी हो जाती है तो उसे रिन्यू कराने का प्रोसेस भी बहुत आसान होता है, इसमें बहुत कम कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है और अकाउंट को मैनेज करना भी बेहद आसान हो जाता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख