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4 min read | अपडेटेड May 21, 2026, 10:37 IST
सारांश
डिफेंस और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों में पिछले एक महीने से शानदार तेजी देखी जा रही है। कंपनी का शेयर आज फिर 4 पर्सेंट से ज्यादा उछल गया है। अब चलिए इसके पीछे की वजह समझ लेते हैं।

Apollo Micro Systems के शेयर में शानदार तेजी देखी जा रही है।
डिफेंस और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के सेक्टर में काम करने वाली प्रमुख कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड के शेयरों में इन दिनों जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। पिछले एक महीने से इस कंपनी के शेयर लगातार रफ्तार भर रहे हैं और इसमें निवेश करने वाले लोगों को बड़ा रिटर्न मिल रहा है। मंगलवार को कंपनी के शेयर का भाव एक बार फिर 4 पर्सेंट से ज्यादा उछल गया। दरअसल, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के अपने शानदार बिजनेस आंकड़े पेश किए हैं, जिसके बाद से निवेशकों में इस शेयर को खरीदने की होड़ मच गई है।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का शेयर पिछले कुछ समय से बाजार के पसंदीदा स्टॉक्स में शामिल हो गया है। अगर इसके प्रदर्शन पर नजर डालें, तो आज यह शेयर करीब 4.09 पर्सेंट यानी 14.60 रुपये की बढ़त के साथ 371.30 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा है। पिछले 5 दिनों के भीतर ही इस शेयर ने अपने निवेशकों को 25.38 पर्सेंट का बेहतरीन रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले एक महीने की बात करें तो इस स्टॉक में 29.40 पर्सेंट यानी लगभग 84.37 रुपये की जोरदार तेजी आई है। इससे पहले कंपनी के शेयर ने 17 सितंबर 2025 को अपना 52-वीक हाई 354.70 रुपये दर्ज किया था, जबकि 15 मई 2025 को इसका 52-वीक लो 130.73 रुपये था। वर्तमान में यह अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर आगे बढ़ रहा है।
इस शेयर की तेज रफ्तार के पीछे सबसे बड़ी वजह इसके क्यु4 यानी चौथी तिमाही के नतीजे हैं। मार्च 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 168.64 पर्सेंट बढ़कर 37.61 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में कंपनी को केवल 14 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट हुआ था। इसके साथ ही, चौथी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 81.28 पर्सेंट की भारी बढ़त के साथ 293.25 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 161.76 करोड़ रुपये था।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने अपने ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी इस दौरान बड़ा सुधार किया है। कंपनी का एबिटा चौथी तिमाही में 88 पर्सेंट बढ़कर 67.64 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 35.99 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस शानदार प्रदर्शन के कारण कंपनी का एबिटा मार्जिन भी सुधरा है और यह पिछले साल के 22 पर्सेंट के मुकाबले बढ़कर 23 पर्सेंट पर पहुंच गया है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की बात करें, तो कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 112.92 करोड़ रुपये रहा है, जो इसके पिछले साल यानी फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में 56.39 करोड़ रुपये था। वहीं पूरे साल का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 562.06 करोड़ रुपये से बढ़कर 904.32 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बद्दम करुणाकर रेड्डी ने बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है, जिसमें कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा सालाना रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट हासिल किया है। इस दौरान कंपनी ने एडीआईपीएल के जरिए आईडीएल एक्सप्लोसिव्स का सफल अधिग्रहण पूरा किया है। इसके अलावा कंपनी को यूएवी यानी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के लिए डीपीआईआईटी लाइसेंस मिला है और कंपनी को अपना पहला एक्सपोर्ट ऑर्डर भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एडीआईपीएल द्वारा एक और अतिरिक्त अधिग्रहण अगले फाइनेंशियल ईयर के अंत से पहले पूरा होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के ऑर्गेनिक ग्रोथ और बिजनेस को फ्यूचर में और ज्यादा मजबूती मिलेगी।
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