पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड June 10, 2026, 16:20 IST
सारांश
सरकार के इस नए आदेश के बाद फैमिली पेंशनभोगियों की पेंशन का कैलकुलेशन अब एक स्टेप ऊंचे वेतन पर किया जाएगा। यह नियम उन कर्मचारियों के परिवारों पर लागू होगा जो 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हुए थे या जिनका इस दौरान निधन हुआ था। इसके साथ ही सरकार एरियर का भुगतान भी करेगी।

केंद्र सरकार ने फैमिली पेंशनभोगियों के लिए नोशनल इंक्रीमेंट को दी मंजूरी। | Image: Shutterstock.
केंद्र सरकार ने देश के उन लाखों परिवारों के पक्ष में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है जो पूरी तरह से फैमिली पेंशन पर निर्भर हैं। सरकार ने अब यह पूरी तरह से साफ कर दिया है कि नोशनल इंक्रीमेंट का फायदा केवल रिटायर हुए कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। अब इस बड़े नियम का सीधा फायदा उनके आश्रितों को मिलने वाली फैमिली पेंशन में भी जोड़ा जाएगा। इस महत्वपूर्ण आदेश के आने के बाद उन हजारों कानूनी विवादों को हमेशा के लिए खत्म करने में मदद मिलेगी जहां पेंशनर्स केवल एक दिन की सर्विस के अंतर की वजह से मिलने वाली सालाना वेतन वृद्धि यानी एनुअल इंक्रीमेंट से वंचित रह जाते थे। सरकार के इस कदम से आश्रित परिवारों को एक बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
अगर इस पूरे नियम को आसान और साधारण शब्दों में समझें तो जब भी कोई कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को अपनी नौकरी से रिटायर होता है, तो उसकी वार्षिक वेतन वृद्धि यानी सालाना इंक्रीमेंट अगले दिन यानी 1 जुलाई या 1 जनवरी को मिलने वाली होती है। पुराने सरकारी नियमों के तहत क्योंकि वह कर्मचारी अगले दिन अपनी सेवा या नौकरी में नहीं होता था, इसलिए उसे वह मिलने वाला इंक्रीमेंट नहीं दिया जाता था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इसे काल्पनिक इंक्रीमेंट यानी नोशनल इंक्रीमेंट के रूप में स्वीकार किया गया था। अब केंद्र सरकार ने इसी बड़े फैसले को आगे बढ़ाते हुए फैमिली पेंशनभोगियों के लिए भी लागू कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि अब आश्रितों की पेंशन का पूरा कैलकुलेशन एक स्टेप हाई वेतन पर तय किया जाएगा।
नोशनल इंक्रीमेंट के जुड़ने से फैमिली पेंशन की मिलने वाली राशि पर एक बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। इसे हम एक आसान कैलकुलेशन के उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए कि किसी कर्मचारी की अंतिम बेसिक सैलरी 60,000 रुपये थी। अब उस पर 3 पर्सेंट का नोशनल इंक्रीमेंट जुड़ने के बाद वह सैलरी बढ़कर 61,800 रुपये हो जाएगी, जिससे बेसिक सैलरी में सीधे 1,800 रुपये का अंतर आ जाएगा। इस तरह मिलने वाली फैमिली पेंशन जो कि बेसिक सैलरी का 30 पर्सेंट होती है, वह बिना इंक्रीमेंट के मिलने वाले 18,000 रुपये से बढ़कर अब सीधे 18,540 रुपये प्रति महीने हो जाएगी। इसका मतलब है कि परिवार को हर महीने 540 रुपये का सीधा फायदा मिलेगा, जो सालाना आधार पर लगभग 6,480 रुपये की अतिरिक्त कमाई बन जाएगी। हालांकि यह केवल एक सांकेतिक कैलकुलेशन है और वास्तविक फायदा पूरी तरह से पे मैट्रिक्स और ग्रेड पे पर निर्भर करेगा।
सरकार की ओर से जारी किए गए कार्यालय ज्ञापन यानी ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार इस नए नियम का फायदा देश के कुछ खास परिवारों को ही दिया जाएगा। यह लाभ उन परिवारों को मिलेगा जहां कोई कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को अपनी सेवा से रिटायर हुआ हो और उसके बाद उसका निधन हुआ हो। इसके साथ ही यह नियम उन मामलों में भी पूरी तरह लागू होगा जहां किसी कर्मचारी का निधन नौकरी के दौरान इन्हीं खास तारीखों को हुआ हो, जिसके कारण वह अगले दिन मिलने वाले अपने इंक्रीमेंट से चूक गया था। इसके लिए सबसे जरूरी शर्त यह रखी गई है कि पेंशनभोगी या कर्मचारी ने इंक्रीमेंट पाने के लिए आवश्यक एक वर्ष की क्वालीफाइंग सर्विस यानी अपनी सेवा पूरी कर ली हो।
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