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  1. लोन की EMI पर राहत बरकरार, आरबीआई गवर्नर ने विदेशी निवेशकों के लिए बढ़ा दी निवेश की लिमिट

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लोन की EMI पर राहत बरकरार, आरबीआई गवर्नर ने विदेशी निवेशकों के लिए बढ़ा दी निवेश की लिमिट

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 05, 2026, 11:19 IST

सारांश

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 जून 2026 को मौद्रिक नीति बैठक के फैसलों का एलान किया। इस बार रेपो रेट को 5.25 पर्सेंट पर स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने एनआरआई और विदेशी नागरिकों के लिए बिना सेबी रजिस्ट्रेशन के भारतीय शेयर बाजार में निवेश की लिमिट बढ़ा दी है।

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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति बैठक के फैसलों की घोषणा की।

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने देश की मौद्रिक नीति को लेकर कई बड़े और महत्वपूर्ण एलान किए हैं। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 जून 2026 को मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक के नतीजों की घोषणा की। इस बैठक में देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय बदलावों का बारीकी से आकलन करने के बाद कई बड़े फैसले लिए गए हैं। रिजर्व बैंक के इन फैसलों का सीधा असर देश के आम नागरिकों से लेकर विदेश में रहने वाले निवेशकों पर पड़ने वाला है। गवर्नर ने इस बैठक के बाद प्रेस रिलीज के जरिए नीतिगत दरों और निवेश के नए नियमों की पूरी जानकारी शेयर की है।

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रेपो रेट में नहीं हुआ कोई बदलाव

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि एमपीसी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पॉलिसी रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के 5.25 पर्सेंट पर बरकरार रखने के लिए वोट किया है। लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी यानी एलएएफ के तहत रेपो रेट को स्थिर रखने का यह फैसला देश के आर्थिक हालातों को देखकर लिया गया है। इसका मतलब यह है कि आम जनता के लोन की ईएमआई में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी और ब्याज दरें पहले की तरह ही बनी रहेंगी। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी यानी एसडीएफ रेट को भी 5.00 पर्सेंट पर बनाए रखा गया है। वहीं दूसरी तरफ मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी यानी एमएसएफ रेट और बैंक रेट भी 5.50 पर्सेंट पर स्थिर रहेंगे। एमपीसी ने इस बार भी अपने न्यूट्रल स्टांस यानी तटस्थ रुख को जारी रखने का फैसला किया है।

विदेशी और NRI निवेशकों के लिए बड़ा एलान

इस बार की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रिजर्व बैंक ने देश से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश के नियमों को पहले से कहीं ज्यादा आसान और बेहतर कर दिया है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक नॉन रेजिडेंट इंडियंस यानी NRI और ओवरसीज सिटीजंस ऑफ इंडिया यानी ओसीआई के लिए बिना सेबी रजिस्ट्रेशन के शेयर बाजार में निवेश करने की लिमिट को बढ़ा दिया गया है। इस नए फैसले के बाद ये सभी निवेशक बढ़ी हुई लिमिट का फायदा उठाकर पहले के मुकाबले बहुत बड़ी रकम बिना किसी सेबी रजिस्ट्रेशन के भारतीय इक्विटी मार्केट में सीधे लगा सकेंगे। इससे उनके लिए निवेश की प्रक्रिया बहुत सरल हो जाएगी।

अन्य विदेशी नागरिकों को भी मिलेगा पूरा फायदा

आरबीआई की ओर से जारी प्रेस रिलीज में यह भी साफ किया गया है कि निवेश की यह खास सुविधा सिर्फ NRI या ओसीआई नागरिकों तक ही सीमित नहीं रहेगी। अब भारत से बाहर रहने वाले अन्य सभी व्यक्तिगत नागरिकों यानी पीआरओआई को भी NRI और ओसीआई के बिल्कुल बराबर ही यह सुविधा देने का फैसला किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला कोई भी बाहरी नागरिक अब बढ़ी हुई लिमिट के साथ बिना किसी सेबी रजिस्ट्रेशन के भारतीय शेयर बाजार के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकता है। आरबीआई का मानना है कि मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल हालातों को देखते हुए लिया गया यह फैसला बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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