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EPS-95 पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे जमा होगा जीवन प्रमाण पत्र, बस इस नंबर पर करें कॉल

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड May 20, 2026, 17:50 IST

सारांश

EPFO ने इस सुविधा का प्रचार अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किया है और कहा है कि यह कदम पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। खासकर उन बुजुर्गों के लिए यह बड़ी राहत है, जिन्हें स्वास्थ्य या दूरी की वजह से केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

Life Certificate

Life Certificate: हर साल पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी होता है।

EPS-95 पेंशनर्स के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने बड़ी सुविधा शुरू की है। अब अगर कोई पेंशनर ‘जीवन प्रमाण पत्र’ (Life Certificate) ऑनलाइन या खुद जाकर जमा करने में असमर्थ है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। EPFO ने डाक विभाग के साथ मिलकर घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है।

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इसके तहत EPS-95 पेंशनर सिर्फ 033-22029000 नंबर पर कॉल करके सेवा बुक कर सकते हैं। इसके बाद डाक विभाग का कर्मचारी पेंशनर के घर पहुंचेगा और मुफ्त में उनका ‘जीवन प्रमाण’ जमा करेगा। इसका मकसद बुजुर्ग पेंशनर्स को लंबी लाइन और कार्यालयों के चक्कर से राहत देना है।

EPFO ने क्या कहा?

EPFO ने इस सुविधा का प्रचार अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किया है और कहा है कि यह कदम पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। खासकर उन बुजुर्गों के लिए यह बड़ी राहत है, जिन्हें स्वास्थ्य या दूरी की वजह से केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

हर साल पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी होता है। ऐसे में यह नई डोरस्टेप सुविधा लाखों EPS-95 पेंशनर्स के लिए समय बचाने और प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगी।

EPS-95 क्या है?

बता दें कि EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह ही है। यह योजना संगठित क्षेत्र के उन कर्मचारियों के लिए है, जिनकी नौकरी शुरू करते समय सैलरी 15,000 रुपये या उससे कम होती है और जो 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में काम करते हैं। यह योजना कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन देने के उद्देश्य से बनाई गई है।

हर महीने कर्मचारी के वेतन से EPF और EPS के लिए योगदान काटा जाता है। EPS के लिए कर्मचारी के बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 8.33 प्रतिशत हिस्सा जमा होता है, जिसकी अधिकतम सीमा 1,250 रुपये है। यही राशि आगे चलकर कर्मचारी की पेंशन तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

EPS के तहत मिलने वाली पेंशन एक तय फॉर्मूले से निकाली जाती है। इसमें कर्मचारी की कुल पेंशन योग्य सेवा (कितने साल नौकरी की) और पेंशन योग्य वेतन को ध्यान में रखा जाता है। जितने ज्यादा साल नौकरी और जितना बेहतर वेतन, उतनी बेहतर पेंशन मिलने की संभावना होती है।

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