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4 min read | अपडेटेड May 20, 2026, 08:01 IST
सारांश
सदस्य अपने लिंक किए गए बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के लिए उपलब्ध पात्र ईपीएफ राशि देख सकेंगे। वे अपने बैंक अकाउंट में सुरक्षित रूप से फंड ट्रांसफर सुनिश्चित करने के लिए ट्रांजैक्शन पूरा करने को लिंक किए गए यूपीआई पिन का इस्तेमाल कर सकेंगे।

ईपीएफओ सदस्यों को जल्द मिलेगी UPI से पैसा निकालने की सुविधा, परीक्षण पूरा (Photo: Shutterstock)
लंबे समय से इस बात पर चर्चा चल रही है कि प्रोविडेंट फंड यानी कि पीएफ का पैसा यूपीआई के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने 19 मई को बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य जल्द ही यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा निकाल कर सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यूपीआई पेमेंट गेटवे के जरिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से पैसा निकालने के लिए टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। मंत्री ने कहा कि ईपीएफओ सर्विस डिलीवरी की क्वॉलिटी में सुधार के लिए कई पहल कर रहा है।
मांडविया ने कहा, ‘हमने यूपीआई पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करके ईपीएफ से पैसा निकालने की सुविधा देने को लेकर टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया है। इस सुविधा के तहत निकाला गया फंड सीधे सदस्य के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।’ श्रम मंत्रालय एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसके तहत ईपीएफ के एक निश्चित हिस्से पर रोक रहेगी और एक बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) का इस्तेमाल करके उनके बैंक अकाउंट के जरिए निकाला जा सकेगा।
सदस्य अपने लिंक किए गए बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के लिए उपलब्ध पात्र ईपीएफ राशि देख सकेंगे। वे अपने बैंक अकाउंट में सुरक्षित रूप से फंड ट्रांसफर सुनिश्चित करने के लिए ट्रांजैक्शन पूरा करने को लिंक किए गए यूपीआई पिन का इस्तेमाल कर सकेंगे। एक बार बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर हो जाने के बाद, सदस्य एटीएम से पैसा विड्रॉ भी कर सकेंगे या फिर अपने हिसाब से इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इस सिस्टम के सुचारु इम्प्लिमेंटेशन के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रहा है। इससे सात करोड़ से अधिक सदस्यों को फायदा होगा। मौजूदा समय में, ईपीएफओ सदस्यों को अपने ईपीएफ खाते तक पहुंचने के लिए विड्रॉल क्लेमों के लिए अप्लाई करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है। ऑटोमेटेड सेटलमेंट सिस्टम के तहत, निकासी दावों का सेटलमेंट एप्लिकेशन जमा करने की तिथि से तीन दिन के भीतर बिना किसी ‘मैन्युअल’ हस्तक्षेप के इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो जाता है। ऑटोमेटेड सेटलमेंट सिस्टम की लिमिट को मौजूदा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि ईपीएफओ ने सदस्यों तक पहुंच बढ़ाने और सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए व्हॉट्सएप का उपयोग करने की पहल की है। इस सुविधा के तहत, सदस्य ईपीएफओ के रजिस्टर्ड व्हॉट्सएप नंबर पर ‘हेलो’ लिखकर मैसेज भेज सकते हैं। सुरक्षा और आश्वासन के लिए इस नंबर पर हरे रंग का निशान लगा होता है। वे ईपीएफओ से अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी मैसेज हासिल कर सकते हैं। सभी कम्युनिकेशन स्थानीय भाषा में होगा, जिससे सदस्यों को अपनी भाषा में ईपीएफओ से जुड़ने में अधिक सुविधा मिलेगी। सदस्यों को चौबीसों घंटे व्हॉट्सएप की सुविधा मिलेगी और ऑटोमेटेड सिस्टम चौबीसों घंटे बार-बार पूछे जाने वाले सवालों का समाधान कर सकती हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि ईपीएफओ ने मुकदमेबाजी को कम करने और विभिन्न कानूनी मंचों पर लंबित मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रित, मिशन-मोड पहल शुरू की है। उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष मिशन मोड अभियान शुरू किया गया है। ‘निधि आपके निकट (एनएएन)’ कार्यक्रम के तहत, मामलों की पहले से पहचान की गई और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया। मंत्री ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, लंबित उपभोक्ता मामलों की संख्या घटकर 31 मार्च, 2026 को 2,646 रह गई जो एक अप्रैल, 2024 को 4,936 थी।
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