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4 min read | अपडेटेड September 16, 2026, 14:01 IST
सारांश
लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को FMCG शेयरों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। निफ्टी FMCG इंडेक्स 1.96% चढ़कर 45,708.40 के स्तर पर पहुंच गया।
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चार दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को निफ्टी FMCG इंडेक्स में आई जोरदार तेजी।
शेयर बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच बुधवार को FMCG सेक्टर के शेयरों में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। पिछले चार कारोबारी सत्रों से चली आ रही लगातार 1.06% की गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए निफ्टी FMCG इंडेक्स ने आज जोरदार वापसी की। दोपहर 12:33 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी FMCG इंडेक्स इंट्राडे ट्रेड में 1.96% यानी 878.45 अंक चढ़कर 45,708.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार में जोखिम भरे सेक्टर्स से पैसा निकलकर सुरक्षित माने जाने वाले FMCG सेक्टर्स में शिफ्ट होने के कारण इस इंडेक्स में यह उछाल दर्ज किया गया है।
आज के कारोबार में FMCG सेक्टर के लगभग सभी प्रमुख शेयरों में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। पतंजलि फूड्स का शेयर 4.45% की बड़ी बढ़त के साथ 353.60 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जो इस सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी वाला शेयर रहा। इसके साथ ही कोलगेट पामोलिव का शेयर 4.07% बढ़कर 1,894.40 रुपये और मैरिको का शेयर 3.36% चढ़कर 817.80 रुपये पर कारोबार कर रहा है। दिग्गज कंपनियों में शामिल आईटीसी का शेयर 2.09% की मजबूती के साथ 263.40 रुपये, हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.83% की बढ़त के साथ 1,973.50 रुपये और नेस्ले इंडिया 2.24% चढ़कर 1,392.50 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा टाटा कंज्यूमर में 2.19%, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में 2.03%, डाबर में 0.29% और ब्रिटेनियां में 1.16% की तेजी देखी गई है। हालांकि इमामी के शेयर में 1.11% की गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार में आई इस तेजी पर एसबीआई सिक्योरिटीज के एक एक्सपर्ट का कहना है कि मौजूदा अनिश्चित माहौल की वजह से निवेशकों की सोच में बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि इस समय निवेशक जोखिम वाले सेक्टर्स से अपना पैसा निकालकर FMCG जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स में लगा रहे हैं। जब भी बाजार में अनिश्चितता या उतार-चढ़ाव बढ़ता है, तब FMCG कंपनियां ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं क्योंकि इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स की मांग पर बाजार के उतार-चढ़ाव का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है।
FMCG सेक्टर्स में आई तेजी के पीछे फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी एक बड़ा कारण है। सनी अग्रवाल ने बताया कि गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के साथ ही देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। भारत में फेस्टिव सीजन आम तौर पर दिसंबर के महीने तक चलता है, जिसमें दिवाली और क्रिसमस जैसे बड़े त्योहार शामिल होते हैं। इस दौरान लोग खरीदारी ज्यादा करते हैं, जिससे सितंबर तिमाही और दिसंबर तिमाही में खपत और डिमांड का माहौल काफी बेहतर रहने की उम्मीद है। यह बेहतर डिमांड FMCG सेक्टर की कंपनियों को मजबूती देने का काम करेगी।
भले ही FMCG शेयरों में आज तेजी आई हो, लेकिन सेक्टर के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। चार्ट एनालिसिस के मुताबिक निफ्टी FMCG इंडेक्स अभी भी लोअर-हाई और लोअर-लो स्ट्रक्चर बना रहा है और अपने शॉर्ट टर्म तथा लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी FMCG इंडस्ट्री के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर रही हैं, क्योंकि क्रूड ऑयल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा दौर में बाजार में बाउंस बैक या रिलीफ रैली तो आ सकती है, लेकिन 47,500 से 48,000 के स्तर पर पहुंचकर इंडेक्स में दोबारा बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
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