पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड July 09, 2026, 18:57 IST
सारांश
अब EPFO सदस्य एक ही पोर्टल पर लॉगिन करके अपना PF बैलेंस, क्लेम का स्टेटस, पेंशन से जुड़ी जानकारी और अब तक मिले सभी लाभ देख सकेंगे। पहले यह जानकारी अलग-अलग सिस्टम में बंटी हुई थी, जिससे पूरी जानकारी एक जगह उपलब्ध नहीं होती थी।

क्लेम मंजूर होने के बाद भुगतान उसी दिन सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मंसुख मंडाविया ने बताया कि EPFO ने अपने सभी सदस्यों का डेटा नए Centralised IT Enabled Services (CITES) प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है। अब पूरे देश में EPFO एक ही केंद्रीय डेटाबेस पर काम करेगा। पहले हर क्षेत्रीय कार्यालय का अलग-अलग डेटाबेस होता था, जिससे कई सेवाओं में देरी होती थी। यहां हम समझेंगे कि नए सिस्टम से आम लोगों को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।
मंडाविया ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज करीब 34 करोड़ EPFO खातों में 15 जुलाई तक जमा कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये ब्याज के रूप में ट्रांसफर होंगे। सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में ब्याज की एंट्री देख सकेंगे। पहले ब्याज दर घोषित होने के बावजूद पैसा अक्टूबर-नवंबर तक खातों में पहुंचता था।
अब EPFO सदस्य एक ही पोर्टल पर लॉगिन करके अपना PF बैलेंस, क्लेम का स्टेटस, पेंशन से जुड़ी जानकारी और अब तक मिले सभी लाभ देख सकेंगे। पहले यह जानकारी अलग-अलग सिस्टम में बंटी हुई थी, जिससे पूरी जानकारी एक जगह उपलब्ध नहीं होती थी।
अब PF क्लेम जमा करने से पहले सिस्टम अपने आप उसकी जांच करेगा। अगर किसी दस्तावेज या जानकारी में कमी होगी तो सदस्य को पहले ही बता दिया जाएगा। साथ ही यह भी दिखेगा कि अलग-अलग श्रेणियों में वह अधिकतम कितनी राशि निकाल सकता है। इससे गलत क्लेम और रिजेक्शन कम होंगे।
EPFO ने KYC से जुड़े एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। यानी जिन सदस्यों का KYC पूरा और सही है, उनके ₹5 लाख तक के क्लेम बिना मैनुअल प्रक्रिया के तेजी से निपटाए जा सकेंगे।
अगर क्लेम के दौरान किसी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत होगी तो EPFO ऑनलाइन ही सदस्य से जानकारी मांग सकेगा और सदस्य भी ऑनलाइन जवाब दे सकेंगे। इससे दफ्तर जाने की जरूरत कम होगी। क्लेम मंजूर होने के बाद भुगतान उसी दिन सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की गई है। साथ ही अब अंतिम PF सेटलमेंट पर ब्याज भुगतान की मंजूरी की तारीख तक मिलेगा, जिससे सदस्यों को पहले की तुलना में अधिक ब्याज मिलेगा।
पहले PF से आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग नियम थे, जिन्हें अब तीन श्रेणियों- जरूरी जरूरतें (Essential Needs), हाउसिंग जरूरतें (Housing Needs) और विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances) में बांट दिया गया है। सदस्य अब अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे।
इसके अलावा, आधार से जुड़े UAN वाले खातों में नौकरी बदलने पर PF अपने आप नए नियोक्ता के साथ ट्रांसफर हो जाएगा। पहले इसके लिए अलग आवेदन और दोनों नियोक्ताओं की मंजूरी लेनी पड़ती थी।
EPS (Employees' Pension Scheme) के पेंशनर्स अब किसी भी EPFO कार्यालय से अपनी सेवाएं ले सकेंगे और जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। नई केंद्रीकृत भुगतान व्यवस्था के तहत पेंशन देश के किसी भी बैंक खाते में भेजी जा सकेगी। पहले पेंशन केवल उसी बैंक शाखा में मिलती थी, जिससे PPO जुड़ा होता था।
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