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4 min read | अपडेटेड July 27, 2026, 16:11 IST
सारांश
एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने देश का पहला REIT ओरिएंटेड इंडेक्स फंड 'एडलवाइस निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड' लॉन्च किया है। यह एक ओपन एंडेड पैसिव स्कीम है जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करती है।

एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भारत का पहला REIT ओरिएंटेड इंडेक्स फंड लॉन्च किया है।
एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भारतीय बाजार में एक नया फंड पेश किया है। कंपनी ने एडलवाइस निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह एक ओपन एंडेड पैसिव स्कीम है जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करती है। यह भारत का पहला ऐसा इंडेक्स फंड है जो मुख्य रूप से REITs यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स पर आधारित है। एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस नए फंड की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस फंड को इस तरह बनाया गया है ताकि निवेशकों को एक ही जगह लिस्टेड रीट्स और बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में पैसा लगाने का मौका मिल सके।
इस नए फंड ऑफर यानी NFO की शुरुआत 5 अगस्त से होने जा रही है। सेबी के पास जमा किए गए डॉक्यूमेंट के अनुसार, यह एक ओपन एंडेड इंडेक्स स्कीम है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैकिंग एरर को ध्यान में रखते हुए निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स के जैसा रिटर्न देना है। यह स्कीम मुख्य रूप से उन सिक्योरिटीज में पैसा लगाएगी जो इस इंडेक्स का हिस्सा हैं। इसके अलावा लिक्विडिटी और रोजमर्रा के ऑपरेशन से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए फंड का कुछ हिस्सा डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में भी लगाया जाएगा। पैसिव फंड होने के कारण इसका लक्ष्य इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न देना नहीं बल्कि उसके प्रदर्शन को दोहराना है।
कई निवेशकों के मन में यह सवाल आ सकता है कि यह सिर्फ REITs पर आधारित फंड क्यों नहीं है। दरअसल भारत में अभी बहुत कम संख्या में ही लिस्टेड रीट्स मौजूद हैं। इसी वजह से इंडेक्स में रीट्स के साथ-साथ लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियों को भी शामिल किया गया है ताकि निवेश में विविधता बनी रहे। राधिका गुप्ता के अनुसार, जैसे-जैसे बाजार में नए रीट्स शामिल होंगे, वैसे-वैसे इस इंडेक्स में रीट्स का हिस्सा बढ़ाया जाएगा। फ्यूचर में यह पूरी तरह से 100% REIT पर आधारित इंडेक्स भी बन सकता है। इसके अलावा किसी भी एक शेयर का वजन 15% से ज्यादा नहीं रखा जाएगा ताकि किसी एक कंपनी पर ज्यादा निर्भरता का जोखिम कम किया जा सके।
सोशल मीडिया पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए राधिका गुप्ता ने बताया कि इस फंड में रीट्स के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यानी InvITs को क्यों नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने साफ किया कि पैसिव फंड्स के लिए सेबी के मौजूदा नियम रीट्स और InvITs को अलग-अलग मानते हैं। सेबी के नियमों के अनुसार रीट्स को इक्विटी इंस्ट्रूमेंट माना जाता है जबकि InvITs की प्रकृति हाइब्रिड जैसी होती है। अगर दोनों को एक साथ मिलाया जाता तो यह एक हाइब्रिड इंडेक्स फंड बन जाता, जिसकी इजाजत पैसिव फंड नियमों के तहत नहीं मिलती है।
आमतौर पर जो पारंपरिक रियल एस्टेट म्यूचुअल फंड होते हैं, वे प्रॉपर्टी डेवलपर्स और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाते हैं। इसके विपरीत, यह नया REIT ओरिएंटेड इंडेक्स फंड लिस्टेड रीट्स में भी पैसा लगाता है, जो कमर्शियल रियल एस्टेट संपत्तियों के मालिक होते हैं और उनसे कमाई करते हैं। यह फंड उन निवेशकों के लिए सही है जो रीट्स और रियल एस्टेट सेक्टर के जरिए लंबे समय में कैपिटल एप्रिसिएशन चाहते हैं। बाकी सभी इक्विटी फंड्स की तरह इसमें भी रिटर्न मार्केट से जुड़े होते हैं और किसी निश्चित रिटर्न का वादा नहीं किया जाता है।
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