मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड July 27, 2026, 10:10 IST
सारांश
27 जुलाई को शेयर बाजार में जारी अर्निंग्स सीजन का बेहद अहम दिन रहने वाला है। इस दिन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोल इंडिया, टाटा पावर, केनरा बैंक और कोफोर्ज जैसी कई दिग्गज कंपनियां अपनी जून तिमाही के वित्तीय नतीजों का ऐलान करेंगी।

27 जुलाई को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोल इंडिया और टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियां पहली तिमाही के नतीजे पेश करेंगी।
शेयर बाजार में जारी अर्निंग्स सीजन के बीच 27 जुलाई का दिन काफी हलचल भरा रहने वाला है। इस दिन देश की कई बड़ी कंपनियां अपने जून तिमाही यानी वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे पेश करने जा रही हैं। नतीजों का ऐलान करने वाली कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोल इंडिया, टाटा पावर, केनरा बैंक और कोफोर्ज जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि नतीजों के साथ ही वे निवेशकों और एनालिस्ट्स के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल भी करेंगी। इसके अलावा बोर्ड की मंजूरी मिलने पर कुछ कंपनियां डिविडेंड देने का ऐलान भी कर सकती हैं।
इस पहली तिमाही में कॉरपोरेट अर्निंग्स की मजबूती को परखने के लिए निवेशक कई खास पैमानों पर ध्यान देंगे। बाजार की नजर मुख्य रूप से कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ, नेट प्रॉफिट, मार्जिन, ऑर्डर इनफ्लो, लोन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहने वाली है। इन बड़ी कंपनियों के अलावा कई अन्य कंपनियां भी 27 जुलाई को ही अपने नतीजे जारी करेंगी। इनमें इंडस टावर्स, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया, कैपरी ग्लोबल कैपिटल, सीसीएल प्रोडक्ट्स इंडिया, टाटा केमिकल्स, ऊषा मार्टिन, सुप्रीम पेट्रोकेम, नेस्को, पी एन गाडगिल ज्वैलर्स, सागर सीमेंट्स, बालाजी एमाइन्स और नॉर्दर्न आर्क कैपिटल जैसी कंपनियां शामिल हैं।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी बीईएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 27 जुलाई को होगी, जिसमें 30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इससे पहले बीते वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में बीईएल ने ऑपरेशन से 10,177 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया था, जो उससे पिछले साल की समान अवधि में 9,120 करोड़ रुपये था। कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद नेट प्रॉफिट 2,105 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,203 करोड़ रुपये हो गया था। कंपनी की ऑर्डर बुक 1 अप्रैल 2026 तक 73,882 करोड़ रुपये थी। कंपनी का एबिटा 6% बढ़कर 2,962 करोड़ रुपये रहा था, हालांकि मार्जिन 150 बेसिस पॉइंट्स घटकर 29.1% पर आ गया था।
सरकारी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया भी 27 जुलाई को बोर्ड बैठक के बाद अपने पहली तिमाही के नतीजे साझा करेगी। बीते वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा था। कोल इंडिया का ऑपरेशन से रेवेन्यू 6% बढ़कर 46,490 करोड़ रुपये हो गया था, जो उससे पिछले साल 43,962 करोड़ रुपये था। कंपनी का नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 10,908 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा कंपनी का एबिटा भी 12% की तेजी के साथ 17,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था, जो उससे पिछले साल की समान अवधि में 16,040 करोड़ रुपये था।
टाटा पावर का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स भी 27 जुलाई को बैठक करके जून तिमाही के वित्तीय नतीजों को रिव्यू और अप्रूव करेगा। बीते वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में टाटा पावर का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8% बढ़कर 1,416 करोड़ रुपये रहा था, जो उससे पिछले साल की समान अवधि में 1,306 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का एबिटा 10% बढ़कर 4,216 करोड़ रुपये हो गया था, हालांकि कंपनी का कुल रेवेन्यू 17,328 करोड़ रुपये से घटकर 15,962 करोड़ रुपये रह गया था। अब बाजार की नजर इन सभी कंपनियों के नए तिमाही आंकड़ों पर टिकी हुई है।
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