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  1. Dearness Allowance: 63% तक बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, समझिए क्यों लगाया जा रहा है यह अनुमान?

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Dearness Allowance: 63% तक बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, समझिए क्यों लगाया जा रहा है यह अनुमान?

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 04, 2026, 19:12 IST

सारांश

Dearness Allowance: DA असल में बेसिक सैलरी का एक प्रतिशत होता है, जो कर्मचारियों को महंगाई के असर से बचाने के लिए दिया जाता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो DA भी बढ़ाया जाता है ताकि लोगों की खर्च करने की क्षमता बनी रहे।

Dearness Allowance

Dearness Allowance (DA) में अगली बढ़ोतरी करीब 3% हो सकती है।

Dearness Allowance: पिछले महीने भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया है। यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से लागू होगी और पेंशनर्स को भी इसी के अनुसार Dearness Relief (DR) मिलेगा। अब अनुमान है कि कर्मचारियों महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की और बढ़ोतरी की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो महंगाई भत्ता बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। यहां हम समझेंगे कि इस अनुमान का आधार क्या है।
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Dearness Relief में क्यों हो सकती है बढ़ोतरी?

कई कर्मचारियों का अनुमान है कि महंगाई भत्ते (DA) में अगली बढ़ोतरी करीब 3% हो सकती है। यह अनुमान AICPI-IW के ताजा आंकड़ों पर आधारित है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में CPI-IW 0.6 अंक बढ़कर 149.1 पर पहुंच गया है। अगर अगले तीन महीनों तक यही ट्रेंड जारी रहता है, तो जुलाई 2026 में DA में करीब 3% की बढ़ोतरी हो सकती है, ऐसा कुछ कर्मचारियों का मानना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस बारे में पोस्ट किया गया कि अगर CPI-IW लगातार बढ़ता रहा, तो अगला DA हाइक 3% हो सकता है।

क्या होता है DA

DA असल में बेसिक सैलरी का एक प्रतिशत होता है, जो कर्मचारियों को महंगाई के असर से बचाने के लिए दिया जाता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो DA भी बढ़ाया जाता है ताकि लोगों की खर्च करने की क्षमता बनी रहे। सरकार आमतौर पर साल में दो बार DA को रिवाइज करती है- जनवरी और जुलाई में। यह बदलाव महंगाई के आधार पर किया जाता है।

AICPI-IW क्यों है अहम

AICPI-IW एक ऐसा मासिक इंडिकेटर है जो इंडस्ट्रियल वर्कर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के आधार पर महंगाई को मापता है। इसे लेबर ब्यूरो जारी करता है और यही DA तय करने का मुख्य आधार होता है। आमतौर पर DA की गणना इस इंडेक्स के 12 महीनों के औसत के आधार पर की जाती है। अगर AICPI-IW बढ़ता है, तो DA बढ़ने की संभावना भी बढ़ती है, लेकिन आखिरी फैसला सरकार ही लेती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यह फैसला पूरी तरह सरकार पर निर्भर है।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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