पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड May 04, 2026, 14:09 IST
सारांश
मई 2026 में देश के बड़े कमर्शियल बैंक एफडी पर 6.1 पर्सेंट से 7.1 पर्सेंट तक ब्याज दे रहे हैं। सीनियर सिटीजन्स को आम लोगों के मुकाबले 0.50 पर्सेंट ज्यादा मुनाफा मिल रहा है। एसबीआई अपनी 'वी-केयर' स्कीम के जरिए बुजुर्गों को 7.05 पर्सेंट का शानदार रिटर्न ऑफर कर रहा है।

बैंकों की नई एफडी दरों से निवेशकों को अपनी जमा पूंजी पर पहले से ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
सुरक्षित तरीके से पैसा जोड़ने के लिए आज भी बहुत से लोग इक्विटी या म्यूचुअल फंड के मुकाबले फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को ज्यादा पसंद करते हैं। मई 2026 में देश के बड़े कमर्शियल बैंक अपने ग्राहकों को FD पर काफी अच्छा ब्याज दे रहे हैं। रिटेल डिपॉजिटर्स के लिए यह दरें 6.1 पर्सेंट से शुरू होकर 7.1 पर्सेंट तक जा रही हैं। बैंकों में अक्सर सीनियर सिटीजन्स को आम जमाकर्ताओं के मुकाबले ज्यादा फायदा मिलता है। ज्यादातर मामलों में बुजुर्गों को 0.50 पर्सेंट यानी आधा पर्सेंट ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) की बात करें तो यह सीनियर सिटीजन्स को 7.05 पर्सेंट और अन्य लोगों को 6.05 पर्सेंट का ब्याज ऑफर कर रहा है। यह दरें 3 करोड़ रुपये तक की कलेबल एफडी पर लागू हैं। एसबीआई की इस ब्याज दर में उनकी खास 'वी-केयर' डिपॉजिट स्कीम का फायदा भी शामिल है जिसके तहत सीनियर सिटीजन्स को 0.50 पर्सेंट का एडिशनल रिटर्न मिलता है।
अगर हम 3 साल की एफडी की बात करें तो एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक सीनियर सिटीजन्स को 6.75 से 6.95 पर्सेंट तक का सालाना रिटर्न दे रहे हैं। वहीं आम लोगों के लिए यह दर 6.25 से 6.45 पर्सेंट के बीच बनी हुई है। 1 मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक प्राइवेट बैंकों में ब्याज दरें सरकारी बैंकों के मुकाबले थोड़ी बेहतर नजर आ रही हैं। मिसाल के तौर पर एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक 5 साल की एफडी पर सीनियर सिटीजन्स को 6.90 से 7.10 पर्सेंट तक का ब्याज दे रहे हैं जबकि इसी दौरान सरकारी बैंकों का रेट थोड़ा कम है।
भारत में कमर्शियल बैंक एफडी पर मिलने वाले ब्याज को हर तीन महीने में जोड़ते हैं जिसे क्वाटरली कंपाउंडिंग कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि हर तिमाही के आखिर में जो ब्याज बनता है उसे आपकी मूल राशि में जोड़ दिया जाता है और अगली तिमाही में उस पूरी राशि पर ब्याज मिलता है। इस तरह साल में चार बार आपके पैसे पर ब्याज जुड़ता है जिससे आपका कुल मुनाफा बढ़ जाता है। अगर कोई स्कीम 7 पर्सेंट का ब्याज साल में एक बार देती है और दूसरी स्कीम क्वाटरली कंपाउंडिंग के साथ वही ब्याज देती है तो दूसरी वाली स्कीम में आपको ज्यादा फायदा होगा। इससे 7 पर्सेंट का रिटर्न असल में 7.19 पर्सेंट के बराबर हो जाता है।
इसे आसान भाषा में समझने के लिए मान लीजिए कि आप 1 लाख रुपये एक साल की एफडी में जमा करते हैं जिस पर 6.25 पर्सेंट का ब्याज मिल रहा है। क्वाटरली कंपाउंडिंग की वजह से एक साल बाद आपको 6,398 रुपये का ब्याज मिलेगा और आपकी कुल मैच्योरिटी राशि 1,06,398 रुपये हो जाएगी। इसी तरह अगर आप 1 लाख रुपये को 3 साल के लिए 6.8 पर्सेंट ब्याज पर जमा करते हैं तो आपको 22,420 रुपये का ब्याज मिलेगा जिससे आपका पैसा बढ़कर 1,22,420 रुपये हो जाएगा। 5 साल की एफडी पर अगर 6.5 पर्सेंट का ब्याज मिले तो 1 लाख रुपये की जमा पर 38,042 रुपये का मुनाफा होगा। एफडी की यह दरें उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो बिना किसी रिस्क के अपने पैसे को धीरे-धीरे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। आगामी समय में इन दरों में होने वाले बदलावों पर नजर रखना इनवेस्टर्स के लिए जरूरी है ताकि वे सही समय पर सही बैंक का चुनाव कर सकें।
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