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ITR Filing: एडवांस टैक्स की डेडलाइन मिस करने पर क्या होगा? जानिए कितना लगेगा जुर्माना

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड June 16, 2026, 18:18 IST

सारांश

ITR Filing: नियमों के मुताबिक पहली किस्त में कुल अनुमानित टैक्स देनदारी का कम से कम 15% हिस्सा जमा करना जरूरी होता है। जो लोग प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत आते हैं, उन्हें पूरे एडवांस टैक्स का भुगतान वित्त वर्ष खत्म होने से पहले एकमुश्त करना होता है।

Income Tax

Income Tax: एडवांस टैक्स की किस्तें समय पर नहीं भरने से आपकी कुल टैक्स देनदारी बढ़ जाती है।

ITR Filing: वित्त वर्ष 2026-27 (टैक्स ईयर 2026-27) के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून थी। जिन करदाताओं ने समय पर भुगतान नहीं किया है, उन्हें अब अतिरिक्त ब्याज और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
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एडवांस टैक्स को कमाई के साथ-साथ टैक्स चुकाने की व्यवस्था कहा जाता है। इसके तहत पूरे साल का टैक्स एक साथ रिटर्न फाइल करते समय देने के बजाय चार किस्तों में जमा किया जाता है। जिन लोगों की कुल टैक्स देनदारी टीडीएस/टीसीएस काटने के बाद 10,000 रुपये से ज्यादा होती है, उन्हें एडवांस टैक्स देना होता है।

किन लोगों को देना पड़ता है एडवांस टैक्स?

यह नियम नौकरीपेशा लोगों, फ्रीलांसरों, प्रोफेशनल्स और कारोबारियों सभी पर लागू हो सकता है। हालांकि नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए आमतौर पर नियोक्ता वेतन से टीडीएस काट देता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति की अतिरिक्त आय है, जैसे किराया, ब्याज, पूंजीगत लाभ (Capital Gains) या फ्रीलांस आय, तो उसे एडवांस टैक्स देना पड़ सकता है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनकी कोई बिजनेस या प्रोफेशनल आय नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स से छूट दी गई है।

पहली किस्त में कितना टैक्स जमा करना होता है?

नियमों के मुताबिक पहली किस्त में कुल अनुमानित टैक्स देनदारी का कम से कम 15% हिस्सा जमा करना जरूरी होता है। जो लोग प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत आते हैं, उन्हें पूरे एडवांस टैक्स का भुगतान वित्त वर्ष खत्म होने से पहले एकमुश्त करना होता है।

समय पर भुगतान नहीं किया तो क्या होगा?

अगर कोई करदाता एडवांस टैक्स नहीं भरता है या कम राशि जमा करता है, तो उस पर ब्याज लगाया जा सकता है। आयकर कानून के तहत ऐसी स्थिति में बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना पड़ता है। इसके अलावा आयकर विभाग बकाया राशि की वसूली के लिए नोटिस भी जारी कर सकता है।

एडवांस टैक्स की किस्तें समय पर नहीं भरने से आपकी कुल टैक्स देनदारी बढ़ जाती है। ब्याज के कारण अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ती है, जिससे आपकी बचत पर असर पड़ सकता है। इसलिए जिन करदाताओं पर एडवांस टैक्स लागू होता है, उन्हें तय समयसीमा के भीतर भुगतान करना चाहिए।

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