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4 min read | अपडेटेड June 16, 2026, 13:29 IST
सारांश
भारत में इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने के नियमों और तारीखों में बड़ा बदलाव हुआ है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी टैक्सपेयर्स की डेडलाइन सिर्फ 31 जुलाई नहीं है। अलग-अलग कैटेगरीज के हिसाब से सरकार ने तारीखें तय की हैं, जिससे आखिरी समय की हड़बड़ी से बचा जा सके।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का नया कैलेंडर जारी हो चुका है। | Image: Shutterstock.
भारत में रहने वाले टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब तक ज्यादातर लोग यही मानते थे कि आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख सिर्फ 31 जुलाई होती है। कई नौकरीपेशा लोग इसी तारीख को आखिरी मानकर बैठ जाते थे और सोचते थे कि यह नियम हर किसी पर लागू होता है। लेकिन असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए यह नियम पूरी तरह बदल चुका है। यह असेसमेंट ईयर फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में हुई कमाई के लिए है। सरकार ने अलग-अलग कैटेगरीज के टैक्सपेयर्स के लिए डेडलाइन को बदल दिया है। इसलिए अब आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि आपकी डेडलाइन आपकी कमाई के सोर्स, खातों के ऑडिट और पार्टनरशिप पर निर्भर करेगी।
इस साल 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स रिटर्न फाइल करने के टाइमलाइन में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। सरकार ने 31 जुलाई तक रिटर्न भरने वाले लोगों के लिए तारीखों को आगे-पीछे करने का फैसला किया है। नए नियमों के मुताबिक, जो लोग सैलरी से कमाई करते हैं और आईटीआर-1 या आईटीआर-2 फॉर्म भरते हैं, उनके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी। लेकिन ऐसे बिजनेस और प्रोफेशनल लोग जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की जरूरत नहीं है और वे आईटीआर-3 या आईटीआर-4 फॉर्म भरते हैं, उनके लिए अब डेडलाइन बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी गई है। इससे छोटे व्यापारियों को अपने रिटर्न की तैयारी करने के लिए थोड़ा और समय मिल जाएगा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर-1 सहज, आईटीआर-2 और आईटीआर-4 सुगम फॉर्म को ऑनलाइन शुरू कर दिया है। आईटीआर-1 फॉर्म उन रेजिडेंट इंडिविजुअल्स के लिए है जिनकी सैलरी या पेंशन से इनकम है और कुल कमाई 50 लाख रुपये तक है। आईटीआर-2 फॉर्म उन लोगों या एचयूएफ के लिए है जिनकी कमाई कैपिटल गेंस, विदेशी एसेट्स या एक से ज्यादा प्रॉपर्टी से होती है लेकिन उनकी कोई बिजनेस इनकम नहीं है। इसके अलावा आईटीआर-4 फॉर्म उनके लिए है जो प्रिजम्प्टिव बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम के तहत रिटर्न फाइल करते हैं। अगर आपके बिजनेस में ऑडिट की जरूरत होती है तो आपके लिए आईटीआर-3 और आईटीआर-4 भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
अगर आप अपनी कैटेगरी के हिसाब से तय आखिरी तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234एफ के तहत लेट फाइलिंग फीस यानी जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा आपको बिना चुकाए गए टैक्स पर ब्याज भी देना होगा और आपका रिफंड आने में भी देरी हो सकती है। जुर्माने की बात करें तो जिन टैक्सपेयर्स की कुल इनकम 5 लाख रुपये तक है, उन्हें देरी से रिटर्न भरने पर अधिकतम 1,000 रुपये का लेट फीस देना होगा। वहीं अगर आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक है, तो यह जुर्माना बढ़कर 5,000 रुपये तक हो सकता है। यह फीस आपको तब देनी होगी जब आप तय तारीख के बाद अपना बिलेटेड रिटर्न भरेंगे, जिसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है।
टैक्स डिपार्टमेंट ने उन लोगों को भी मौका दिया है जो अपने पहले से भरे गए रिटर्न में सुधार करना चाहते हैं। ऐसे लोग 31 मार्च 2027 तक अपना रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई टैक्सपेयर तय समय में रिटर्न नहीं भर पाता है, तो वह संबंधित असेसमेंट ईयर के खत्म होने के 4 साल के भीतर अपडेटेड रिटर्न यानी आईटीआर-यू भर सकता है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपडेटेड रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2031 रखी गई है। इसलिए टैक्सपेयर्स को फ्यूचर में किसी भी कानूनी परेशानी या जुर्माने से भरने से बचने के लिए अभी से अपनी सही कैटेगरी पहचान लेनी चाहिए और समय पर सही इंप्लीमेंटेशन करते हुए रिटर्न दाखिल करना चाहिए।
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