return to news
  1. 8th Pay Commission: दुर्गा पूजा से पहले PLB बोनस की मांग, ₹21000 बोनस कैलकुलेशन लिमिट पर भी जोर

पर्सनल फाइनेंस

8th Pay Commission: दुर्गा पूजा से पहले PLB बोनस की मांग, ₹21000 बोनस कैलकुलेशन लिमिट पर भी जोर

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 29, 2026, 15:48 IST

सारांश

8th Pay Commission: कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा ₹7,000 की गणना सीमा आज के वेतन स्तर के हिसाब से काफी कम है। स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार की ₹21,000 की न्यूनतम मजदूरी का हवाला देते हुए बोनस की गणना का आधार बढ़ाने की मांग की है।

8th pay commission

8th pay commission: कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत बोनस की गणना के तरीके में भी बदलाव की मांग कर रहे हैं।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के डाक विभाग के कर्मचारियों ने वित्त वर्ष 2025-26 के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) का भुगतान जल्द करने की मांग की है। डाक कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से अपील की है कि बोनस का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत बोनस की गणना के तरीके में भी बदलाव की मांग कर रहे हैं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

17 अक्टूबर तक बोनस देने की मांग

रिपोर्ट्स के मुताबिक सात डाक कर्मचारी यूनियनों के संगठन जॉइंट काउंसिल ऑफ पोस्टल एम्प्लॉइज (JCPE) ने 26 सितंबर को डाक विभाग के सचिव को पत्र लिखा है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 का PLB पात्र कर्मचारियों को 17 अक्टूबर तक देने की मांग की गई है। JCPE ने कहा कि इस साल दुर्गा पूजा 17 अक्टूबर से शुरू हो रही है, जबकि दशहरा 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

त्योहारों के दौरान कर्मचारियों के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में संगठन ने विभाग से बोनस का भुगतान त्योहारों से पहले करने के लिए जरूरी व्यवस्था करने की अपील की है। हालांकि, यह सिर्फ कर्मचारी संगठनों की मांग है। वित्त वर्ष 2025-26 के बोनस को लेकर डाक विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है।

₹7,000 की सीमा बढ़ाने की मांग

बोनस के जल्द भुगतान की मांग के साथ-साथ कर्मचारी संगठन बोनस की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाली वेतन सीमा को बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त को कोड ऑन वेजेज, 2019 के तहत एक अधिसूचना जारी की थी। इसके अनुसार, अगर किसी पात्र कर्मचारी की मासिक मजदूरी ₹7,000 से ज्यादा है, तो बोनस की गणना ₹7,000 या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी, इनमें से जो ज्यादा हो, उस आधार पर की जाएगी।

यह प्रावधान 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। इसके बाद नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर बोनस की गणना की सीमा ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग की।

8वें वेतन आयोग से भी जुड़ा मामला

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा ₹7,000 की गणना सीमा आज के वेतन स्तर के हिसाब से काफी कम है। स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार की ₹21,000 की न्यूनतम मजदूरी का हवाला देते हुए बोनस की गणना का आधार बढ़ाने की मांग की है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस समेत अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी बोनस व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई है। कुछ संगठनों ने बोनस की गणना को वास्तविक वेतन या लागू न्यूनतम मजदूरी से जोड़ने का सुझाव दिया है।

हालांकि, ₹21,000 की सीमा अभी सरकार द्वारा मंजूर बोनस कैलकुलेशन सीमा नहीं है। यह कर्मचारी संगठनों की मांग है। फिलहाल दो अलग-अलग फैसले लंबित हैं। डाक विभाग को वित्त वर्ष 2025-26 के PLB और उसके भुगतान की तारीख पर फैसला करना है। वहीं, बोनस की गणना की सीमा बढ़ाने की कर्मचारी संगठनों की मांग को सरकार ने अभी स्वीकार नहीं किया है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख