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  1. UPI पर चार्ज के बीच फिर चर्चा में आए ऑनलाइन पेमेंट के ये 5 तरीके, आपके भी आ सकते हैं काम

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UPI पर चार्ज के बीच फिर चर्चा में आए ऑनलाइन पेमेंट के ये 5 तरीके, आपके भी आ सकते हैं काम

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 06, 2026, 19:01 IST

सारांश

डिजिटल लेनदेन और बैंक ट्रांसफर के लिए 5 मुख्य पेमेंट ऑप्शन UPI, IMPS, NEFT, RTGS और NACH का इस्तेमाल होता है। रोजमर्रा के पेमेंट्स से लेकर अर्जेंट, हाई वैल्यू और रिकरिंग पेमेंट्स के लिए ये अलग-अलग ऑप्शन काम आते हैं। जानिए इन सभी पेमेंट ऑप्शन की क्या खासियत है।

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बैंकिंग में पैसों के लेनदेन और ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाले 5 मुख्य पेमेंट ऑप्शन।

हाल ही में UPI पेमेंट पर जारी हुए नए नियम के बाद से ऑनलाइन पेमेंट के दूसरे ऑप्शन चर्चा में आ गए हैं। ऑनलाइन पैसों के लेनदेन और फंड ट्रांसफर के लिए बैंकिंग में 5 मुख्य तरह के पेमेंट ऑप्शन का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें UPI, IMPS, NEFT, RTGS और NACH शामिल हैं। जब भी किसी को बैंक ट्रांसफर या पेमेंट करना होता है तो वह अपनी जरूरत के हिसाब से सही पेमेंट ऑप्शन चुनता है।

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रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों से लेकर अर्जेंट ट्रांसफर, रूटीन बैंक ट्रांसफर, हाई वैल्यू ट्रांसफर और रिकरिंग पेमेंट्स तक के लिए अलग-अलग ऑप्शन बने हुए हैं। हर पेमेंट ऑप्शन की अपनी खासियत और अपनी कार्यप्रणाली है। आज के समय में ये सभी 5 पेमेंट ऑप्शन बैंकिंग प्रणाली को आसान और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। आइए समझते हैं कि इन 5 तरह के पेमेंट ऑप्शन की क्या खासियत है और किस काम के लिए किसका इस्तेमाल किया जाता है।

UPI और IMPS से तुरंत करें पैसों का लेनदेन

रोजमर्रा के पेमेंट्स और बैंक ट्रांसफर के लिए UPI का इस्तेमाल किया जाता है। UPI की मुख्य खासियत यह है कि इसके जरिए UPI आईडी, मोबाइल नंबर या क्यूआर कोड का इस्तेमाल करके तुरंत यानी इंस्टेंट पेमेंट किया जा सकता है। इसमें किसी लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती और तुरंत पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं। वहीं जब बात अर्जेंट बैंक से बैंक में पैसे भेजने की होती है तो IMPS का इस्तेमाल किया जाता है। IMPS अर्जेंट बैंक टू बैंक ट्रांसफर के लिए जाना जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें रियल टाइम फंड ट्रांसफर की सुविधा मिलती है और यह सर्विस 24 घंटे और सातों दिन यानी 24×7 उपलब्ध रहती है।

रूटीन और हाई वैल्यू ट्रांसफर के लिए NEFT तथा RTGS

सामान्य या रूटीन बैंक से बैंक ट्रांसफर के लिए NEFT पेमेंट ऑप्शन का इस्तेमाल होता है। NEFT की खासियत यह है कि यह सेवा 24 घंटे और सातों दिन यानी 24×7 उपलब्ध रहती है। NEFT में पैसों का ट्रांसफर हाफ आवरली यानी हर आधे घंटे के बैच सेटलमेंट के जरिए किया जाता है। दूसरी तरफ अगर आपको हाई वैल्यू यानी बड़े पैसों का बैंक ट्रांसफर करना हो तो उसके लिए RTGS का उपयोग किया जाता है। RTGS हाई वैल्यू बैंक ट्रांसफर के लिए बना है और यह ट्रांजेक्शंस का इंडिविजुअली रियल टाइम में सेटलमेंट करता है। RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए मिनिमम अमाउंट यानी न्यूनतम सीमा 2 लाख रुपए तय की गई है।

रिकरिंग और बल्क पेमेंट्स के लिए NACH का उपयोग

अगर बार-बार होने वाले या बल्क पेमेंट्स की बात की जाए तो इसके लिए NACH पेमेंट ऑप्शन का इस्तेमाल किया जाता है। NACH का उपयोग रिकरिंग क्रेडिट्स और डेबिट्स के लिए होता है। जैसे कि हर महीने जाने वाली ईएमआई, कर्मचारियों की सैलरी और यूटिलिटी पेमेंट्स जैसे कामों के लिए NACH का इस्तेमाल किया जाता है। यह रिकरिंग और बल्क पेमेंट्स को मैनेज करने का एक आसान और व्यवस्थित जरिया है। इस प्रकार UPI, IMPS, NEFT, RTGS और NACH ये 5 तरह के पेमेंट ऑप्शन अपनी अलग-अलग खासियतों के साथ हर प्रकार के पैसों के ट्रांसफर और पेमेंट की जरूरतों को पूरा करते हैं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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