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4 min read | अपडेटेड October 06, 2026, 16:50 IST
सारांश
अक्टूबर 2026 में देश के प्राइमरी मार्केट में चार बड़े मेनबोर्ड आईपीओ आने की उम्मीद है। इनमें जियो प्लेटफॉर्म्स का करीब 37,700 करोड़ रुपए का देश का सबसे बड़ा आईपीओ शामिल है।

अक्टूबर 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स समेत चार बड़ी कंपनियां मेनबोर्ड आईपीओ लाने की तैयारी में हैं।
अक्टूबर 2026 में देश के प्राइमरी मार्केट में जोरदार हलचल देखने को मिल सकती है। इस महीने मार्केट में कम से कम चार बड़े मेनबोर्ड आईपीओ दस्तक देने की तैयारी में हैं। इनमें रिलायंस ग्रुप की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ सबसे बड़ा आकर्षण रहने वाला है जो देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। इसके अलावा पारस हेल्थकेयर, टॉन्बो इमेजिंग इंडिया और एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज भी अपने आईपीओ लाने की रेस में शामिल हैं। इन सभी चारों कंपनियों के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर लिस्ट किए जाएंगे। हालांकि अभी तक किसी भी कंपनी ने ऑफिशियल तौर पर आईपीओ की तारीखों का ऐलान नहीं किया है और न ही फाइनल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है।
खबरों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल सकता है और 23 अक्टूबर को बंद हो सकता है। एंकर निवेशकों के लिए यह 19 अक्टूबर को खुलेगा, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को मार्केट में होने की उम्मीद है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है, जिसके लिए कंपनी का वैल्यूएशन 12 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा आंका गया है।
ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार इसमें कोई ऑफर फॉर सेल यानी OFS कंपोनेंट नहीं होगा और कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल इसकी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड का कर्ज चुकाने और जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के पास मोबाइल कनेक्शन में 39.29% मार्केट शेयर के साथ 50.6 करोड़ ग्राहक और फिक्स्ड लाइन में 32.89% शेयर के साथ 15.79 करोड़ ग्राहक हैं।
हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी पारस हेल्थकेयर भी इस महीने अपना आईपीओ ला सकती है। इस आईपीओ में 500 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 1,300 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल यानी OFS होगा। OFS के तहत प्रमोटर और मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज चुकाने, अपनी पूरी हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी कंपनी पीएमएचपीएल का कर्ज चुकता करने और जनरल कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी। पारस हेल्थकेयर नॉर्थ इंडिया, बिहार और झारखंड में 8 अस्पतालों के नेटवर्क के जरिए कुल 2,211 बेड्स की क्षमता के साथ काम कर रही है। यह कंपनी कार्डियक, न्यूरो, गैस्ट्रो, ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और रीनल साइंसेज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज मुहैया कराती है।
डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर टॉन्बो इमेजिंग इंडिया का आईपीओ पूरी तरह से OFS पर आधारित होगा। इसमें प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक 1,80,85,246 शेयर बेचेंगे। चूंकि इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा, इसलिए कंपनी को इससे कोई फंड नहीं मिलेगा और पूरा पैसा शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाएगा। वहीं एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजी कंपनी FSC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 150 करोड़ रुपए के नए फ्रेश इश्यू और 1,23,07,500 शेयरों के OFS का कॉम्बिनेशन होगा। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने और अपनी सब्सिडियरी कंपनी वसुधा वेस्ट ट्रीटमेंट के कर्ज को चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
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