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  1. PPF खाताधारकों के लिए क्यों इतना खास है Form-4? एक समय बाद लॉक हो जाता है आपका पैसा, जानिए तरीके

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PPF खाताधारकों के लिए क्यों इतना खास है Form-4? एक समय बाद लॉक हो जाता है आपका पैसा, जानिए तरीके

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 05, 2026, 18:27 IST

सारांश

पीपीएफ खाते की मैच्योरिटी 15 साल में होती है, जिसकी गणना वित्त वर्ष के अंत से की जाती है। 15 साल पूरे होने पर पैसा अपने आप 5 साल के लिए लॉक नहीं होता है। खाताधारक अपनी जरूरत के हिसाब से पूरी रकम निकाल सकते हैं या फॉर्म 4 भरकर इसे आगे बढ़ा सकते हैं।

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PPF खाते की 15 साल की अवधि पूरी होने पर जानिए नियम।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF लंबी अवधि की एक लोकप्रिय बचत योजना है। इसमें निवेश करने वाले लोगों के लिए 15 साल की मैच्योरिटी अवधि का नियम समझना बहुत जरूरी होता है। कई लोगों को लगता है कि 15 साल की गिनती खाते में पहली बार पैसा जमा करने की तारीख से होती है। हालांकि असल में ऐसा नहीं है। PPF खाते की 15 साल की अवधि की गणना उस वित्त वर्ष के अंत से की जाती है, जिसमें खाता खोला गया था। उदाहरण के लिए, अगर आपने नवंबर 2011 में PPF खाता खोला था, तो यह वित्त वर्ष 2011-12 में आएगा। ऐसे में इसकी 15 साल की अवधि की गिनती 31 मार्च 2012 से होगी और आपका खाता 1 अप्रैल 2027 को मैच्योर माना जाएगा। मैच्योरिटी के बाद पैसा निकालने पर किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाता है।

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क्या मैच्योरिटी के बाद पैसा अपने आप लॉक हो जाता है?

अक्सर निवेशकों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या पैसा न निकालने पर PPF खाता अपने आप अगले 5 साल के लिए लॉक हो जाता है। इसका जवाब है कि खाता अपने आप लॉक नहीं होता है। अगर आप अपने खाते को आगे जारी रखना चाहते हैं और उसमें नई रकम भी जमा करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक तय प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। खाताधारक को मैच्योरिटी की तारीख से एक साल के भीतर फॉर्म-4 जमा करना होता है। कुछ बैंकों और पोस्ट आफिस में इसे फॉर्म-H के नाम से भी जाना जाता है। इस फॉर्म को जमा करके आप खाते की अवधि को अगले 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। PPF खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें उतनी बार बढ़ाया जा सकता है और इसकी कोई तय सीमा नहीं है।

एक साल तक कोई कदम न उठाने पर क्या होगा?

अगर आप पीपीएफ खाते की मैच्योरिटी के एक साल के भीतर फॉर्म-4 जमा नहीं करते हैं, तब भी आपका खाता बंद नहीं होता है। ऐसी स्थिति में खाता बिना नया पैसा जमा किए अपने आप आगे चलता रहता है। खाते में मौजूद जमा रकम पर सरकार की ओर से तय किया गया लागू ब्याज मिलता रहता है। फिलहाल PPF खाते पर 7.1% सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है। हालांकि इस स्थिति में आप खाते में कोई नई रकम जमा नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा आपको पूरे वित्त वर्ष में केवल एक बार ही रकम निकालने की अनुमति मिलती है। फॉर्म 4 को बैंक की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है या इसे बैंक शाखा और पोस्ट आफिस से भी प्राप्त किया जा सकता है।

मैच्योरिटी पर खाताधारक के पास तीन विकल्प

PPF सरकार की ओर से समर्थित बचत योजना है जो EEE यानी एग्जम्प्ट-एग्जम्प्ट-एग्जम्प्ट कैटेगरी में आती है। इसके तहत निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है। 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद खाताधारक के पास तीन मुख्य विकल्प होते हैं। पहला विकल्प है कि आप खाता बंद करके पूरी जमा रकम और ब्याज निकाल सकते हैं। दूसरा विकल्प यह है कि आप बिना कोई नया पैसा जमा किए खाते को जारी रखें, जिसमें आपको जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा और साल में एक बार निकासी की सुविधा मिलेगी। तीसरा विकल्प फॉर्म-4 जमा करके नई रकम के साथ खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाना है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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