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  1. $110 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल, रुपये में भी गिरावट, लेकिन FII और वैल्यू बाइंग के दम पर बजार में शानदार रिकवरी

मार्केट न्यूज़

$110 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल, रुपये में भी गिरावट, लेकिन FII और वैल्यू बाइंग के दम पर बजार में शानदार रिकवरी

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड October 22, 2026, 11:14 IST

सारांश

शेयर बाजार में आज की रिकवरी के पीछे वैल्यू बाइंग एक बड़ी वजह है। पिछले 1 महीने में बाजार 2.50 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। वहीं पिछले 6 महीने में इसमें करीब 6.50 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसके अलावा इस साल अब तक निफ्टी 50 करीब 13 फीसदी लुढ़क गया है।

Stock Market

लंबे समय तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में अब वापसी की है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 22 अक्तूबर को भारी उतार-चढ़ाव का माहौल है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 705 अंकों तक की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 73,005.11 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 257 अंक टूटकर 22,554.85 के लेवल पर आ गया। हालांकि, इसके बाद बाजार ने शानदार रिकवरी भी दिखाई। रिपोर्ट लिखे जाने के समय सेंसेक्स में 97.34 अंक और निफ्टी 50 में 60.85 अंकों की कमजोरी थी। यहां हम जानेंगे बाजार में इस रिकवरी के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।
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बाजार में वैल्यू बाइंग

शेयर बाजार में आज की रिकवरी के पीछे वैल्यू बाइंग एक बड़ी वजह है। पिछले 1 महीने में बाजार 2.50 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। वहीं पिछले 6 महीने में इसमें करीब 6.50 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसके अलावा इस साल अब तक निफ्टी 50 करीब 13 फीसदी लुढ़क गया है। इस गिरावट के चलते अब कई शेयर सस्ते भाव पर मिल रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक वैल्यू बाइंग कर रहे हैं, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

लंबे समय तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में अब वापसी की है। FIIs ने बुधवार को करीब 1022 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी लगभग 1,614 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। यानी दोनों तरह के बड़े निवेशकों ने बाजार में पैसा लगाया। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार को नीचे के स्तरों से उबरने में मदद मिली। इसके पहले 16 अक्तूबर को भी FIIs ने 1,165.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

तिमाही नतीजों का असर

कंपनियों के नतीजों और कारोबार से जुड़ी खबरों का भी कुछ शेयरों पर असर देखने को मिला। Eternal के शेयर 1% से ज्यादा चढ़े। वहीं, Indian Hotels ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी बिक्री वृद्धि का अनुमान 12–14% से बढ़ाकर 15–17% कर दिया। इस खबर के बाद कंपनी का शेयर करीब 2% चढ़ गया। बेहतर नतीजों के बाद इन शेयरों में तेजी से बाजार को सपोर्ट मिला है।

इन वजहों से बाजार पर दबाव

क्रूड ऑयल 110 डॉलर के पार

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिल रही है। दरअसल सऊदी अरब में अरामको के पास स्थित एक तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले के बाद सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। शायबाह तेल क्षेत्र पर हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, हालांकि वहां कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.3 फीसदी उछलकर 110.25 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। बता दें कि भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में यह भारत के लिहाज से अच्छी खबर नहीं है।

रुपये में गिरावट

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में कमजोर घरेलू बाजारों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे गिरकर 94.50 पर आ गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.47 पर खुला, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई और यह 94.50 के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे कम है।

विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते रुपया गिरावट के रुख के साथ खुला। हालांकि, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के कारण रुपये की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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