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  1. डिफेंस PSU BEL को मिले ₹1,011 करोड़ के नए ऑर्डर्स, सेना के लिए रडार बनाने का भी हुआ करार

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डिफेंस PSU BEL को मिले ₹1,011 करोड़ के नए ऑर्डर्स, सेना के लिए रडार बनाने का भी हुआ करार

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड October 22, 2026, 10:26 IST

सारांश

नवरत्न डिफेंस पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी बीईएल को 1,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स मिले हैं। इसमें भारतीय सेना के लिए 770 करोड़ रुपये का रडार सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है। यह रडार मिनी और माइक्रो ड्रोन को पकड़ने में सक्षम है।

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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को रक्षा मंत्रालय और अन्य माध्यमों से मिले 1,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स।

डिफेंस सेक्टर की नवरत्न सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी BEL के शेयरों पर 22 अक्टूबर को बाजार की खास नजर बनी हुई है। कंपनी को 13 अक्टूबर के पिछले खुलासे के बाद से 1,011 करोड़ रुपये के नए और अतिरिक्त ऑर्डर्स हासिल हुए हैं। हालांकि सुबह के कारोबार में एनएसई पर कंपनी का शेयर 1.80% यानी 6.70 रुपये की गिरावट के साथ 364.50 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके बावजूद लगातार मिल रहे बड़े रक्षा ऑर्डर्स से कंपनी के लंबे समय के बिजनेस को काफी मजबूती मिल रही है।

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सेना के लिए 770 करोड़ रुपये का रडार कॉन्ट्रैक्ट

बीईएल को मिले इन नए ऑर्डर्स में सबसे बड़ा हिस्सा रक्षा मंत्रालय के साथ हुआ एक अहम करार है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को भारतीय सेना के लिए इंप्रूव्ड लो-लेवल लाइट-वेट रडार खरीदने के मकसद से BEL के साथ 770 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अनुबंध नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन किया गया। यह हल्का रडार सिस्टम भारतीय सेना की हवाई खतरों को पहचानने और उन्हें ट्रैक करने की ताकत को काफी बढ़ाएगा। यह रडार न केवल लड़ाकू विमान के आकार के लक्ष्यों को पहचान सकता है, बल्कि छोटे मिनी और माइक्रो ड्रोन को भी बहुत आसानी से पकड़ने की क्षमता रखता है। इसके अलावा यह सिस्टम हवाई खतरों को प्राथमिकता के आधार पर तय करने में सक्षम है, जिससे सेना को मानवरहित हवाई प्रणालियों से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी। यह खरीद रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देगी और MSME सहित भारत के पूरे रक्षा निर्माण इकोसिस्टम को नई ताकत देगी।

ऑर्डर्स में शामिल हैं कई आधुनिक रक्षा उपकरण

कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार हाल ही में हासिल हुए कुल 1,011 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स में कई अत्याधुनिक उत्पाद और सेवाएं शामिल हैं। इनमें हल्के रडार सिस्टम के अलावा सेना के लिए जरूरी कम्युनिकेशन उपकरण, पानी के भीतर काम करने वाले सोनार, जैमर, पुराने उपकरणों के अपग्रेडेशन, स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। ये सभी उपकरण सेना की अलग-अलग विंग्स की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।

पिछले महीनों में भी मिले थे लगातार बड़े ऑर्डर्स

बीईएल के लिए ऑर्डर्स मिलने का यह सिलसिला पिछले कई महीनों से लगातार जारी है। इससे पहले इसी महीने कंपनी को 533 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑर्डर मिला था, जिसमें एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी समाधान, ड्रोन, जैमर और सॉफ्टवेयर शामिल थे। वहीं 17 सितंबर को कंपनी ने 648 करोड़ रुपये का ऑर्डर हासिल किया था। अगस्त के महीने में भी बीईएल ने दो बड़े ऑर्डर्स अपने नाम किए थे, जिनमें 26 अगस्त को मिला 730 करोड़ रुपये का ऑर्डर और 10 अगस्त को मिला 541 करोड़ रुपये का ऑर्डर शामिल था। इन सभी ऑर्डर्स के दम पर कंपनी की ऑर्डर बुक लगातार मजबूत स्थिति में पहुंच रही है।

पहली तिमाही का वित्तीय प्रदर्शन और आगे की बैठक

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान बीईएल का वित्तीय प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 9% बढ़कर 1,054.34 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था, जो इससे पिछले साल की समान तिमाही में 969.91 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी के कोर ऑपरेशन से रेवेन्यू में 25% की जबर्दस्त उछाल दर्ज हुई थी और यह 5,546.98 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। 1 जुलाई 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 72,258 करोड़ रुपये के भारी-भरकम स्तर पर थी। कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि 30 अक्टूबर 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होने जा रही है, जिसमें दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों पर विचार कर उन्हें मंजूरी दी जाएगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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