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  1. $100 की ओर बढ़ता कच्चा तेल और FIIs की बेरुखी! आज इन वजहों ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

मार्केट न्यूज़

$100 की ओर बढ़ता कच्चा तेल और FIIs की बेरुखी! आज इन वजहों ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 07, 2026, 12:13 IST

सारांश

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। बीते कारोबारी दिन यानी 4 सितंबर को FIIs ने 3111.94 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके अलावा 3 सितंबर को भी विदेशी निवेशकों ने 2345.87 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी।

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जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच आज क्रूड ऑयल के भाव में एक बार फिर उछाल आया है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 07 सितंबर को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 447 अंकों तक की गिरावट देखी गई और यह 76,068.48 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 140 अंक टूटकर 23757.65 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच आज क्रूड ऑयल के भाव में एक बार फिर उछाल आया है। इसके अलावा IT शेयरों में आज बिकवाली हो रही है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज की गिरावट के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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जियो पॉलिटिकल टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है। रॉयटर्स के मुताबिक ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर आगे कोई हमला हुआ, तो उसका "दर्दनाक जवाब" दिया जाएगा। जून में हुआ शुरुआती युद्धविराम समझौता टूट गया है, जबकि बातचीत को फिर से शुरू करने और शांति की राह पर लौटने की कूटनीतिक कोशिशों में बहुत कम प्रगति हुई है।

US सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया, जिनमें से एक खार्ग द्वीप के तट के पास था, जो ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है। दूसरी तरफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी ने कहा कि उसने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में अनधिकृत रास्तों से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और अन्य इलाकों में तीन अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया।

क्रूड ऑयल में उछाल

जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्रूड ऑयल के भाव में तेजी जारी है और अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ रहा है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.38 फीसदी की बढ़त के साथ 97.61 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। वहीं, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.72% बढ़कर $92.14 प्रति बैरल हो गया। पिछले हफ्ते ब्रेंट में 7.8% और WTI में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में यह भारत के लिहाज से अच्छी खबर नहीं है।

FII सेलिंग

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। बीते कारोबारी दिन यानी 4 सितंबर को FIIs ने 3111.94 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके अलावा 3 सितंबर को भी विदेशी निवेशकों ने 2345.87 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार पर घटते भरोसे ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है।

IT शेयरों पर दबाव

आज IT शेयरों में भी निवेशक जमकर बिकवाली कर रहे हैं। इसके चलते Nifty IT इंडेक्स में 2.30 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह 29973.15 के स्तर तक लुढ़क गया। Infosys, LTM, Mphasis, OFSS और Tech Mahindra के शेयरों में 2 से 3 फीसदी तक की गिरावट है। दरअसल, अमेरिका में मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि US फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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