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  1. RBI रेट हाइक से आज भी सहमा बाजार, FII सेलिंग और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से चौतरफा बिकवाली

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RBI रेट हाइक से आज भी सहमा बाजार, FII सेलिंग और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से चौतरफा बिकवाली

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड October 08, 2026, 11:35 IST

सारांश

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। FII ने 7 अक्टूबर को 6100 करोड़ रुपये से ज्यादा के भारतीय शेयर बेचे। इसके पहले भी 6 अक्टूबर को 2,961.30 करोड़ रुपये, 5 अक्टूबर को 4,699.14 करोड़ रुपये और 1 अक्टूबर को 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए थे।

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US के 30-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड लगभग 25 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

भारतीय शेयर बाजार में आज 08 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी दिन जमकर बिकवाली हो रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 525 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 72113.19 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 185 अंकों की कमजोरी के साथ 22,419.55 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके अलावा क्रूड ऑयल के भाव में उछाल और विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने भी बाजार का मूड खराब किया है। यहां हम जानेंगे कि बाजार में आज यह गिरावट क्यों आई है।

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RBI ने किया है रेट हाइक

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करीब 4 साल में पहली बार रेट हाइक का ऐलान किया है। रेपो रेट 25 बेसिस प्वॉइंट्स की बढ़ोतरी के साथ 5.50% हो गया है। साथ ही, RBI ने संकेत दिया कि निकट भविष्य में दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है और बढ़ती महंगाई, कमजोर रुपये और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।

RBI की छह सदस्यीय मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया। इसके साथ ही पॉलिसी के रुख को न्यूट्रल से बदलकर कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया गया है। इस खबर के बाद कल भी बाजार में बिकवाली हुई थी।

क्रूड ऑयल में उछाल

जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल के भाव में तेजी जारी है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 2.50 फीसदी बढ़कर 102.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनावों से पहले ईरान पर मिलिट्री स्ट्राइक की योजना बना रहे हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ गई हैं।

इसके साथ ही खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण पश्चिम एशिया से सप्लाई को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। इसलिए क्रूड ऑयल का बढ़ता भाव भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। FII ने 7 अक्टूबर को 6100 करोड़ रुपये से ज्यादा के भारतीय शेयर बेचे। इसके पहले भी 6 अक्टूबर को 2,961.30 करोड़ रुपये, 5 अक्टूबर को 4,699.14 करोड़ रुपये और 1 अक्टूबर को 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए थे। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल

बुधवार को US के 30-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड लगभग 25 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि महंगाई, फिस्कल दबाव और तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर नई चिंताओं के बीच निवेशकों ने सरकारी कर्ज से दूरी बना ली। बेंचमार्क लॉन्ग-टर्म यील्ड 5.7041 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले 24 सालों में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी सरकारी बॉन्ड्स अधिक आकर्षक हो जाते हैं, जिससे वे भारतीय जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में निवेश करने लगते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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