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US-Iran तनाव से कच्चा तेल 91 डॉलर के पार, आज इन वजहों से फिर लुढ़का बाजार

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड August 19, 2026, 11:04 IST

सारांश

अमेरिका और ईरान दोनों ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल के भाव में तेजी जारी है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.56 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 91.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। बता दें कि भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है।

Stock Market

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह आज ग्लोबल मार्केट में कमजोरी है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 19 अगस्त को एक बार फिर कमजोरी नजर आ रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex में 264 अंकों की गिरावट नजर आई और यह 76971.59 के स्तर तक लुढ़क गया। इसके अलावा Nifty 50 भी करीब 90 अंकों की कमजोरी के साथ 24065.10 के लेवल पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है, जिसके चलते आज क्रूड ऑयल का भाव एक बार फिर उछल गया है। पिछले 9 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स में करीब 2.46 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। वहीं, इस दौरान निफ्टी 50 भी करीब 2.20 फीसदी टूट चुका है। यहां हम जानेंगे कि बाजार में आज की गिरावट के लिए कौन सी वजहें जिम्मेदार हैं।
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मिडिल-ईस्ट में तनाव बरकरार

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को लेकर तनाव जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत से फिलहाल पीछे हटकर धीरे-धीरे दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब अमेरिका एक ही बार में बड़ा हमला करने के बजाय समय के साथ आर्थिक, कूटनीतिक और अन्य दबाव बढ़ाकर ईरान को कमजोर करने की योजना बना रहा है। इससे आशंका जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रह सकता है।

दूसरी तरफ ईरान और ओमान अलग से हॉर्मूज में शिपिंग ट्रैफिक को मैनेज करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इससे ट्रंप नाराज हो गए और उन्होंने ओमान के खिलाफ भी सैन्य हमले की संभावना की चेतावनी दी है।

इसके अलावा एक और खबर के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अनिश्चित काल के लिए व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम ईरान की सेना पर देश की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगने के बाद उठाया गया है। हालांकि तेहरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। इन सभी वजहों से निवेशकों का बाजार पर भरोसा कमजोर हुआ है।

कच्चे तेल के भाव में उछाल

अमेरिका और ईरान दोनों ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल के भाव में तेजी जारी है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.56 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 91.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। बता दें कि भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ना भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है।

ट्रेजरी यील्ड और रुपया

अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.73 फीसदी हो गई है। ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से भारत और दूसरे उभरते बाजार विदेशी निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा बुधवार को रुपया मामूली रूप से 1 पैसा बढ़कर 95.73 पर पहुंच गया। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में बेचैनी बनी हुई थी। इसके चलते रुपये भी दबाव में है।

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह आज ग्लोबल मार्केट में कमजोरी है। अमेरिकी शेयर बाजार में बीते कारोबारी दिन बिकवाली देखी गई। Dow Jones Industrial के साथ ही S&P 500 और Nasdaq भी लाल निशान पर बंद हुए। इसके अलावा रिपोर्ट लिखे जाने के समय सभी एशियाई बाजारों में गिरावट थी। आज जापान का Nikkei 225 इंडेक्स करीब 3.23 फीसदी टूट गया है। वहीं, Hang Seng, Taiwan Weighted, KOSPI और Shanghai Composite समेत सभी इंडेक्स लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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