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4 min read | अपडेटेड August 19, 2026, 09:42 IST
सारांश
शिपरॉकेट आईपीओ 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ। बोली लगाने के आखिरी यानी कि तीसरे दिन, 14 अगस्त शाम 6:54:35 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 48.38 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 125.20 गुना और NII कैटेगरी में 92.58 गुना सब्सक्राइब किया गया था।

आज शिपरॉकेट के शेयरों का मार्केट डेब्यू (Photo: Shutterstock)
शिपरॉकेट के शेयरों का मार्केट में डेब्यू हो गया है। 97 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शिपरॉकेट लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 35.05% के प्रीमियम के साथ 131 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। इस तरह से प्रति शेयर निवेशकों को 34 रुपये का प्रॉफिट मिला है। एक लॉट में 154 शेयर थे, ऐसे में प्रति लॉट निवेशकों को 5,236 रुपये का प्रॉफिट मिला है। शिपरॉकेट कंपनी क्या करती है, फ्यूचर प्लान्स क्या हैं, सब्सक्रिप्शन कितना रहा, चलिए इस आर्टिकल में समझने की कोशिश करते हैं। शिपरॉकेट आईपीओ 1,617.48 करोड़ रुपये का बुकबिल्ड इश्यू है, जिसका सब्सक्रिप्शन विंडो 12 से 14 अगस्त के बीच खुला था। वहीं इसके शेयरों का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइलाइज कर दिया गया था। अगर आपने इस आईपीओ में दांव लगाया है और आपको इसके शेयर अलॉट हो गए हैं, तो आज का दिन आपके लिए बहुत खास हो सकता है।
शिपरॉकेट आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के दौरान निवेशकों का दमदार रिस्पॉन्स देखने को मिला। शिपरॉकेट आईपीओ 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ। बोली लगाने के आखिरी यानी कि तीसरे दिन, 14 अगस्त शाम 6:54:35 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 48.38 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 125.20 गुना और NII कैटेगरी में 92.58 गुना सब्सक्राइब किया गया था। ऐसे में निवेशकों को लिस्टिंग के दौरान दमदार प्रॉफिट की आस है।
शिपरॉकेट आईपीओ का प्राइस बैंड 92 से 97 रुपये प्रति शेयर तय किया गया और एक एप्लिकेशन के लिए लॉट साइज 154 शेयरों का रखा गया। एक इंडिविजुअल इन्वेस्टर (रिटेल) के लिए जरूरी मिनिमम इन्वेस्टमेंट 14,938 रुपये तय की गई। इसमें फ्रेश शेयरों के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल कंपोनेंट भी शामिल है। यह इश्यू 9.13 करोड़ शेयरों के फ्रेश इश्यू (कुल 885.50 करोड़ रुपये) और 7.55 करोड़ शेयरों की बिक्री के लिए ऑफर (कुल 731.98 करोड़ रुपये) का कॉम्बिनेशन है। इस इश्यू में कर्मचारियों के लिए 1,13,636 तक शेयर रिजर्व्ड हैं, जो इश्यू प्राइस से 9 रुपये की छूट पर दिए जा रहे हैं।
2011 में शुरू हुई शिपरॉकेट एक भारतीय ई-कॉमर्स इनेबलमेंट कंपनी है। यह टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे समाधान देती है जो माइक्रो, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद करते हैं। Redseer रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025 में रेवेन्यू के मामले में शिपरॉकेट भारत का सबसे बड़ा नई पीढ़ी का एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म था। कंपनी ने शुरुआत में एक शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसकी मुख्य सेवाओं में घरेलू शिपिंग और शिपिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो इंस्टेंट पिकअप, ऑर्डर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी, वजन की जांच और तेज कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) पेमेंट सेटलमेंट जैसी सुविधाएं देते हैं।
कंपनी पांच बड़े शिपिंग रूट के जरिए इंटरनेशनल शिपिंग की सुविधा देती है, जो भारत को अमेरिका, यूके, कनाडा, यूरोप और सिंगापुर से जोड़ते हैं। इन रूट के जरिए, इसने फाइनेंशियल ईयर 2026 में 146 देशों में ग्राहकों को सेवा दी। शिपिंग के अलावा, शिपरॉकेट अब कई तरह की सेवाएं देता है, जैसे कि फुलफिलमेंट सेंटर, कार्गो और भारी लॉजिस्टिक्स, शिपरॉकेट ओमनी के जरिए ओमनीचैनल कॉमर्स सॉल्यूशन, कस्टम्स सपोर्ट के साथ इंटरनेशनल शिपिंग, एडवरटाइजिंग और मार्केटिंग टूल, चेकआउट और पेमेंट सॉल्यूशन, बिजनेस लोन, हाइपरलोकल डिलीवरी सर्विस और व्यापारियों पर केंद्रित अन्य प्रोडक्ट। शिपरॉकेट मुख्य रूप से इस्तेमाल के आधार पर कीमत तय करने वाले मॉडल (usage-based pricing model) से कमाई करता है। इसमें व्यापारी इस आधार पर भुगतान करते हैं कि वे प्लेटफॉर्म का कितना इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि शिपमेंट की संख्या, ट्रांजैक्शन या प्रोसेस किए गए ऑर्डर की वैल्यू।
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