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4 min read | अपडेटेड August 19, 2026, 09:51 IST
सारांश
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO 118.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 14 अगस्त, 2026 को शाम 6:54:44 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 54.12 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 222.04 गुना और NII कैटेगरी में 167.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

बिहारी लाल इंजीनियरिंग आईपीओ की लिस्टिंग (Photo: Shutterstock)
बिहारी लाल इंजीनियरिंग आईपीओ की लिस्टिंग हो गई है। आज एनएसई पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयर 63.16% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। इस तरह से प्रति शेयर निवेशकों को 180 रुपये का प्रॉफिट मिला है। बिहारी लाल इंजीनियरिंग आईपीओ 301.62 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। यह इश्यू 93 करोड़ रुपये के 0.33 करोड़ नए शेयरों और 208.62 करोड़ रुपये के .73 करोड़ शेयरों की बिक्री के ऑफर (OFS) का कॉम्बिनेशन है। वहीं बीएसई पर इसके शेयर 60.70% प्रीमियम पर 173 रुपये प्रति शेयर के प्रॉफिट पर लिस्ट हुए। एनएसई पर इसके शेयर 465 रुपये पर जबकि बीएसई पर इसके शेयर 458 रुपये पर लिस्ट हुए।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग आईपीओ के लिए सब्सक्रिप्शन 12 अगस्त, 2026 को शुरू हुआ था और 14 अगस्त, 2026 को बंद हो गया था। बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनलाइज कर दिया गया था। बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO के लिए प्राइस बैंड 271 से 285 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 52 शेयर है। एक इंडिविजुअल इन्वेस्टर (रिटेल) के लिए जरूरी कम से कम इन्वेस्टमेंट अमाउंट 14,820 रुपये (52 शेयर) रखा गया।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO 118.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 14 अगस्त, 2026 को शाम 6:54:44 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 54.12 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 222.04 गुना और NII कैटेगरी में 167.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 534.03 करोड़ रुपये और PAT 64.64 करोड़ रुपये रहा। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 5% बढ़कर 534 करोड़ रुपये हुआ, जबकि EBITDA लगभग 101 करोड़ रुपये रहा। सबसे अच्छी बात यह है कि नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2024 के 35.79 करोड़ रुपये से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में 64.64 करोड़ रुपये हो गया। यानी दो साल में मुनाफे में काफी मजबूत वृद्धि हुई है।
कंपनी का PAT FY24 से FY26 के बीच करीब 34% CAGR से बढ़ा है। EBITDA भी इसी पीरियड में लगातार बढ़ा है। इसका मतलब है कि कंपनी सिर्फ बिक्री नहीं बढ़ा रही, बल्कि ऑपरेटिंग स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। बिहारी लाल इंजीनियरिंग की बैलेंस शीट का एक पॉजिटिव पहलू इसका कम कर्ज है। FY26 में Debt-to-Equity Ratio करीब 0.06x रहा। RHP के अनुसार FY25 में यह 0.03x था। इसका मतलब कंपनी पर कर्ज का बोझ अपेक्षाकृत कम है। कंपनी का ऑर्डर बुक भी बढ़ा है। मार्च 2024 में यह करीब 85.55 करोड़ रुपये, मार्च 2025 में 93 करोड़ रुपये और मार्च 2026 में करीब 118.29 करोड़ रुपये था। 31 मई 2026 तक ऑर्डर बुक बढ़कर लगभग 178.57 करोड़ रुपये हो गई थी। हालांकि, कंपनी खुद स्पष्ट करती है कि ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू की गारंटी नहीं है।
1995 में बनी, बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड आयरन और स्टील बनाने वाली कंपनी है जो कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशन्स देने में माहिर है। कंपनी खास औद्योगिक कामों के लिए सटीक इंजीनियरिंग वाले पार्ट्स बनाती है, जिनमें मेटल रोल, इंजीनियरिंग कास्टिंग, अलॉय स्टील प्रोडक्ट, फोर्जिंग इंगॉट और शाफ्ट शामिल हैं। 31 मार्च, 2026 तक, कंपनी ने 1825 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को सेवा दी है। इसके ग्राहकों में अंबा शक्ति इंडस्ट्रीज, बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज, श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी, लैक्सकॉन स्टील्स, एमएसपी स्टील एंड पावर, जय बालाजी इंडस्ट्रीज, प्रोपेल इंडस्ट्रीज और मेट्सो इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसकी मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित हैं। 31 मई, 2026 तक, कंपनी का ऑर्डर बुक 1,785.69 मिलियन रुपये का था। बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO ने एंकर इन्वेस्टरों से 90.49 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO के लिए एंकर बिड की डेट 11 अगस्त, 2026 थी।
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