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  1. सेंसेक्स-निफ्टी में भारी उठापटक, अमेरिकी चुनाव के नतीजों और क्रूड ऑयल समेत इन फैक्टर्स का असर

मार्केट न्यूज़

सेंसेक्स-निफ्टी में भारी उठापटक, अमेरिकी चुनाव के नतीजों और क्रूड ऑयल समेत इन फैक्टर्स का असर

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड November 04, 2026, 11:48 IST

सारांश

अमेरिका के 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate), दोनों का नियंत्रण छीन लिया है। इसका मतलब है कि अब अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत होगा।

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पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 04 नवंबर को भारी उतार-चढ़ाव का माहौल है। आज शुरुआती कारोबार में BSE Sensex में करीब 480 अंकों की तेजी नजर आई और यह 77,396 के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि प्रॉफिट बुकिंग के चलते बाजार ने बाद में अपनी लगभग पूरी बढ़त गंवा दी। आज कारोबार के दौरान एक समय पर Sensex करीब 313 अंकों तक लुढ़क गया था। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Sensex में 23 अंकों की बढ़त थी और यह 76,941.52 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 46.95 अंक बढ़कर 23,857.80 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। यहां हम जानेंगे कि बाजार में आज के उतार-चढ़ाव के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन

अमेरिका के 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate), दोनों का नियंत्रण छीन लिया है। इसका मतलब है कि अब अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत होगा।

इस जीत से ट्रंप के लिए अपने बचे हुए दो साल के कार्यकाल में फैसले लेना पहले के मुकाबले मुश्किल हो सकता है। डेमोक्रेट्स अब ट्रंप की नीतियों से जुड़े बिलों को रोक सकते हैं, उनकी जांच कर सकते हैं और उनके प्रशासन से जवाब मांग सकते हैं। खासकर टैरिफ, ईरान के साथ युद्ध, महंगाई और रोजमर्रा की बढ़ती लागत जैसे मुद्दों ने चुनाव में अहम भूमिका निभाई है। चुनाव के नतीजों के बीच निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि आज बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है।

क्रूड ऑयल

पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव गिरकर 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है। निवेशक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का वाशिंगटन की विदेश नीति और मध्य पूर्व में संघर्षों को सुलझाने के राजनयिक प्रयासों पर क्या असर पड़ेगा। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता का माहौल है। बता दें कि भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।

FII और DII की खींचतान

पिछले कुछ समय में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में दिलचस्पी दिखाई है। 03 नवंबर को FIIs ने भारती बाजार में 6,836.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। दूसरी तरफ DII ने इसी दिन 3,678.85 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके पहले 02 नवंबर को भी FII ने 3,114.68 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। FII और DII की लगातार खरीद-बिक्री का असर बाजार पर दिख रहा है।

रुपये में मजबूती

आज बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 94.61 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और विदेशी फंडों के आने का असर रुपये पर दिख रहा है। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में खरीदारी के रुझान से भी भारतीय मुद्रा को मजबूती मिली, जबकि निवेशक अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों पर नजर रखे हुए हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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