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  1. NSE के शेयरों में Q2 नतीजों के बाद तेजी, 1% तक चढ़े शेयर, समझें कैसे रहे नतीजे

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NSE के शेयरों में Q2 नतीजों के बाद तेजी, 1% तक चढ़े शेयर, समझें कैसे रहे नतीजे

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड November 04, 2026, 09:27 IST

सारांश

NSE की सालाना आधार पर कमाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ट्रेडिंग सेगमेंट में बढ़ी गतिविधियां रहीं। दूसरी तिमाही में ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली आय 9% बढ़कर 3,035 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 2,789 करोड़ रुपये थी।

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सितंबर तिमाही में NSE का कुल खर्च 51% घटकर 1,161 करोड़ रुपये रह गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों में आज 04 नवंबर को शुरुआती कारोबार में बिकवाली नजर आई। हालांकि जल्द ही इसने वापसी की और यह शेयर BSE पर करीब 1 फीसदी तक चढ़कर 1821 रुपये के भाव पर पहुंच गया। बता दें कि यह कंपनी कुछ समय पहले ही शेयर बाजार में लिस्ट हुई है और अब इसने तिमाही नतीजों का ऐलान किया है। FY27 की दूसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में पिछली तिमाही के मुकाबले गिरावट आई है। इसके साथ ही कंपनी के रेवेन्यू के आंकड़े भी कमजोर नजर आ रहे हैं। हालांकि ध्यान रहे कि सालाना आधार पर प्रॉफिट और रेवेन्यू में उछाल आया है। NSE का मार्केट कैप 4.46 लाख करोड़ रुपये है।

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कैसे रहे तिमाही नतीजे

NSE का नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में 17.4% घटकर 2,575.9 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही में 3,120.1 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 10.8% गिरकर 4,066.8 करोड़ रुपये पर आ गया। पिछली तिमाही में यह 4,560.4 करोड़ रुपये था। EBITDA में भी 13.3% की गिरावट आई और यह 3,079 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 77.86% से घटकर 75.7% पर आ गया। दूसरी तरफ सालाना आधार पर NSE का प्रॉफिट 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं रेवेन्यू में भी 11 फीसदी का मजबूत उछाल आया है।

NSE की सालाना आधार पर कमाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ट्रेडिंग सेगमेंट में बढ़ी गतिविधियां रहीं। दूसरी तिमाही में ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली आय 9% बढ़कर 3,035 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 2,789 करोड़ रुपये थी। कैश मार्केट में कारोबार की औसत दैनिक वैल्यू 24% बढ़कर 1.18 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं, इक्विटी ऑप्शंस के प्रीमियम वैल्यू का औसत दैनिक कारोबार 3% बढ़कर 47,977 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी की अन्य आय में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। डेटा फीड और टर्मिनल सर्विस से होने वाली आय 43% बढ़कर 165 करोड़ रुपये हो गई। लिस्टिंग सर्विस से आय में 70% की बढ़ोतरी हुई और यह 150 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, निवेश से होने वाली आय 9% बढ़कर 237 करोड़ रुपये रही।

NSE के खर्चों में भी बड़ी गिरावट आई। सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 51% घटकर 1,161 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल यह 2,354 करोड़ रुपये था। इसकी मुख्य वजह यह रही कि पिछले साल कंपनी ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामले में SEBI सेटलमेंट फीस के लिए 1,297 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।

खर्च कम होने और आय बढ़ने का फायदा कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दिखा। NSE का ऑपरेटिंग EBITDA 107% बढ़कर 3,079 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान EBITDA मार्जिन 76% रहा। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा ऑपरेटिंग मुनाफे के रूप में बचाने में सफल रही।

हाल ही में हुई है NSE की लिस्टिंग

NSE के शेयरों की हाल ही में शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई है। यह आईपीओ 17-21 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इसका प्राइस बैंड 1700-1785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। कंपनी ने आईपीओ के जरिए 22,562.71 करोड़ रुपये जुटाया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों की लिस्टिंग फ्लैट लेकिन सकारात्मक रही थी। कंपनी के शेयर ₹1,800 प्रति शेयर के भाव पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट हुए थे। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर 0.84% के मामूली प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए थे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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