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  1. स्टर्लिंग एंड विल्सन और वारी एनर्जीज के शेयरों में आज आई तेजी के पीछे क्या कारण, हर डीटेल यहां

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स्टर्लिंग एंड विल्सन और वारी एनर्जीज के शेयरों में आज आई तेजी के पीछे क्या कारण, हर डीटेल यहां

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 22, 2026, 10:57 IST

सारांश

स्टर्लिंग एंड विल्सन के शेयर आज 186.66 रुपये प्रति शेयर तक चढ़े थे, वहीं वारी एनर्जीज के शेयर 2,541.80 रुपये प्रति शेयर तक चढ़े थे। चलिए एक नजर डालते हैं कि इन दोनों शेयरों में ये तेजी क्यों देखने को मिली?

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रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक्स

वारी एनर्जीज और स्टर्लिंग एंड विल्सन के शेयरों में तेजी क्यों? (Photo: Shutterstock)

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दो अहम कंपनियों के शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है। वारी एनर्जीज और स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी (SWREL) के शेयरों में आज सुबह से अच्छी खासी तेजी देखी गई। वारी एनर्जीज के शेयर 10:30 बजे के आस-पास करीब 1.15% यानी कि 30 रुपये के आस-पास चढ़कर 2,528 रुपये प्रति शेयर के करीब ट्रेड हो रहे थे। वहीं स्टर्लिंग एंड विल्सन के शेयर करीब 5% यानी कि 8-9 रुपये चढ़कर 182 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड हो रहे थे। स्टर्लिंग एंड विल्सन के शेयर आज 186.66 रुपये प्रति शेयर तक चढ़े थे, वहीं वारी एनर्जीज के शेयर 2,541.80 रुपये प्रति शेयर तक चढ़े थे। चलिए एक नजर डालते हैं कि इन दोनों शेयरों में ये तेजी क्यों देखने को मिली?

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स्टर्लिंग एंड विल्सन को मिले डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑर्डर्स

स्टर्लिंग एंड विल्सन ने ऐलान किया है कि उसे भारत की एक प्रमुख IPP से राजस्थान में कुल 534.3 MWp का ऑर्डर मिला है। कंपनी को दक्षिण अफ्रीका में मिडिल ईस्ट की एक प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट डेवलपर से कुल 616 MWh एनर्जी स्टोरेज क्षमता वाले दो BESS प्रोजेक्ट्स का ऑर्डर भी मिला है। टैक्स सहित दोनों ऑर्डर्स की कुल वैल्यू 985 करोड़ रुपये से ज्यादा है। राजस्थान का ऑर्डर एक नए कस्टमर से मिला है, जो स्टर्लिंग एंड विल्सन की बेहतरीन प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता पर इंडस्ट्री के अटूट भरोसे को फिर से साबित करता है। दक्षिण अफ्रीका का ऑर्डर एक पुराने कस्टमर से मिला है, जिसने स्टर्लिंग एंड विल्सन की विशेषज्ञता और लगन को देखा है, और इसी वजह से उन्हें इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने का काम कंपनी को सौंपने का भरोसा हुआ है।

राजस्थान प्रोजेक्ट में 'बैलेंस ऑफ सिस्टम' (BOS) पैकेज शामिल है, और दक्षिण अफ्रीका का ऑर्डर एक BESS टर्नकी EPC रैप प्रोजेक्ट के लिए है। स्टर्लिंग एंड विल्सन ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका का ऑर्डर SWREL द्वारा किया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा यूटिलिटी-स्केल BESS प्रोजेक्ट है। अनुमान है कि राजस्थान प्रोजेक्ट की क्षमता चालू होने पर CO₂ उत्सर्जन में लगभग 0.80 मिलियन की कमी लाएगी, जिससे एक ज्यादा सस्टेनेबल भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।

वारी एनर्जीज के शेयरों में तेजी क्यों?

वारी एनर्जीज को देश की एक बड़ी सोलर डेवलपर कंपनी से 2 GW सोलर मॉड्यूल सप्लाई करने का ऑर्डर मिला है। यह एक बार का ऑर्डर है जिसे FY27 और FY28 के दौरान पूरा किया जाएगा। कंपनी ने ऑर्डर की कीमत या ग्राहक की पहचान का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि यह ऑर्डर 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन' (आपस से जुड़ी पार्टियों के बीच लेन-देन) नहीं है और प्रमोटर ग्रुप का ऑर्डर देने वाली कंपनी में कोई हित नहीं है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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