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3 min read | अपडेटेड August 11, 2026, 10:19 IST
सारांश
प्राइमरी मार्केट में आज टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स और लीप इंडिया के आईपीओ में दांव लगाने का आखिरी दिन है। दूसरे दिन तक टेक्नोक्राफ्ट के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त सपोर्ट मिला और यह 4.74 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ लीप इंडिया का आईपीओ सुस्त रफ्तार के साथ 0.52 गुना ही भर पाया है।

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स और लीप इंडिया के आईपीओ आज बंद हो रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में आज दो कंपनियों के IPO में पैसे लगाने का आखिरी मौका है। टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स और लीप इंडिया का IPO आज बंद होने जा रहा है। बोली लगाने के दूसरे दिन तक निवेशकों की तरफ से दोनों IPO को काफी अलग-अलग रिस्पॉन्स मिला है। जहां एक तरफ टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स के IPO को निवेशकों का तगड़ा सपोर्ट मिला है और यह कई गुना भर चुका है, वहीं लीप इंडिया के IPO की रफ्तार अभी काफी सुस्त बनी हुई है। अगर आप भी इन IPO में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो बोली बंद होने से पहले इन दोनों कंपनियों के सब्सक्रिप्शन आंकड़े, बिजनेस मॉडल और पैसों के इस्तेमाल का पूरा प्लान समझ लेना बेहद जरूरी है।
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स के 252 करोड़ रुपये वाले IPO में निवेशकों का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। दूसरे दिन के अंत तक यह पब्लिक इश्यू कुल 4.74 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। आंकड़े बताते हैं कि रिटेल केटेगरी में इस IPO को 4.13 गुना बोलियां मिली हैं। इसके अलावा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्युआईबी केटेगरी में 4.50 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई केटेगरी में 6.48 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया है। कंपनी ने अपने शेयर के लिए 200 रुपये से 212 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
कंपनी के बिजनेस की बात करें तो टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी कंपनी है। यह पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी मुख्य रूप से वाटर सप्लाई, वेस्टवाटर ट्रीटमेंट, रोड्स और हाईवेज, पावर ट्रांसमिशन और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है। इसके साथ ही यह सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग टर्म ऑपरेशन और मेंटेनेंस सर्विसेज भी देती है। IPO से मिलने वाले पैसों के इस्तेमाल को लेकर कंपनी का प्लान बेहद साफ है। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए जाने वाले 202 करोड़ रुपये में से बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। बचा हुआ पैसा कंपनी के जनरल कॉरपोरेट परपज में खर्च किया जाएगा।
दूसरी तरफ 2,480 करोड़ रुपये के बड़े साइज वाले लीप इंडिया IPO को अब तक निवेशकों से ठंडा रिस्पॉन्स ही मिला है। दूसरे दिन तक यह पब्लिक इश्यू सिर्फ 0.52 गुना ही भर पाया है। केटेगरी वाइज सब्सक्रिप्शन की बात करें तो रिटेल केटेगरी में इसे 0.43 गुना बोलियां मिली हैं। क्युआईबी केटेगरी में यह 0.64 गुना सब्सक्राइब हुआ है, जबकि एनआईआई केटेगरी में 0.53 गुना बोली ही लग सकी है। कंपनी ने इस IPO के लिए 151 रुपये से 159 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
लीप इंडिया देश की जानी-मानी सप्लाई चेन और एसेट पूलिंग सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है। कंपनी पैलेट्स, क्रेट्स, कंटेनर्स और अन्य लॉजिस्टिक्स एसेट्स को किराए पर देने का काम करती है। एफएमसीजी, ऑटोमोटिव, रिटेल और फार्मा जैसे बड़े सेक्टर्स की कंपनियां इसके क्लाइंट्स हैं। IPO से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने ऊपर मौजूद कर्ज को कम करने के लिए करेगी। कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाए गए 480 करोड़ रुपये में से 360 करोड़ रुपये का उपयोग पुराने लोन के भुगतान में करेगी, जिससे कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत होगा और फ्यूचर में ब्याज का बोझ कम हो सकेगा।
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