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  1. Sugar Stocks में भारी बिकवाली, 15 दिन की स्टॉक लिमिट के बाद अब 10 लाख टन चीनी आयात को मिली है मंजूरी

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Sugar Stocks में भारी बिकवाली, 15 दिन की स्टॉक लिमिट के बाद अब 10 लाख टन चीनी आयात को मिली है मंजूरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 21, 2026, 11:58 IST

सारांश

सरकार ने गुरुवार को 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी। भारत में आमतौर पर चीनी के आयात पर 100% इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। करीब एक दशक में यह पहली बार है जब सरकार ने इतनी बड़ी मात्रा में चीनी आयात को मंजूरी दी है।

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Sugar Stocks

Sugar Stocks: चीनी की खपत आमतौर पर त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है।

शुगर कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को जमकर बिकवाली हो रही है। दरअसल, सरकार ने 10 लाख टन तक कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी है। सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह फैसला लिया है। इस खबर के बाद निवेशकों का शुगर कंपनियों पर भरोसा कमजोर हुआ है। बता दें कि इसके पहले सरकार ने बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए चीनी के स्टॉक पर लिमिट भी लगाया है।

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इन शेयरों में दिखी बिकवाली

आज के कारोबार में Dalmia Bharat Sugar का शेयर करीब 6.50 फीसदी तक लुढ़क गया। Dwarikesh Sugar Industries के शेयरों में भी 4 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी नजर आई। Bajaj Hindusthan Sugar में भी 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

इसके अलावा Balrampur Chini Mills का शेयर 4.30 फीसदी, Triveni Engineering & Industries का शेयर 3.80 फीसदी, Uttam Sugar Mills का शेयर 3.50 फीसदी, EID Parry India का शेयर 1.67 फीसदी और Dhampur Sugar Mills का शेयर 3.72 फीसदी तक लुढ़क गया।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

सरकार ने गुरुवार को 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी। भारत में आमतौर पर चीनी के आयात पर 100% इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। करीब एक दशक में यह पहली बार है जब सरकार ने इतनी बड़ी मात्रा में चीनी आयात को मंजूरी दी है।

दरअसल, घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई कम होने के कारण पिछले दो महीनों में कीमतों में करीब 40% की तेजी आई है। अब सरकार आयात के जरिए बाजार में ज्यादा चीनी उपलब्ध कराना चाहती है, ताकि कीमतों पर दबाव कम हो सके।

त्योहारों से पहले बढ़ाई जा रही सप्लाई

चीनी की खपत आमतौर पर त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है। इस समय मिठाइयों और दूसरी कन्फेक्शनरी चीजों की मांग बढ़ती है। इसके अलावा बड़े खरीदार भी पहले से चीनी का स्टॉक जमा करना शुरू कर देते हैं।

ऐसे में सरकार ने 31 अक्टूबर तक का आयात विंडो रखा है, ताकि त्योहारों के सीजन में घरेलू बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनी रहे। पोर्ट आधारित चीनी रिफाइनरी कंपनियां इस कोटे के तहत कच्ची चीनी का आयात कर सकती हैं।

शुगर कंपनियों के लिए क्यों चिंता की बात?

ड्यूटी फ्री आयात से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ सकती है। इससे कीमतें कम हो सकती हैं। चीनी की ऊंची कीमतों से कंपनियों को बेहतर बिक्री मूल्य यानी रियलाइजेशन मिल रहा था। अगर कीमतें घटती हैं तो कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने शुगर शेयरों में बिकवाली की।

हाल में शुगर शेयरों में आई थी तेजी

सरकार के इस फैसले से पहले शुगर शेयरों में जोरदार तेजी आई थी। घरेलू बाजार में कम सप्लाई और रिकॉर्ड कीमतों से कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद में निवेशकों ने खरीदारी की थी। गुरुवार को बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर करीब 18%, जबकि द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज करीब 14% चढ़ा था। कई अन्य शुगर शेयरों में भी 7-10% तक की तेजी देखने को मिली थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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