return to news
  1. इस तारीख से जियो के IPO में मिलेगा पैसा लगाने का मौका, 30,200 करोड़ जुटाने की तैयारी, RIL शेयरधारकों को मिलेगा खास कोटा

मार्केट न्यूज़

इस तारीख से जियो के IPO में मिलेगा पैसा लगाने का मौका, 30,200 करोड़ जुटाने की तैयारी, RIL शेयरधारकों को मिलेगा खास कोटा

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 14, 2026, 19:38 IST

सारांश

रिलायंस जियो ने अपने मेगा आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक चलेगा। 27 करोड़ शेयरों के इस नए इश्यू से कंपनी करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटाएगी।

reliance-jio-ipo-launch-date-price-band-

रिलायंस जियो का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।

रिलायंस जियो ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज यानी आरओसी के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया है। इसके मुताबिक, कंपनी का यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित होगा। इस पब्लिक ऑफर के तहत कंपनी कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी करने जा रही है। बाजार में काफी समय से इस मेगा आईपीओ का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

RIL शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए बड़ा कोटा

इस पब्लिक इश्यू में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा गया है। दस्तावेजों के अनुसार, योग्य रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रहेंगे। इससे RIL के मौजूदा निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स में शेयर पाने का सीधा रास्ता मिलेगा। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए भी 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व किए गए हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधीन है, इसलिए निवेशक लंबे समय से जियो की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे थे।

संभावित प्राइस बैंड और कंपनी की वैल्यूएशन

रिलायंस जियो का लक्ष्य करीब 106 अरब डॉलर यानी लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन हासिल करना है। कंपनी प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसके साथ ही यह हुंडई मोटर इंडिया के साल 2024 के आईपीओ को पछाड़कर भारत का सबसे बड़ा इश्यू बन जाएगा। इसका संभावित प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार, जियो की मौजूदा वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित ईवी और EBITDA के 12 गुना पर है, जबकि भारती एयरटेल का भारतीय कारोबार 10.3 गुना पर ट्रेड करता है। बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के अनुसार, यह प्राइसिंग पूरी तरह सही और संतुलित दिखती है।

पूरी तरह से फ्रेश इश्यू, कोई नहीं बेचेगा शेयर

जियो का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है और इसमें ऑफर फॉर सेल का कोई हिस्सा नहीं रखा गया है। इसका मतलब है कि मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो के मौजूदा रणनीतिक साझेदार इस ऑफर में अपने शेयर नहीं बेचेंगे। इनमें मेटा, गूगल, मुबाडाला और सऊदी अरब का पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड शामिल हैं। आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम सीधे जियो प्लेटफॉर्म्स के पास जाएगी। मेटा की सहयोगी कंपनी जादू होल्डिंग्स 9.98% और गूगल इंटरनेशनल 7.73% की हिस्सेदार है।

कर्ज चुकाने में होगा जुटाई गई रकम का इस्तेमाल

दस्तावेजों के अनुसार, जुटाए गए पैसों में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्जों को चुकाने के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के पास मोबाइल, ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एआई जैसे मजबूत डिजिटल कारोबार हैं और मार्च तक इसके पास 52.4 करोड़ ग्राहक थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आईपीओ को लेकर विदेशी निवेशकों में भारी उत्साह है और अब तक 20 अरब डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिल चुकी हैं। फिडेलिटी, एलियांज और कैपिटल ग्रुप जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख