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  1. मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 11 लाख से ज्यादा रेल कर्मचारियों को मिलेगा बोनस

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मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 11 लाख से ज्यादा रेल कर्मचारियों को मिलेगा बोनस

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 14, 2026, 17:02 IST

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि करीब 11.4 लाख रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 53,428 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ सोशल सिक्योरिटी नेट को 2031 तक विस्तार दिया गया है।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसलों की जानकारी दी।

नई दिल्ली में हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों के हित में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार द्वारा लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की भलाई, सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और दिव्यांगजनों की सहायता से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। इन फैसलों से देश के लाखों कर्मचारियों और जरूरतमंद नागरिकों को सीधा फायदा मिलने जा रहा है।

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रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस को मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट की बैठक में लिया गया पहला बड़ा निर्णय रेलवे कर्मचारियों से संबंधित है। सरकार ने रेलवे के कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले से देश भर के लगभग 11.4 लाख यानी करीब 1.14 मिलियन रेल कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार के इस कदम से रेलवे परिवार से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि इससे कर्मचारियों को आर्थिक रूप से बड़ा संबल प्राप्त होगा।

सोशल सिक्योरिटी नेट का साल 2031 तक विस्तार

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दूसरे बड़े फैसले का उल्लेख करते हुए बताया कि देश के सोशल सिक्योरिटी नेट का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत का सोशल सिक्योरिटी नेट दुनिया के सबसे व्यापक और बड़े सामाजिक सुरक्षा ढांचों में से एक माना जाता है। सरकार ने इसे और मजबूत बनाते हुए अब साल 2031 तक के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस विस्तारित सामाजिक सुरक्षा तंत्र के प्रभावी संचालन और निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से कुल 53,428 करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान किया गया है। इस बड़े बजट के जरिए कमजोर और वंचित वर्गों को लंबे समय तक सुरक्षा कवच मिलता रहेगा।

कैबिनेट के फैसलों में दिव्यांगजनों के कल्याण को लेकर भी एक बेहद संवेदनशील और राहत भरा निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मिलने वाली दिव्यांग पेंशन के पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। इससे पहले दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% होना अनिवार्य थी, जिसके कारण कई जरूरतमंद लोग इस सहायता से वंचित रह जाते थे। सरकार ने अब इस पात्रता सीमा को सीधे आधा करते हुए 40% कर दिया है।

40% दिव्यांगता वाले लोगों को भी मिलेगा लाभ

पात्रता के इस नए नियम के लागू होने के बाद अब 40% दिव्यांगता स्तर वाले नागरिक भी सरकार की दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से पात्र होंगे। इस सीमा को घटाने से पेंशन का दायरा काफी बढ़ जाएगा और समाज के एक बड़े वर्ग को आर्थिक सहारा मिल सकेगा। कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में लिए गए इन सभी फैसलों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सरकारी मदद पहुंचाना है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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