मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड August 27, 2026, 14:23 IST
सारांश
ऑटो और होम एप्लायंसेज सेक्टर से आई मजबूत डिमांड के कारण जून 2026 तिमाही में स्टील सेक्टर की प्रमुख कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और सेल का नेट प्रॉफिट बढ़ा है।
शेयर सूची

ऑटो और होम एप्लायंसेज सेक्टर की मजबूत मांग के दम पर जून 2026 तिमाही में स्टील कंपनियों का नेट प्रॉफिट उछला है।
ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिकल एप्लायंसेज सेक्टर में आई तगड़ी बिक्री के चलते जून 2026 तिमाही के दौरान स्टील प्रॉडक्ट्स की मांग में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इसका सीधा फायदा देश की प्रमुख स्टील कंपनियों को मिला है। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और सेल (SAIL) जैसी दिग्गज कंपनियों ने जून 2026 तिमाही में बेहतर प्राइस रियलाइजेशन और लागत पर सख्त नियंत्रण के दम पर नेट प्रॉफिट में जोरदार बढ़त दर्ज की है। मिडिल ईस्ट के संकट के बावजूद यूजर इंडस्ट्रीज की ओर से स्टील की मांग पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी दरों में कटौती का फायदा भी स्टील कंपनियों को मिला है।
सरकारी स्टील कंपनी सेल (SAIL) का पहली तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 138.8% बढ़कर 1,636 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी ने इस दौरान 4.5 मिलियन टन स्टील की बिक्री की और इसका रियलाइजेशन 5.7% बढ़कर 58,323 रुपये प्रति टन हो गया। कारों और एप्लायंसेज में इस्तेमाल होने वाले फ्लैट स्टील प्रॉडक्ट्स का प्रोडक्शन कुल उत्पादन का 52.7% रहा। लागत पर कड़े नियंत्रण से कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 500 बेसिस पॉइंट बढ़कर 15.8% हो गया, जबकि ऑपरेशन से रेवेन्यू 1.2% बढ़कर 26,245.6 करोड़ रुपये रहा।
जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) का कंसोलिडेटेड स्टील सेल्स वॉल्यूम सालाना आधार पर 4% बढ़कर 6.25 मिलियन टन रहा, जो जून तिमाही के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रियलाइजेशन 5.9% बढ़कर 75,782 रुपये प्रति टन दर्ज किया गया, जिससे ऑपरेशन से रेवेन्यू 9.8% बढ़कर 47,364 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। लागत में आई कुशलता के कारण कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 220 बेसिस पॉइंट बढ़कर 19.8% रहा और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 112.6% बढ़कर 4,696 करोड़ रुपये रहा।
टाटा स्टील (Tata Steel) के भारतीय ऑपरेशन्स के शानदार प्रदर्शन ने ब्रिटेन और नीदरलैंड्स के कमजोर प्रदर्शन की भरपाई कर दी। भारतीय ऑपरेशन्स से कंपनी की डिलीवरी सालाना आधार पर बढ़कर 5.17 मिलियन टन रही, जहां ऑटो और हाउस बिल्डर्स से तगड़ी मांग मिली। ओडिशा के कलिंगनगर प्लांट में अतिरिक्त क्षमता शुरू होने से भी मदद मिली। भारत में रियलाइजेशन 3.5% बढ़कर 67,576 रुपये प्रति टन रहा, जिससे भारतीय डिवीजन का सेगमेंट प्रॉफिट 29.6% बढ़कर 9,409.2 करोड़ रुपये हो गया। यूके ऑपरेशन्स में 340.7 करोड़ रुपये का लॉस हुआ और नीदरलैंड्स का सेगमेंट प्रॉफिट घटकर 39.1 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, टाटा स्टील का कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.8% बढ़कर 2,385.2 करोड़ रुपये रहा।
दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक देश चीन में जनवरी से जून 2026 के दौरान स्टील उत्पादन 3% घटकर 500 मिलियन टन रहा। वहां रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती और अमेरिका, EU और भारत द्वारा इम्पोर्ट टैरिफ बढ़ाए जाने से चीनी उत्पादन घटा है, जिससे भारतीय स्टील कंपनियों को बेहतर रियलाइजेशन मिला। शेयर बाजार में भी तेजी दिखी। 27 अगस्त दोपहर तक के आंकड़ों के मुताबिक जहां सेल पिछले 1 महीना में लगभग 15 फीसदी, जेएसडब्ल्यू 7 फीसदी और टाटा स्टील एक महीना लगभग दो फीसदी मजबूत हुआ है। ACE Equity के डेटा के मुताबिक, टाटा स्टील का पीई 20 और जेएसडब्ल्यू का 27.1 है, जबकि सेल का पीई 16.4 है, यानी इन दोनों की तुलना में सेल डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख