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4 min read | अपडेटेड September 01, 2026, 09:52 IST
सारांश
दिसंबर 1984 में बनी Skyways Air Services Limited (SASL) एक जानी-मानी लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी है, जिसे भारत के एयर फ्रेट फॉवर्डिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में चार दशकों से ज्यादा का अनुभव है।

स्कायवेज एयर सर्विस के शेयरों की लिस्टिंग (Photo: Shutterstock)
स्कायवेज एयर सर्विस लिमिटेड के शेयरों की आज मार्केट में एंट्री हो गई है। स्कायवेज एयर सर्विस आईपीओ का सब्सक्रिप्शन बढ़िया रहा था और ऐसे में दमदार लिस्टिंग की उम्मीद की जा रही थी, हालांकि लिस्टिंग पर निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है। एनएसई पर इसके शेयर 10.14% डिस्काउंट पर यानी कि 14 रुपये के नुकसान पर लिस्ट हुए हैं। 138 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले इसके शेयर 124 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। वहीं बीएसई पर 9.78% के डिस्काउंट पर इसके शेयर लिस्ट हुए। जहां निवेशकों को प्रति शेयर लिस्टिंग पर 13.50 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी का बिजनेस कितना बड़ा है, कंपनी क्या करती है और चलिए इन सारी डीटेल्स पर एक नजर डालते हैं। स्कायवेज एयर आईपीओ 582.80 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 398.80 करोड़ रुपये के 2.89 करोड़ फ्रेश शेयर और 184 करोड़ रुपये के 1.33 करोड़ शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) शामिल है। स्कायवेज एयर आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24 अगस्त, 2026 को खुला था और 27 अगस्त, 2026 को बंद हो गया था। स्कायवेज एयर आईपीओ के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 28 अगस्त, 2026 को फाइनलाइज हो गया था।
स्कायवेज एयर आईपीओ के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 138 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 100 शेयर है। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी मिनिमम इन्वेस्टमेंट 13,800 रुपये (100 शेयर) रखा गया।
स्कायवेज एयर IPO 71.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 27 अगस्त, 2026 को शाम 6:54:35 बजे (चौथे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 25.40 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 139.69 गुना और NII कैटेगरी में 87.24 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
अगर आप स्कायवेज एयर सर्विस आईपीओ की वित्तीय स्थिति देख रहे हैं, तो तस्वीर मिक्स्ड लेकिन ग्रोथ-ओरिएंटेड दिखती है। कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट लगातार बढ़ा है, लेकिन इसके साथ बॉरोइंग भी बढ़ी हैं। आईपीओ के रिस्टेटेड कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स के मुताबिक FY2026 में कंपनी का ऑपरेशन्स रेवेन्यू 2,839.67 करोड़ रुपये रहा, जो FY2025 के 2,270.99 करोड़ रुपये से करीब 25% ज्यादा है। इसी दौरान PAT 48.14 करोड़ रुपये से बढ़कर 63.52 करोड़ रुपये हो गया, यानी लगभग 32% की वृद्धि। EBITDA भी 86.49 करोड़ रुपये से बढ़कर 125.65 करोड़ रुपये हुआ।
दिसंबर 1984 में बनी, स्कायवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड (SASL) एक जानी-मानी लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी है, जिसे भारत के एयर फ्रेट फॉवर्डिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में चार दशकों से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई तरह की सर्विसेज देती है, जैसे एयर और ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, ट्रकिंग, वेयरहाउसिंग, कस्टम्स ब्रोकिंग, टेक्नोलॉजी-बेस्ड एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी, और दूसरी वैल्यू-एडेड सर्विसेज। यह कस्टम हाउस एजेंट से बढ़कर एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर बन गई है, जो घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में एंड-टू-एंड सप्लाई चेन सॉल्यूशन देती है।
मार्केट में कंपनी की मजबूत स्थिति और ग्लोबल कनेक्टिविटी है, वर्ल्ड ACD के अनुसार, 2022 से 2025 तक लगातार चार कैलेंडर वर्षों में जारी किए गए AWB के आधार पर इसे नंबर 1 एयर फ्रेट फॉरवर्डर का दर्जा मिला है। इसके कामकाज को सऊदी कार्गो, एयर इंडिया कार्गो, एमिरेट्स और लुफ्थांसा जैसी बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइंस के साथ रणनीतिक गठजोड़ और WCA, AOP, C5C, MGLN, GFA और TWIG जैसे ग्लोबल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मेंबरशिप से मदद मिलती है। कंपनी ने फ्रेट बुकिंग, शिपमेंट ट्रैकिंग, वर्कफ्लो ऑटोमेशन, डॉक्यूमेंटेशन और ऑपरेशनल रिपोर्टिंग में मदद के लिए SLS HIKE, SLS 100X, SLS 100X 2.0, कार्गो डैश, Skart-Edge और आने वाले ASAP प्लेटफॉर्म जैसे अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म भी डेवलप किए हैं।
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