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4 min read | अपडेटेड August 11, 2026, 15:10 IST
सारांश
सीमेंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.8% बढ़कर 4,714 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि कच्चे माल की कीमते बढ़ने से कंपनी का नेट प्रॉफिट 343 करोड़ रुपये रहा।

सीमेंस लिमिटेड ने अपनी पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं जिसमें रेवेन्यू और ऑर्डर्स में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है।
टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बड़ी कंपनी सीमेंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के लिए अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में अपने ऑपरेशन से रेवेन्यू में शानदार बढ़त हासिल की है। बाजार में मजबूत मांग के चलते कंपनी को मिलने वाले नए ऑर्डर्स में भी तगड़ा उछाल देखने को मिला है। हालांकि कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी और रुपये की कमजोरी का असर कंपनी के प्रॉफिट पर साफ नजर आया है। आइए जानते हैं कि इस तिमाही में कंपनी का पूरा रिपोर्ट कार्ड कैसा रहा है।
सीमेंस लिमिटेड की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.8% बढ़ गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह रेवेन्यू 4,108 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 4,714 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी के नेट प्रॉफिट की बात करें तो इसमें थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 343 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 422 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। कंपनी का कहना है कि कमोडिटी यानी कच्चे माल की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव और विदेशी मुद्रा में बदलाव के कारण ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर असर पड़ा है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित हुआ है।
इस तिमाही में कंपनी के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि उसे मिलने वाले नए ऑर्डर्स में शानदार तेजी दर्ज की गई। अप्रैल से जून 2026 के बीच कंपनी को कुल 6,328 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स मिले हैं, जो पिछले साल के 5,431 करोड़ रुपये के मुकाबले 16.5% ज्यादा है। कंपनी के पास अभी कुल 46,670 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर बैकलॉग है, जो 9.6% की बढ़त दिखाता है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का एक बहुत बड़ा ऑर्डर मिला था। अगर उस बड़े ऑर्डर को हटाकर देखा जाए तो नए ऑर्डर्स की ग्रोथ लगभग 43.9% बैठती है। यह आंकड़े कंपनी के मजबूत फ्यूचर आउटलुक का संकेत देते हैं।
सीमेंस के अलग अलग बिजनेस सेगमेंट ने भी इस दौरान अच्छा काम किया है। कंपनी के डिजिटल इंडस्ट्रीज बिजनेस को सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग, मेटल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर्स से कई नए ऑटोमेशन ऑर्डर्स मिले हैं। इसके साथ ही स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में भी ग्रिड मॉर्डनाइजेशन, डेटा सेंटर और कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर से मजबूत मांग देखने को मिल रही है। वहीं मोबिलिटी बिजनेस में भी रोलिंग स्टॉक सेगमेंट के जरिए अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है।
रेगुलर ऑपरेशन के अलावा इस तिमाही में कंपनी ने एक बड़ी डील भी पूरी की है। सीमेंस लिमिटेड ने अपने लो वोल्टेज मोटर्स बिजनेस को बेचने का काम पूरा कर लिया है। इस बिजनेस को कैश डील के तहत बेचा गया है जिससे कंपनी को 2,099 करोड़ रुपये का बड़ा वन टाइम फायदा हुआ है। इस मुनाफे को कंपनी ने बेचे गए ऑपरेशंस से होने वाले लाभ के रूप में दिखाया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुनील माथुर ने बताया कि घरेलू बाजार में पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर्स से मजबूत मांग आ रही है। उनका पूरा फोकस अपने सभी बिजनेस में प्रॉफिटेबल ग्रोथ हासिल करने पर बना हुआ है।
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