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  1. बाजार की चाल बदलेंगे यह बड़े बदलाव, इस सप्ताह रखें इन बातों का ध्यान

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बाजार की चाल बदलेंगे यह बड़े बदलाव, इस सप्ताह रखें इन बातों का ध्यान

Upstox

4 min read | अपडेटेड July 20, 2026, 07:46 IST

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह भारी उतार चढाव देखने को मिल सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों से बाजार की दिशा तय होगी। एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को सावधानी से निवेश करने की सलाह दी है।

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शेयर बाजार के उतार चढाव के बीच संभलकर कदम बढ़ा रहे निवेशक। | Image: Shutterstock

भारतीय शेयर बाजार में पिछला हफ्ता बढ़त के साथ खत्म हुआ था और निवेशकों ने जमकर खरीदारी की थी। लेकिन अब आने वाले दिनों में बाजार की चाल बदल सकती है। ईरान और अमेरिका के बीच अचानक भड़के युद्ध ने दुनियाभर की चिंता बढ़ा दी है। दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके कारण कच्चे तेल के दामों में भी तेजी देखी जा रही है। ऐसे में इस सप्ताह बाजार में निवेश करने वाले लोगों की नजर कई बड़े बदलावों पर रहेगी, जो बाजार को एक नई दिशा दे सकते हैं।

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पिछले सप्ताह कैसा रहा बाजार का हाल?

पिछले सप्ताह के कामकाज पर नजर डालें तो सेंसेक्स करीब 0.75% की बढ़त के साथ 78,151 अंक पर बंद होने में कामयाब रहा था। इसी तरह निफ्टी 50 भी लगभग 0.53% चढ़कर 24,334 अंक के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि बाजार के बड़े शेयरों में तेजी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। हाल के दिनों में आई बड़ी तेजी के बाद इन शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिसकी वजह से ये सूचकांक हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।

इन वैश्विक कारणों से मचेगी हलचल

आने वाले हफ्ते में भारतीय बाजार की चाल पर सबसे ज्यादा असर ग्लोबल मार्केट की हरकतों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और मध्य पूर्व के हालातों का पड़ने वाला है। बीते शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों में बहुत बड़ी बिकवाली देखी गई थी। खास तौर पर सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई, जिसने निवेशकों को परेशान कर दिया है। अगर अमेरिकी बाजार की यह मंदी आगे भी जारी रहती है, तो भारत की आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।

कच्चे तेल और युद्ध का खतरा

बाजार के जानकारों का मानना है कि अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर सबसे ज्यादा नजर रखनी होगी। अगर मध्य पूर्व के देशों में स्थिति और ज्यादा बिगड़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर हमारे बाजार पर पड़ेगा और उतार चढाव काफी ज्यादा बढ़ सकता है।

तिमाही नतीजों पर टिकी नजरें

घरेलू स्तर पर भी अगले सप्ताह बाजार में काफी ज्यादा गहमागहमी रहने की उम्मीद है। 20 जुलाई से लेकर 24 जुलाई के बीच देश की कई बड़ी कंपनियां अपने अप्रैल से जून की पहली तिमाही यानी Q1 के नतीजे पेश करने वाली हैं। इन नतीजों से कंपनियों के कामकाज और उनकी कमाई का पता चलेगा, जिसका सीधा असर उनके शेयरों की कीमतों पर होगा।

इस बदलते माहौल को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को बहुत ही संभलकर काम करने को कहा है। उनका कहना है कि किसी भी शेयर के पीछे बिना सोचे समझे नहीं भागना चाहिए। केवल मजबूत फंडामेंटल वाली अच्छी कंपनियों में ही अपना पैसा लगाना इस समय सबसे सुरक्षित रहेगा। कुल मिलाकर देखें तो आने वाले समय में शेयर बाजार की पूरी चाल वैश्विक घटनाओं, तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है, इसलिए सतर्क रहकर ही निवेश का फैसला लें।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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